Old Testament
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इब्रानियों 4:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तो जब यह बात बाकी है कि कितने और हैं जो उस विश्राम में प्रवेश करें, और इस्राएलियों को, जिन्हें उसका सुसमाचार पहले सुनाया गया, उन्होंने आज्ञा न मानने के कारण उसमें प्रवेश न किया।
इब्रानियों 4:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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इब्रानियों 4:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 21:43 (HINIRV) »
“इसलिए मैं तुम से कहता हूँ, कि परमेश्वर का राज्य तुम से ले लिया जाएगा; और ऐसी जाति को जो उसका फल लाए, दिया जाएगा।

इब्रानियों 3:18 (HINIRV) »
और उसने किन से शपथ खाई, कि तुम मेरे विश्राम में प्रवेश करने न पाओगे: केवल उनसे जिन्होंने आज्ञा न मानी? (भज. 106:24-26)

प्रेरितों के काम 28:28 (HINIRV) »
अतः तुम जानो, कि परमेश्वर के इस उद्धार की कथा अन्यजातियों के पास भेजी गई है, और वे सुनेंगे।” (भज. 67:2, भज. 98:3, यशा. 40:5)
इब्रानीयों 4:6 का संपूर्ण सार और संदर्भ
पद नीचे कहता है कि बाकी यह है कि कितने और प्रवेश करेंगे, और वे इस्राएल के लोग जिन्होंने पहले धृष्टता से ईश्वर के सुगम सुसमाचार को ठुकराया, उनके कारण प्रवेश नहीं कर पाए। यह पंक्ति पूर्वर्ती धारणाओं को स्पष्ट करती है कि ईश्वर के विश्राम में आने के लिए विश्वास और आज्ञापालन अनिवार्य है; निष्क्रियता और अविश्वास इस विश्राम को रोक देते हैं। लेखक यह दिखाता है कि नया धर्मयुग उन लोगों के लिए खुला है जिन्होंने ईश्वर के बुलावे पर भरोसा रखा और उस विश्राम के लिए तत्पर रहें।
मुख्य अर्थ
यह अनुभाग विश्राम की भूमिका को पुनः प्रस्तुत करता है—परमेश्वर का विश्राम केवल हर स्वीकृत प्रार्थना या उपाधि तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वास में प्रवेश और निर्भीकता के साथ चलना है। ईश्वर ने पुराने समय में इस्राएल को भाग-दृष्टि दी, परन्तु उनका अविश्वास और अवज्ञा उन्हें विश्राम में प्रवेश करने से रोक दिया गया। नये उपदेशक के अनुसार, ईश्वर का विश्राम आज भी उपलब्ध है, पर वह उन लोगों के लिए अधिकारिक है जो विश्वास में दृढ़ रहते हैं और उसकी आवाज़ पर आज्ञा मानते हैं।
दो मुख्य विषय
संबद्ध आयतें (cross-references)
यहोशू 1:8—आज्ञा-मालन और दृढ़ विश्वास के साथ परमेश्वर की राह पर चलना विश्राम के प्रवेश का मार्ग है। यह पुष्टि करता है कि ईश्वर के कथन पर टिके रहने से ही विश्राम मिलता।
यूहन्ना 6:37—जो कोई भी मुझे आता है, मैं उसे नहीं निकालता; यह उद्धृत विचार विश्वास के साथ संलग्न रहने की प्रेरणा देता है।
कुली 2:16-17—परंपरा और नियमों का विश्राम न होकर, मसीही विश्वास के भीतर वास्तविक स्वतंत्रता का अनुभव दिया गया है।
व्यावहारिक विचार
हममें से प्रत्येक के लिए यह प्रश्न है: क्या हम भरोसे के साथ ईश्वर के विश्राम में प्रवेश कर पाए हैं? विश्राम ऐसा नहीं कि忙 केवल विश्राम की स्थिति हो, बल्कि यह एक जीवन-पथ है जिसमें हम ईश्वर के वचन पर टिके रहते हैं, उसके बुलावे पर प्रतिक्रिया देते हैं, और अपने विश्वास को समर्पित करते हैं। दैनिक निर्णयों में ईश्वर की आज्ञा-मानना ही प्रवेश की कुंजी है — छोटे-छोटे कदमों से भी, जैसे नम्रता, सेवाभाव, और पवित्र जीवन की दिशा।
संक्षेप सार
इब्रानीयों 4:6 यह स्पष्ट करता है कि विश्राम में प्रवेश के लिए विश्वास और आज्ञापालन आवश्यक हैं। पुराने विश्वासघाती विफलताओं की पृष्ठभूमि में नया संदेश हमें बताता है कि ईश्वर का विश्राम अभी भी उपलब्ध है, परन्तु इसे प्राप्त करने के लिए निरंतर विश्वास, धैर्य, और ईश्वर की आवाज़ पर कार्य करने की आवश्यकता है।
नोट: इस चर्चा में नीचे उद्धृत अंश Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे शब्द शामिल हैं यदि उपलब्ध होंगी।