श्रेष्ठगीत 5:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मेरा प्रेमी गोरा और लालसा है, वह दस हजार में उत्तम है।

श्रेष्ठगीत 5:10 पद-दर-पद बाइबल टीका

श्रेष्ठगीत 5:10 पर टिप्पणी (HINIRV)

सीधा अर्थ यह है कि प्रेमिका अपने प्रेमी को अत्यंत विशिष्ट और बेमिसाल बताती है—वह “गोरा और लालसा” है, और “दस हजार में उत्तम”। यहाँ “गोरा” रूप-आकर्षण के प्रति सहज और आकर्षक प्रेरणा की अभिव्यक्ति है, परन्तु यह कथन केवल सौंदर्यशास्त्र तक सीमित नहीं है; यह प्रेम की गहराई और अनन्यता की मान्यता भी है।

पृष्ठभूमि

श्रेष्ठगीत (गीतशास्त्र) में वर्षा-पूर्ण प्रेमगीतों के बीच, बहन-बेटे-पति-पत्नी के पारस्परिक आकर्षण और स्नेह को अलंकारिक भाषा में दर्शाया गया है। यहाँ स्त्री अपने प्रेमी की विविधताओं और उसकी महत्ता को उकेरती है। इस पद में भौतिक सौंदर्य के साथ उसकी बौद्धिक, नैतिक और आत्मीय ठहराव का उल्लेख भी पीछे होता है।

व्याख्या के मुख्य बिंदु

  • प्रेम की विशिष्टता: “दस हजार में उत्तम” कहकर वह प्रेमी की अनन्यता दर्शाती है—उसमें संसार भर के मुकाबले एक असीम श्रेष्ठता है।
  • रूप-आकर्षण और आस्था: “गोरा” शब्द से बाह्य सौंदर्य संकेतित है, पर यह पंक्ति आंतरिक विश्वास और प्रेम की दृढ़ता को भी मान्य करती है कि वही स्थिर और टिकाऊ है।
  • प्रेम की गहराई: पद यह संकेत देता है कि प्रेम बिना शर्त, ग्रहणशील और पूर्णता की प्रतीक्षा में है।

विचारशील संकेत (interpretive observations)

- यह एक भाव-प्रधान प्रशंसा है, जो प्रेमी की एकता, सामंजस्य और पवित्र लगाव को प्रकट करती है।

- “गोरा” रूपक है जो प्रकृति और पवित्रता के साथ जुड़ा है; प्रेम की पवित्रता भी उसी प्रकार उजागर होती है।

- “दस हजार में उत्तम” आत्म-आस्थ के लिए उच्च मानक स्थापित करता है; प्रेम न केवल सौंदर्य, बल्कि विशिष्टता और समर्पण का भी प्रतिबिंब है।

संलग्न पाठ (Cross-references)

  • उद्धार की दलील: ज्यों-ज्यों प्रेम अधिक गहरा होता है, त्यों-त्यों विकर्षण घटता है—यही एक पवित्र रिश्ते की दृश्यता है। (उल्लेख: गीत 4:7; 6:3)
  • परम रोमांस के लिए आदर: प्रेम की श्रेष्ठता सांसारिक मूल्य से ऊपर है; ऐसा संबंध प्रेम-निष्ठा में स्थिर रहता है। (उल्लेख: राज 3:4; इब्र 13:4)
  • आत्मिक ऊँचाई: भीतर की सुंदरता से प्रेम की गहराई बढ़ती है; बाह्य रूप-स्वरूप के साथ हृदय की शुद्धि महत्त्वपूर्ण है। (उल्लेख: मत्त 5:8; 1 पतरस 1:22)

कथनात्मक सार

श्रेष्ठगीत 5:10 हमें यह याद दिलाता है कि प्रेम का मूल्य केवल बाह्य सौंदर्य तक सीमित नहीं है—यह एक ऐसी गहरी प्रतिबद्धता है जो प्रेमी को असाधारण मान से देखती है। सामाजिक मानदंडों से ऊपर उठकर, वास्तविक प्रेम समर्पण, विश्वास और आत्मीय संगति से परिभाषित होता है।

व्यावहारिक takeaway

योग्य उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से किसी ठोस वाक्य का संक्षिप्त उल्लेख आवश्यक हो, तो वे नीचे की प्रविष्टियों में उद्धृत केवल संक्षेप रूप में शामिल हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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