Old Testament
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श्रेष्ठगीत 5:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
उसकी आँखें उन कबूतरों के समान हैं जो दूध में नहाकर नदी के किनारे अपने झुण्ड में एक कतार से बैठे हुए हों।
श्रेष्ठगीत 5:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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श्रेष्ठगीत 5:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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श्रेष्ठगीत 4:1 (HINIRV) »
हे मेरी प्रिय तू सुन्दर है, तू सुन्दर है! तेरी आँखें तेरी लटों के बीच में कबूतरों के समान दिखाई देती है। तेरे बाल उन बकरियों के झुण्ड के समान हैं जो गिलाद पहाड़ के ढाल पर लेटी हुई हों। (नीति. 5:19)

श्रेष्ठगीत 1:15 (HINIRV) »
तू सुन्दरी है, हे मेरी प्रिय, तू सुन्दरी है; तेरी आँखें कबूतरी की सी हैं।

इब्रानियों 4:13 (HINIRV) »
और सृष्टि की कोई वस्तु परमेश्वर से छिपी नहीं है वरन् जिसे हमें लेखा देना है, उसकी आँखों के सामने सब वस्तुएँ खुली और प्रगट हैं।
श्रेष्ठगीत 5:12 का साक्षात्कार और अर्थ
अभीष्ट संदर्भ में अभिव्यक्ति: “उसकी आँखें उन कबूतरों के समान हैं जो दूध में नहाकर नदी के किनारे अपने झुण्ड में एक कतार से बैठे हुए हों।” यह वाक्य छह अध्याय के शिष्य-भाव की एक दृश्य-प्रतिमा है, जिसमें दुल्हन की चाहना और प्रेम-आकांक्षा कुछ सूक्ष्म, नर्म और पवित्र ढंग से प्रकट होती है। यह कविता-संयोजन प्रेमी-प्रेमिका के बीच के दृश्यों को भावनात्मक गहराई देकर प्रस्तुत करता है।
Immediate setting (स्थिति का संदर्भ)
श्रेष्ठगीत में दुल्हन और दुल्हा विविध प्रेम अनुभूतियों के माध्यम से एक-दूसरे के प्रति निष्ठा और मिलन की चाह दर्शाते हैं। यहाँ आँखों की तुलना कबूतरों से नहाने और किनारे-किनारे बैठे रहने की एक मधुर, शांत तस्वीर उत्पन्न करती है—यानी पवित्र, सरल और सुव्यवस्थित प्रेम का चित्र जो भरोसे से परिपूर्ण है।
परमेश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो दिखता है
यह छवि निजी प्रेम के भीतर भी ईश्वर के साथ अद्वित प्रेम-आस्था को उद्घाटित करती है: एक-दूसरे के प्रति dikkat, शांति और भलाई की प्रतीक्षा—यही विश्वास की स्थिरता है। कबूतर पवित्रता और सरलता के प्रतीक माने जाते हैं; दूध में स्नान से शुद्धता का संकेत मिलता है, और किनारे पर एक कतार में बैठना क्रम और समर्पण की अनुभूति देता है। यह सब मिलकर प्रेम के वे धार्मिक गुण उभारता है जो ईश्वर के साथ रिश्ते को भी संवर्धित करते हैं: पवित्रता, भरोसा, और एक-दूसरे के साथ एक साफ़-सीधी साथी-भावना।
शब्दों और चित्रों की व्याख्या
- आँखें: चेतना और देखभाल의 प्रतीक; प्रेमी-प्रेमिका के बीच एक जागरूक, देखभाल करने वाली दृष्टि।
- कबूतर: निष्कपटता, शांति और पवित्र प्रेम के संकेत।
- दूध में नहाकर: स्पष्ट पवित्रता और भरोसे की स्वच्छता।
- नदी के किनारे एक कतार: अनुभव की शांति, क्रम और एक जुटता का संकेत।
संबद्ध अंश
1) स्रोत-चित्रण में वही दृश्य जो दुल्हा-दुल्हन के प्यार की क्लिष्टता को भी सरलता से प्रस्तुत करता है; 2) कहानी-युक्त प्रेम में दृश्य-आलंबन से आध्यात्मिक स्थिरता उभरती है; 3) पवित्रता और विश्वास के गुण प्रेम में भी बंधन कमज़ोर नहीं करते, बल्कि उसे गहराते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेज (3) और संक्षेप व्याख्या
यदि आप चाहें तो नीचे के दायरे से पाठ–आधार से जुड़ी पंक्तियाँ देखें, जो प्रेम में विश्वास और पवित्रता की गहराई को मजबूत बनाती हैं।
आज के जीवन में अनुप्रयोग