Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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मुख्य अर्थ: यह युक्त कर का वितरण मूसा ने एलीआजर को दिया
गिनती 31:41 में दर्शाया गया है कि यहूवा की भेंट के रूप में प्राप्त कर को मूसा ने याजक एलीआजर को सौंप दिया। इसका तात्पर्य है कि युद्ध-यात्राओं के पश्चात् निर्धारित सम्पत्ति को विधिपूर्वक मंदिर-संग्रह के लिए स्वीकार करना और पवित्र-संरक्षित व्यवस्था के अनुसार बाँटना एक धार्मिक-चिन्ह है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
युद्ध के दौरान माला-भर समूहों के बीच हुए संघर्ष के बाद, इस्राएली समाज में धन-सम्पत्ति और वनस्पति-चनों की सीमाओं के बारे में स्पष्ट निर्देश थे। मोशे ने यह भेंट, जो कि यहोवा के पवित्र उद्देश्य की पूर्ति के लिए थी, मंदिर के सेवकों और याजकों के लिए निर्धारित की। यह घटना बाइबल में एक संतुलित वितरण का उदाहरण है, जिसमें मोर्चों के परिश्रम और धार्मिक कार्यालयों के लिए निधि-उत्पादन संतुलित रहता है।
व्याख्यात्मक बिंदु
संबद्ध आयतों की परावर्तन (Cross-references)
महत्वपूर्ण टिप्पणी (कठोर, संक्षेप)
यह verse यह दिखाता है कि परमेश्वर की भेंटों का आयोजन और वितरण क्रम-विहीन नहीं होता; यह एक संरचित, पवित्र-कार्य के अनुसार किया गया था ताकि समुदाय में धार्मिक जिम्मेदारी और समानता बनी रहे।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
Related commentary note: यह-वाक्यांश के अर्थ पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-ग्रंथ-आधारित विचारों को संतुलित करते हुए एक संयुक्त व्याख्या प्रस्तुत की गई है, ताकि पाठक को तथ्य और प्रेरणा दोनों मिलें।
हमें यह समझना चाहिए कि यह वितरण समुदाय के आध्यात्मिक-कार्य और मंदिर-सेवा के लिए निधि-संचय का एक ठोस संकेत था—जो यहोवा के नगर-प्रदाान की पवित्रता और वास्तविकता को बनाए रखता है।