Old Testament
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1 यूहन्ना 5:13 — परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास रखने की पुष्टि
यह वाक्य पहले पाठ से जुड़ा हुआ है कि भगवान दूसरों के साथ सचेत, विश्वासयोग्य रिश्ते बनाते हैं, ताकि जो विश्वास करे वह अनन्त जीवन का आश्वासन पाए. लेखक इस संदेश को उन विश्वासियों के लिए लिखता है जो यीशु के नाम पर परमेश्वर के पुत्र होने में confiar करते हैं, ताकि वे अपने उद्धार की सुरक्षा में दृढ़ रहें.
यह वाक्य परमेश्वर के बारे में क्या बताता है
व्यवस्थित रूप से देखें तो यह उद्धार के ठोस प्रमाण को स्थापित करता है: विश्वास वह मार्ग है जिसके द्वारा एक व्यक्ति परमेश्वर के पुत्र बन जाता है, और यह पुत्रत्व अनन्त जीवन के साथ जुड़ा है. परमेश्वर वह है जो अपने बेटे के नाम पर विश्वास करने वालों को जान लेता है और उनके जीवन में उसकी रक्षा का आश्वासन देता है. यह सूत्र न सिर्फ ज्ञान का विषय है, बल्कि आत्म-विश्वास और स्थिरता से भरा अनुभव भी है: विश्वासकर्ता सत्य जान लें कि उनके साथ परमेश्वर का प्रेम और विश्वास-योग्यता है.
महत्वपूर्ण शब्द और छवि
सम्बन्धित ग्रंथ
1 यूहन्ना की पुस्तक में पहले की चेतावनियाँ और आत्म-प्रमाण से जुड़ी बातें मिलती हैं, जैसे कि अध्याय 1:5-7—कथा-रहस्य का उजाला, और अध्याय 4:15—जो सत्य मानता है वह परमेश्वर के साथ रहता है. ये संदर्भ इस इशारे को मजबूत करते हैं कि विश्वासी को विश्वास के द्वारा जीवन की वास्तविकता मिलती है, न कि केवल शब्दों से.
आज के संदर्भ में प्रयोग
यह वचन हिदायत देता है कि विश्वास के बावजूद स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है. जीवन की परीक्षा में भी जो व्यक्ति यीशु के नाम पर विश्वास रखता है, उसे आशा है कि उसका यह विश्वास अनन्त जीवन के साथ जुड़ा है. इससे प्रेरणा मिलती है कि मुश्किल समय में भी उद्धार की सुरक्षा पर भरोसा बना रहे, और अपनी पहचान परमेश्वर के पुत्र के रूप में, प्रेम और नम्रता के साथ निभाते रहें.
सूक्ष्म cross-reference
- यह विश्वास-जीवन का दायरा जो 1 यूहन्ना 5:13 से जुड़ता है, बाइबल के अन्य हिस्सों में भी है जहाँ से उद्धार के सत्य पर बल दिया गया है। उदाहरण के लिए, यूहन्ना 3:16 में प्रेम का संकेत है और रोमियों 8:38-39 में प्रेम का अटूट प्रमाण. ये पाठ समाहित करते हैं कि विश्वास परमेश्वर के प्रेम में स्थित है।
सारांश
1 यूहन्ना 5:13 विश्वासियों को यकीन देता है कि परमेश्वर के पुत्र के नाम पर विश्वास करने से उनका जीवन-सम्बन्ध सुरक्षित है—उनके पास अनन्त जीवन है। यह केवल doctrinal सत्य नहीं, बल्कि हर दिन के व्यवहार और धैर्य के लिए प्रोत्साहन है: अपने विशेष संबंध को जीवित रखें, विश्वास में स्थिर रहें, और परमेश्वर के प्रेम की गवाही दें।
उद्धरण नोट: (यदि उपलब्ध) "Matthew Henry" के स्वर में यह वचन विश्वास की प्रमाणिकता पर बल देता है कि जीवन की पूर्णता विश्वास में है; "Albert Barnes" इसे आत्म-विश्वास और सुरक्षा के रूप में देखते हैं; "Adam Clarke" उद्धार का यह संकेत करते हैं कि अनन्त जीवन का प्रवेश विश्वास के साथ शुरू होता है।