Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
प्रकाशितवाक्य 1 प्रकाशितवाक्य 2 प्रकाशितवाक्य 3 प्रकाशितवाक्य 4 प्रकाशितवाक्य 5 प्रकाशितवाक्य 6 प्रकाशितवाक्य 7 प्रकाशितवाक्य 8 प्रकाशितवाक्य 9 प्रकाशितवाक्य 10 प्रकाशितवाक्य 11 प्रकाशितवाक्य 12 प्रकाशितवाक्य 13 प्रकाशितवाक्य 14 प्रकाशितवाक्य 15 प्रकाशितवाक्य 16 प्रकाशितवाक्य 17 प्रकाशितवाक्य 18 प्रकाशितवाक्य 19 प्रकाशितवाक्य 20 प्रकाशितवाक्य 21 प्रकाशितवाक्य 22Verse
प्रकाशितवाक्य 17:1 प्रकाशितवाक्य 17:2 प्रकाशितवाक्य 17:3 प्रकाशितवाक्य 17:4 प्रकाशितवाक्य 17:5 प्रकाशितवाक्य 17:6 प्रकाशितवाक्य 17:7 प्रकाशितवाक्य 17:8 प्रकाशितवाक्य 17:9 प्रकाशितवाक्य 17:10 प्रकाशितवाक्य 17:11 प्रकाशितवाक्य 17:12 प्रकाशितवाक्य 17:13 प्रकाशितवाक्य 17:14 प्रकाशितवाक्य 17:15 प्रकाशितवाक्य 17:16 प्रकाशितवाक्य 17:17 प्रकाशितवाक्य 17:18



प्रकाशितवाक्य 17:16 पर मुख्यinterpretive बिंदु
इस पद का सार यह है कि अंत समय में वह दृष्टांत जो वेश्या (बैथलैहम-सी हमराज) की परige लड़ी थी, सातों सींग वाले शक्तिशाली दल के साथ एक सख्त और निर्णायक संघर्ष में टूट कर डाल देगा। यह आपके पाठ के भीतर दिखती हुई नृशंसता, दुष्ट शक्तियों का विरोध और अंततः परमेश्वर की न्यायसक्तता की पूर्ण पराकाष्ठा को दर्शाता है। दस सींग वही शक्तिशालियाँ हैं जो वह राक्षसी साम्राज्य बनाती है; वे वेश्या पर कब्जा नहीं टिकने देंगी, उसका समाज गौण और उद्धार के बजाय विनाश होता दिखेगा। अंततः आग में जलना दर्शाता है कि शष्ट-नियति में निर्गत दुष्टों की हार निश्चित है, और परमेश्वर का न्याय पथभ्रष्टों के विरुद्ध पूर्ण रूप से बनी रहती है।
साहित्यिक संदर्भ
यह वाक्य दृश्य-यथार्थ का एक हिस्सा है जो प्रेरित प्रकरण के रूप में अद्भुत प्रतीकों से भरा है। वेश्या का चित्रण शिक्षा देता है कि संसार की कट्टर-चालाक शक्तियाँ पाप को बढ़ावा देती हैं, परन्तु परमयोगी धर्मयुद्ध का लक्ष्य उन सबको समूल समाप्त करना है। कृति के ऐतिहासिक-आख्यानिक संदर्भ में यह विश्वविद्यालय के गहरे चिन्ह हैं, जहाँ साम्राज्य और भ्रष्टाचार का संयोजन एक पवित्र न्याय के सामने झुकता है।
बहुविध प्रमुख विचार (थियोलॉजिक और साहित्यिक)
पवित्र-वाक्यों से सम्बन्ध (Cross References)
ऊपर के विचारों को मजबूत करने के लिए नीचे 2-3 क्रॉस-रेफरेंसेज़ दी जा रहीं हैं:
संकेत: क्रॉस-रेफरेंसेज़ के साथ लेखक यह संकेत देता है कि वहेश्या और दस सींग का शत्रु एक साथ इस ब्रह्मांडीय न्याय-योध्या में हराने के लिए आक्रमण करेंगे, पर परमेश्वर की योजना सर्वोपरि है।
प्रश्न-चिंतन के लिए (Reflection Questions)
सारांश निष्कर्ष
यह पाठ परमेश्वर के न्याय की अंतिम विजय की ओर संकेत करता है: दुष्ट शक्तियाँ, भले ही वे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में परमेश्वर के क्रोध और न्याय के सामने परास्त होंगी। जीवन में पाप के मोह को तोड़कर एक पवित्र, स्वतंत्र और भरोसेमंद आस्थावानता बनाए रखना ही शुद्धता का मार्ग है।
पक्का उद्धरण (Public-domain commentators)
इस टिप्पणी में प्रकाशित-जीवन के अनुसार, Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक-डोमेन रचनाओं के प्रकाश से संक्षेपित विचार उपयोग किए गए हैं। नीचे उनके अपने स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हैं (यदि उपलब्ध हो):
Matthew Henry: "They shall consume her with fire." (यानी आग से उसे जला दें) — यह सार यहाँ उनकी टिप्पणी के अनुरूप है।
Albert Barnes: "The beast and the ten horns shall destroy the harlot, and burn her with fire." — उनके अनुसार यह दुष्ट शासन का निर्णायक विनाश दर्शाता है।
Adam Clarke: "The ten horns shall hate the whore, and shall make her desolate and naked." — Clarke के शब्दों में भी यह शत्रु-समूह की निंद निष्कर्ष है।
नोट: ऊपर दिए गए उद्धरण केवल संक्षेप में दर्शाने के लिए हैं; पूर्ण पाठ के लिए मूल सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियाँ देखें।