Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
रोमियों 16:1 रोमियों 16:2 रोमियों 16:3 रोमियों 16:4 रोमियों 16:5 रोमियों 16:6 रोमियों 16:7 रोमियों 16:8 रोमियों 16:9 रोमियों 16:10 रोमियों 16:11 रोमियों 16:12 रोमियों 16:13 रोमियों 16:14 रोमियों 16:15 रोमियों 16:16 रोमियों 16:17 रोमियों 16:18 रोमियों 16:19 रोमियों 16:20 रोमियों 16:21 रोमियों 16:22 रोमियों 16:23 रोमियों 16:24 रोमियों 16:25 रोमियों 16:26 रोमियों 16:27



रोमियों 16:6 का महत्व और संदर्भ
यह छोटा-सा वाक्य रोमियों के अंतिम अध्याय में है, जहाँ प्रेरित पॉल अपनी प्रिय भाइयों-बहनों के बीच सामुदायिक प्रेम और आभार व्यक्त करते हैं। “मरियम को जिस ने तुम्हारे लिये बहुत परिश्रम किया, नमस्कार” ऐसा कहकर वह उनके साथ कार्य करने वालों के समर्पण को मान देता है। यह verse हमारे लिए आध्यात्मिक समुदाय के भीतर विनम्रता, परिश्रम और आत्म-समर्पण की महत्ता को उजागर करता है।
आसपास का ऐतिहासिक संदर्भ
रोमियों के इस हिस्से में पॉल बारह-चौदह नामों के साथ ऐसे कार्यकर्ताओं के बारे में बताता है जो मंत्रालय में सक्रिय रहे। मरियम उन महिलाओं में से एक थीं जिन्होंने अपने समय, संसाधन और सेवा से समुदाय की आवश्यकता पूरी की। यह दर्शाता है कि पहली सदी की चर्च में सेवा केवल प्रचार-प्रसार नहीं, बल्कि घर-घर की सेवा, सन्निकट सहयोग और समस्या-समाधान भी थी।
मुख्य संदेश
इस वाक्य का मूल संदेश है—किसी भी समुदाय की वृद्धि और समर्थना अनेक हाथों के मिलकर करने से संभव होती है। मरियम ने जिस प्रकार परिश्रम किया, उसका उल्लेख करके पॉल ने यह दिखाया कि प्रभु के काम में सृजनात्मक भागीदारी विविधों द्वारा की जाती है। हर सेवक का योगदान महत्वपूर्ण है, चाहे उसका स्वरूप छोटा हो या बड़ा।
थीम-समर्थन
Cross-references (संक्षेप में) और उनका संकेत
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि सेवा, निष्ठा और भाईचारे के मूल्य कितने स्थायित्व के साथ चर्च के अंग बनते हैं:
इन संदर्भों की सामान्य दृष्टि यह है कि चर्च में सामूहिक कार्य और व्यक्तिगत निष्ठा एक उज्जवल मिशन की कुंजी हैं—यही मरियम के योगदान का संकेत है।
अनुकरणीय उद्धरण और निहायत आवश्यक उद्धरण
नोट: नीचे तीन प्राचीन टिप्पणीकारों में से अगर उनके प्रत्यक्ष उद्धरण उपलब्ध हों, वे केवल छोटा-सा अंश उद्धृत किया गया है:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों में से यदि उपलब्ध हों, तो उनके संकीर्ण शब्द जो स्पष्ट रूप से उद्धृत होते हैं, उपलब्ध हैं:
उद्धरण की स्थिति: यदि इनमें से किसी के भी कार्य से छोटा-सा स्पष्ट कथन आता है, तो उसे यहाँ संक्षेप में करना उचित माना गया है।
व्यावहारिक पद
व्यावहारिक प्रार्थना
हे प्रभु, मेरी सहायता करें कि मैं भी मरियम की तरह अपने समुदाय के लिए निरन्तर सेवा कर सकूं, अपनी उंगली-सी छोटी-सी भूमिका भी प्रियदर्शी बन जाए और तुम्हारे कार्य को आगे बढ़ाने में समर्थ बने रहूं।
आखिरी विचार
रोमियों 16:6 हमें याद दिलाता है कि चर्च परिवार के हर सदस्य का योगदान मायने रखता है। परमेश्वर की योजना में विविध सेवाएँ एक साथ मिलती हैं और एक सुसंगत मिशन बनाती हैं।