1 यूहन्ना 5:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और गवाही देनेवाले तीन हैं;

पिछला पद
« 1 यूहन्ना 5:6
अगला पद
1 यूहन्ना 5:8 »

1 यूहन्ना 5:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 यूहन्ना 5:7 का परिचय और संदर्भ

प्रीमुख पाठ 1 यूहन्ना 5:7-8 एक पुरानी गवाही की बात करता है—पवित्र आत्मा, प्रसंग में केंद्रित—यानी तीन गवाहियाँ: पवित्र आत्मा, जल, और रक्त। पुराने ताम्र-भक्त जातियों में यह समवाक्य एक साथ नहीं आता था, पर NT में यह स्पष्ट रूप से उद्धृत किया गया ताकि विश्वासी यह जान सके कि सत्य की गवाही एक है और तीन सबूत मिलकर उसकी प्रामाणिकता को पुष्ट करते हैं। यहाँ 'तीन गवाह' से यूहन्ना आस्तिक विश्वास के आधार को दृढ़ करते हैं कि यह विश्वास यथार्थ है, क्योंकि ईश्वर ने अपने पुत्र में वह सत्य दिया है जो हमारे लिए उद्धार का मार्ग है।

मुख्य विचार

गवाही का केंद्र मूलतः ईश्वर की साक्ष्य-स्वरूपता है। पवित्र आत्मा, अर्थात् ईश्वर की आंतरिक क्रिया, यीशु में मिले रक्त-उपचार और जल-प्रशंसा के मिलेजुले प्रमाण के साथ एक साथ खड़े होते हैं; यह दर्शाता है कि ईश्वर पूर्णता से प्रमाणित है और हमारा विश्वास सत्य पर टिकता है।

दो मुख्य विषय

  1. विश्वास की प्रमाणिकता: ईश्वर ने अपने पुत्र के माध्यम से अपने उद्देश्य को स्पष्ट किया है—हम उस पर विश्वास करें क्योंकि गवाही एक है, और तीनों गवाह एक-से-एक मिलकर सत्य को स्थापित करते हैं।
  2. आत्मिक सुरक्षा और निर्भयता: गवाही की एकता से हमें आत्म-विश्वास मिलता है कि जो प्रतिज्ञा ईश्वर ने दी है, वह अविकल है। हमारे बीच संतोष और आशा बनी रहती है।

संबंधित आयतें

• समान विचार 1 यूहन्ना 4:9-12: प्रेम का पूर्णत्व और विश्वास के साथ ईश्वर की प्रकृति प्रकट होती है।

• यूहन्ना 3:33-36: ईश्वर के संदेश की मान्यता और उनके प्रति हमारी श्रद्धा का परिणाम जीवन में मिलता है।

• रोम 8:16-17: आत्मा की गवाही हमारे आध्यात्मिक पुत्रत्व को पुष्ट करती है—हम ईश्वर के बच्चों का अनुभव करते हैं।

संक्षिप्त व्यावहारिक विचार

1) विश्वास के समय तीन गवाहों पर विचार करें—पवित्र आत्मा की प्रेरणा, यीशु के लहू का क्षमा, और पबित्र जल का संस्कार-सम्बन्ध।

2) जीवन में भय या संदेह के momenten पर यह गवाही स्मरण रखें कि परमेश्वर की पुष्टि स्थिर है; हमारा उत्तर ईश्वर पर विश्वास बनाए रखना है।

पाठ-सम्प्रेषण (Cross-references)

• 1 यूहन्ना 4:9-12: प्रेम के कार्यों और वास्तविक प्रमाण से ईश्वर की प्रकृति प्रकट होती है। समन्वय: गवाही और प्रेम दोनों मिलकर उद्धार का अनुभव कराते हैं।

• याकूब 1:5-6: विश्वास में निर्भीकता से मांगना, ईश्वर की गवाही पर निर्भर रहते हुए संदेह से ऊपर उठना।

• रोम 8:16-17: आत्मा की गवाही से हमारे पुत्रत्व का प्रमाण मिलता है—गवाही का आंतरिक अनुभव जीवन में परिवर्तन लाता है।

संक्षेप निष्कर्ष

1 यूहन्ना 5:7 में तीन गवाहों की एकता ईश्वर की सत्यता का प्रमाण है—पवित्र आत्मा, जल से अभिषेक, और रक्त के तंत्र। इससे विश्वासी को धैर्य और आशा मिलती है कि उनका विश्वास टिकाऊ और सत्यापित है।

कूट-कथन: इस पाठ के वास्तविक संकेत मानव-समझ से परे ईश्वर के दिव्य प्रमाण पर टिकते हैं; हमारी प्रतिक्रिया है—ईमान के साथ इन गवाहों के पक्ष में स्थिर रहना और उनके अनुरूप जीवन हेतु प्रेरित होना।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 यूहन्ना 5:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 28:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मत्ती 28:19 (HINIRV) »
इसलिए तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो,

प्रेरितों के काम 5:32 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 5:32 (HINIRV) »
और हम इन बातों के गवाह हैं, और पवित्र आत्मा भी, जिसे परमेश्‍वर ने उन्हें दिया है, जो उसकी आज्ञा मानते हैं।”

2 कुरिन्थियों 13:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 कुरिन्थियों 13:14 (HINIRV) »
प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह और परमेश्‍वर का प्रेम और पवित्र आत्मा की सहभागिता तुम सब के साथ होती रहे।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें