Old Testament
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इब्रानियों 4:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और सृष्टि की कोई वस्तु परमेश्वर से छिपी नहीं है वरन् जिसे हमें लेखा देना है, उसकी आँखों के सामने सब वस्तुएँ खुली और प्रगट हैं।
इब्रानियों 4:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 4:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 4:5 (HINIRV) »
इसलिए जब तक प्रभु न आए, समय से पहले किसी बात का न्याय न करो: वही तो अंधकार की छिपी बातें* ज्योति में दिखाएगा, और मनों के उद्देश्यों को प्रगट करेगा, तब परमेश्वर की ओर से हर एक की प्रशंसा होगी।

नीतिवचन 15:3 (HINIRV) »
यहोवा की आँखें सब स्थानों में लगी रहती हैं*, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं।

इब्रानियों 4:13 पर दृष्टिकोण
इस आयत में लेखक हमें सृष्टि की किसी भी वस्तु के पीछे नहीं छिपने देता। परमेश्वर की आंखों के सामने सब कुछ खुला है और हमें उसके सामने लेखा देने की तैयारी करनी चाहिए। यह पाठ विशेष रूप से ईमानदार आत्म-निरीक्षण, निष्ठा और विश्वास के जीवन के लिए एक कसौटी प्रस्तुत करता है।
ईश्वरीय निगाह और विश्वास की द्योतकता
“सृष्टि की कोई वस्तु परमेश्वर से छिपी नहीं है”—यह वाक्य परमेश्वर की सर्वज्ञता और सीमा-पार दृष्टि को उजागर करता है। परमेश्वर जो सर्वज्ञ है, जो हृदय की धड़कनों तक पहचानता है, वह हर क्रिया, विचार और योजना को देखता है। विश्वास उसी तथ्य को मानता है कि हमारे अंदर जो विश्वास, बुराई, प्रेरणा या प्रेरणा-हीनता है, उसे भी वह जान लेता है।
महत्वपूर्ण शब्द और imagery
संबद्ध आयतें और उनके सार
यह भाव अदृश्य के दृश्यत्व को बताता है; नीचे के संदर्भ उसे पुख्ता करते हैं:
पवित्र टीका—महत्त्वपूर्ण विचार
हिंदी भाषी पाठकों के लिए यह आयत विश्वास-जीवन के आंतरिक रवैये को परखने का अवसर है। यह हमें चेतावनी देता है कि किसी भी प्रकार का छल, आत्म-धोखा या मनोविकार परमेश्वर की दृष्टि से छिपे नहीं रहते; और साथ ही यह आश्वासन भी देता है कि सत्य उजागर होकर हमारा उद्धार कर सकता है जब हम उसे स्वीकार करें।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संক্ষेप)
1) बनाम 1:13— परमेश्वर की राज्य-आधारभूत सत्ता को याद दिलाता है कि सब चीजें उसके अधिकार के अधीन हैं।
2) यूहन्ना 3:20— जो व्यक्ति अपने कर्मों को छिपाने का प्रयास करता है, वह अँधेरा नहीं चाहता; पर परमेश्वर की प्रकाश-यथार्थता उसे बताती है।
3) 2 कुरिन्थियों 5:10— हमें लेखापदी के समय खरे उतरना होगा; परमेश्वर के सामने हमारी सर्वथा जवाबदेही है।
आज का उपयोग-जीवन में अनुप्रयोग
कुल मिलाकर, यह आयत हमें याद दिलाती है कि सत्य और पारदर्शिता भगवान के राज्य के जीवन-साक्ष्य हैं, और यह बोध हमें विश्वास-यात्रा में दृढ़ बनाता है।
या अनुसार महिमा-चर्चा (संक्षेप): ऐन मार्घरे—“कोई वस्तु परमेश्वर से छिपी नहीं है; सब कुछ खुला और प्रगट है”—यह विचार हमें सच्चे विश्वास के साथ चालने को प्रेरित करता है, ताकि हम हर दिन उसके सम्मुख सत्य बन सकें।