Old Testament
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2 कुरिन्थियों 13:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जैसे मैं जब दूसरी बार तुम्हारे साथ था, वैसे ही अब दूर रहते हुए उन लोगों से जिन्होंने पहले पाप किया, और अन्य सब लोगों से अब पहले से कह देता हूँ, कि यदि मैं फिर आऊँगा, तो नहीं छोडूँगा।
2 कुरिन्थियों 13:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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2 कुरिन्थियों 13:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 कुरिन्थियों 1:23 (HINIRV) »
मैं परमेश्वर को गवाह करता हूँ, कि मैं अब तक कुरिन्थुस में इसलिए नहीं आया, कि मुझे तुम पर तरस आता था।

2 कुरिन्थियों 12:20 (HINIRV) »
क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसा चाहता हूँ, वैसा तुम्हें न पाऊँ; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विरोध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों।

2 कुरिन्थियों 10:1 (HINIRV) »
मैं वही पौलुस जो तुम्हारे सामने दीन हूँ, परन्तु पीठ पीछे तुम्हारी ओर साहस करता हूँ; तुम को मसीह की नम्रता, और कोमलता* के कारण समझाता हूँ।
2 कुरिन्थियों 13:2 — निष्कर्ष स्पष्ट किया गया है
इस पद का सरल अर्थ है: पादरी पॉल यह स्पष्ट कराते हैं कि यदि वे फिर आकर मिलेंगे, तो वे कड़ाई से दंड देंगे उन लोगों पर जो पहले पाप कर चुके थे—और इन सब से भी, जो अब तक पाप कर रहे हैं, ताकि अपराधी फिर कभी अवसर न पाकर विचलित न हों। यह परमेश्वर की व्यवस्था के अनुसार अनुशासन की प्रेरणा है: विश्वासियों के समुदाय में पाप और दुराचार के विरुद्ध स्पष्ट चेतावनी और व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ प्रेरित पॉल के अंतिम चेतावनी/संभाषण का हिस्सा है। कुरिन्थ की गली-गली समस्याओं के बीच पॉल ने समुदाय को डंडे के समान सचेत किया है ताकि वे पथभ्रष्ट न हों और चर्च पारंपरिक नैतिकता बनाए रखें। उन्होंने पहले भी चेतावनी दी थी कि यदि निर्बुद्धि बनी रही, तो धार्मिक समुदाय के भीतर असंतोष और चोर-चोरगिरी जड़ पकड़ लेती है।
विश्लेषणीय बिंदु
क्रॉस-रेफरेंस और उनसे जुड़ी बातें
- याकूब 5:19-20: मित्रों, जिसने किसी को अधर्म में रखते देखा, उसे सुधारना समुदाय के प्रेम का भाग है; पाप के विरुद्ध स्पष्ट कदम उठाने से चमत्कारिक बदलाव संभव होते हैं।
- 1 तिमथियुस 5:20: उन लोगों के खिलाफ साक्ष्य के साथ सार्वजनिक दंड की आवश्यकता पर जोर, ताकि विश्वासियों में विश्वास और विवेक बनें रहें।
- मत्त 18:15-17: पथभ्रष्ट के विरुद्ध क्रमिक विवाद-निरसन का नियम: निजी शिकायत से लेकर समूह के सामने फिर तक.
संरचित निष्कर्ष और व्यावहारिक takeaways
शब्द-चित्र/इकबाल: इतिहास से जुड़े संकेत
इस वचनों में लेखकत्व की दृढ़ता और समुदाय-नियमन की आवश्यकता पुनः उद्घाटित होती है, जो पहले से भी अन्य प्रेरित लेखों में दिखती है।
मुख्य पाठ का सार: पॉल अब फिर आने पर दृढ़ रहेंगे—ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध वे कठोर दंड की चेतावनी देते हैं ताकि पाप का भय/नियंत्रण बनी रहे और चर्च एक पवित्र समुदाय बना रहे।