Old Testament
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2 कुरिन्थियों 13:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह और परमेश्वर का प्रेम और पवित्र आत्मा की सहभागिता तुम सब के साथ होती रहे।
2 कुरिन्थियों 13:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 कुरिन्थियों 13:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इफिसियों 2:22 (HINIRV) »
जिसमें तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवास-स्थान होने के लिये एक साथ* बनाए जाते हो।

रोमियों 5:5 (HINIRV) »
और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।

2 कुरिन्थियों 13:14 का प्राथमिक संदर्श
पद आता है उस संदेश से जब पौलुस ने कुरिन्थियों से अपने दूसरे पत्र में फोन किया कि वे एक भाईचारे के बीच सत्य, प्रेम और एकतागत जीवन के Spirit-ward संकेतों को बनाए रखें। यहाँ अंतिम परमार्थ का आह्वान है: प्रभु यीशु मसीह का अनुग्रह, परमेश्वर का प्रेम, और पवित्र आत्मा की सहभागिता — तीनों एक साथ मिलकर नयी सृष्टि के संकेत बन जाते हैं।
यही पाठ परमेश्वर के बारे में क्या बताता है
यह तीन आदर्शों का संयुक्त आशीर्वाद है जो विश्वासियों के समुदाय को आपस में जुड़ कर रखें। यीशु मसीह का अनुग्रह उस उद्धार और अनुग्रहभाव को दर्शाता है जो ईश्वर ने हमें दिया है; परमेश्वर का प्रेम उस निरंतर, अटूट और निःस्वार्थ प्रेम को दिखाता है जो मिशन-सम्बन्धी जीवन को प्रेरित करता है; पवित्र आत्मा की सहभागिता वह आंतरिक साझेदारी है जो विश्वासियों को एकक में बांधकर रखते हैं, मार्गदर्शन देती है और जीवन-सम्प्न्धी कार्यों को संचालित करती है।
शब्दार्थ और छायाचित्र
- अनुग्रह (grace): वह दिव्य कृपा जो हम पर बिना अर्हता के उतरती है; यह उद्धार की मूल चाभी है और नैतिक परिवर्तन का आधार।
- प्रेम (love): परमेश्वर के स्वभाव की प्रमुख गुण; विश्वास-साक्ष्यों में प्रेम ही समाज को स्थिर बनाता है।
- सहभागिता (fellowship/communion): आत्मा के द्वारा आपस की एकता, विश्वासियों के बीच आत्मिक ठहरे हुए संबंध और ईश्वर के कार्य में भागीदारी।
अन्य संदर्भों से सम्बद्ध विचार
1) रोमी 5:5 में कहा गया है कि प्रेम पवित्रात्मा के द्वारा हमारे भीतर डाला गया है; यह स्पष्ट करता है कि kärlek आत्मा-आधारित है।
2) जातक 1:2-3 में पिता, पुत्र और आत्मा की एकता का उल्लेख है, जो इस पद के त्रयी-आशीर्वाद से संगत है।
3) यूहन्ना 14-16 अध्यायों में मसीह के वादे: आत्मा की सहभागिता के रूप में शांति, मार्गदर्शन और स्मरण-देना।
बोधगम्य शब्दार्थ परिच्छेद
यह संदेश आत्मा और प्रेम की चक्रवातीय विविधता में एक नई समरसता बनाते हैं। अनुग्रह के साथ हम उद्धार पाते हैं, प्रेम से एक-दूसरे की मजबूती बनते हैं, और आत्मा की सहभागिता से जीवन को उद्देश्य मिलता है।
आज कार्यान्वयन
संक्षिप्त एकीकृत टिप्पणी
पौलुस का यह वरदान तीन के harmonized स्वर का गीत है: यीशु मसीह का अनुग्रह, परमेश्वर का प्रेम, और पवित्र आत्मा की सहभागिता—ये सब विश्वासियों के जीवन-समुच्चय के केन्द्र में रहते हैं। इसकी वास्तविक शक्ति समुदाय के नट-बिट को नहीं, बल्कि आत्मिक एकता को बनाये रखना है।
उद्धरण/सूत्रधार: नीचे के मौलिक विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक domain टिप्पणियों के सार से सम्मिलित हैं।
चीन्हे गए उद्धरण (यदि उपलब्ध): - "Grace of our Lord Jesus Christ" — Matthew Henry के विचारों के अनुकूल संक्षिप्त व्याख्या। - "The love of God" — Albert Barnes के स्वर में परमेश्वर के प्रेम की व्याख्या। - "and the communion of the Holy Ghost" — Adam Clarke के टिप्पणी-सार के अनुरूप आत्मा की सहभागिता का वर्णन।
Cross-references
- रोम 5:5 — प्रेम का डाला जाना: आत्मा के प्रभाव से प्रेम भीतर आता है।
- यूहदा 1:20-21 — आत्मा के साथ प्रेम और सतर्कता से रहने का आग्रह।
- योहन्ना 14–16 — आत्मा का मार्गदर्शन और शांति का आश्वासन: