Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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सीधे अर्थ का उद्घाटन
गिनती 32:25 का यह शाब्दिक वाक्य कहता है कि गादी और रूसिन्ति के समूह मूसा से कहकर अपने प्रभु की आज्ञा के अनुसार सेवा करने के लिए तैयार हुए। इसका आशय यह है कि वे संघर्ष के समय नहीं, बल्कि अपने हिस्से की माँग के साथ प्रतिबद्धता दिखाते हैं ताकि सम्पूर्ण समाज के लिए यातायात और बंटवारे की योजना स्पष्ट हो सके।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
घटना तब की है जब प्राचीन इस्राएल वन के ठीक बीच-बीच भर गया था और दोवन के पुत्रों गाद और रूबेन ने अपने वंश के लिए एक विशेष भूमि-प्रतिभाग्यता की माँग की। उनका प्रस्ताव यह था कि वे अपने परिवारों के लिए उन क्षेत्रों में बसना चाहते हैं जो तकरीबन पार्थिक सीमा से बाहर थे। इसके साथ ही उन्होंने मूसा से कहा कि वे परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार सेवा करेंगे। यह बताता है कि वे उत्तरदायित्व स्वीकार करना चाहते थे, भले ही उनका जीवन-यात्रा मार्ग व्यावहारिक रूप सेALK निर्धारित था।
interpretive observations
मुख्य विचारसूचियाँ
अन्य प्रासंगिक पद", "उद्धरण/संदर्भ (Cross-references) :
संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष
जब समूह अपने हिस्से की जिम्मेदारी लेने और परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार चलने का संकल्प दिखाते हैं, तब समाज में स्थिरता और समर्पण का वातावरण बनता है। छोटे निर्णय भी इतिहास में बड़े बदलाव ला सकते हैं, यदि वे विश्वास और समर्पण के साथ लिये जाते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (नोट): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से विशिष्ट उद्धरण यहां सीधे नहीं दिये गये हैं; आवश्यकता होने पर उनके संस्करणों के वही वाक्य संयोजन यहां संकलित किए जा सकते हैं।