Old Testament
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इब्रानियों 4:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और हम जिन्होंने विश्वास किया है, उस विश्राम में प्रवेश करते हैं; जैसा उसने कहा, “मैंने अपने क्रोध में शपथ खाई, कि वे मेरे विश्राम में प्रवेश करने न पाएँगे।” यद्यपि जगत की उत्पत्ति के समय से उसके काम हो चुके थे।
इब्रानियों 4:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 4:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 95:11 (HINIRV) »
इस कारण मैंने क्रोध में आकर शपथ खाई कि ये मेरे विश्रामस्थान में कभी प्रवेश न करने पाएँगे*। (इब्रा 3:7-19)

1 पतरस 1:20 (HINIRV) »
मसीह को जगत की सृष्टि से पहले चुना गया था, पर अब इस अन्तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ।

मत्ती 11:28 (HINIRV) »
“हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे* लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूँगा।
इब्रानियों 4:3 का तात्पर्य: विश्राम में प्रवेश
परिस्थितिपूर्ण पृष्ठभूमि: इंगित वाक्य उन विश्वासियों के संदर्भ में है যারা परमेश्वर के साथ एक स्थिर व सुरक्षित विश्राम की आशा रखते हैं। लेखक कहता है कि जिन्होंने विश्वास किया है, वे उस विश्राम में प्रवेश करते हैं जिसे परमेश्वर ने रचा था। यह विश्राम केवल भौतिक विश्राम नहीं, बल्कि परमेश्वर के उद्देश्य और वायदों में स्थिरता, नईसभ्यता के पूरे क्रम का भाग है।
ईश्वर और विश्वास पर जो पाठ बताते हैं
यह वचन दिखाता है कि ईश्वर ने जिस विश्राम की बात की है, वह वास्तविक और स्थायी है—एक ऐसी स्थिति जिसमें विश्वासी परमेश्वर के साथ निकटता, सुरक्षा और आराम पाते हैं। “जगत की उत्पत्ति के समय से उसके काम हो चुके थे” का संकेत है कि ईश्वर का संसर्ग और कार्यक्रम एक निर्धारित क्रम में पूर्ण हो चुका है; विश्वास उसी क्रम में प्रवेश का मार्ग बनाता है।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
- विश्राम: यहाँ शाब्दिक अर्थ है शांति, मुक्तिदायिनी स्थिरता और परमशांति में प्रवेश। यह परमेश्वर के योजनाबद्ध उद्धारकार्य के पूर्णत्व का संकेत है।
- विश्वास: यह निर्भरता, आशा और ईश्वर की वाणी पर पूर्ण भरोसा है; विश्वास से ही मनुष्य उस विश्राम को अपनाता है जो ईश्वर देता है।
प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंसेज
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि विश्राम एक जीवन-मूलक स्थिति है जो केवल विश्वास के द्वारा ही प्राप्त होती है और परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप पूर्णता तक पहुँचती है।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
- आस्था के आधार पर विश्राम की पुष्टि: जीवन के तनावों, जिम्मेदारियों और अस्थिरताओं के बीच, हम विश्वास से ईश्वर के विश्राम में प्रवेश की आशा बनाए रखें।
- ईश्वर के क्रियात्मक योजना पर भरोसा: भले ही हमारी समझ पूरी न हो, उसका पुरा किया हुआ काम और समय-guide हमें स्थिर रहते हैं।
- सांसारिक शांति बनाम ईश्वर की शांति: भौतिक आराम की जगह परम शांति को प्राथमिकता दें, जो आत्मा को चंगा करती है और रिश्तों में स्थिरता लाती है।
संरचित सार
जो विश्वास करते हैं, वे ईश्वर के निर्धारित विश्राम में प्रवेश करते हैं—एक ऐसी स्थिति जिसमें जीवन की कुण्ठा और चिंता दूर होकर, परमेश्वर के प्रेम और शक्ति के साथ नया जीवन मिल पाता है। यह विश्राम परमेश्वर की पूरक वाणी और उद्धारकार्य के साथ जुड़ा है, जिसे विश्वासी अभ्यास और आजीवन विश्वास के साथ ग्रहण करते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (स्रोत-नोट): यदि उपलब्ध हों, मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के ठीक-ठीक छोटे उद्धरण पाठ्य में सम्मिलित होंगे।