Old Testament
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मत्ती 28:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए तुम जाकर सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ; और उन्हें पिता, और पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो,
मत्ती 28:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 28:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मरकुस 16:15 (HINIRV) »
और उसने उनसे कहा, “तुम सारे जगत में जाकर सारी सृष्टि के लोगों को सुसमाचार प्रचार करो।

प्रेरितों के काम 2:38 (HINIRV) »
पतरस ने उनसे कहा, “मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने-अपने पापों की क्षमा के लिये यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले; तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे।

प्रेरितों के काम 1:8 (HINIRV) »
परन्तु जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे*; और यरूशलेम और सारे यहूदिया और सामरिया में, और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होंगे।”
मत्ती 28:19 का स्पष्ट संदर्भ और पाठक के लिए संकेत
यह पदεκठन वह बिंदु है जब यीशु का महान आयोग प्रकाशित होता है: शिष्य पहले कहें कि सभी जातियों के लोगों को चेला बनाओ, उन्हें पिता, पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा दो। यह आदेश प्रभु की पुष्टि, प्रेरित समुदाय की मिशनरी धारा और धार्मिक पहचान के तीन केंद्रों पर प्रकाश डालता है—ईश्वर की एकता, मसीही शिक्षण की धारणा, और प्रेरितों के कार्यों की प्रेषित भूमिका।
इस पाठ से परमेश्वर की धारणा और आस्था क्या दर्शाती है
यह वाक्य परमेश्वर की त्रिमूर्ति-आस्था को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करता है: पिता, पुत्र, और पवित्र आत्मा के नाम से बपतिस्मा देना—जो एक ही दिव्य सत्ता की एकता में आत्म-प्रकाश है। यह गारंटी देता है कि चेलों की उपस्थिति मात्र नहीं, बल्कि उनके संदेश की शक्ति उसी मौत और पुनरुत्थान के नाम पर संरक्षित है। इस प्रकार विश्वास का फलक विश्वव्यापी बनता है—जातीय सीमाओं से परे हर व्यक्ति को ईश्वर के साथ संबंध का अवसर देना चाहिए।
महत्वपूर्ण शब्दों/चिन्हों की व्याख्या
संबंधित प्रार्थनाएं/पवित्र शास्त्र
इस महान आह्वान के साथ लिए गए कुछ प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंसेस निम्न हैं:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि तृतीयक त्रिमूर्ति-आस्था के साथ विश्वास-प्राप्ति का औचित्य और चेलों की विश्वव्यापी जिम्मेदारी मजबूत होती है।
आज के संदर्भ में व्यावहारिक आवेदन
इस पाठ का आधुनिक पाठक क्या संदेश पाता है? पहले, विश्व के भीतर हर संस्कृति के साथ संवाद और सम्मान के साथ एक सुसमाचार-निष्ठ जीवन जीना चाहिए। दूसरे, बपतिस्मा का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि विश्वास की नई पहचान को ग्रहण करना है—प्रेरितों के तरीके से समुदाय बनाने की योजना को अपनाना। तीसरे, समुदाय की व्यापकता में inclusion और विविधता की मान्यता आवश्यक है—जाति, पिंड, या सामाजिक स्थिति से ऊपर उठकर सभी के लिए द्वार खुला रखना।
छोटे लेकिन उपयोगी निष्कर्ष
कहै गया, “इसी महान आह्वान को अब पाठक के जीवन में क्रियान्वित करें—अपने समुदाय के भीतर और बाहर दोनों जगह चेला निर्माण की प्रक्रिया शुरू करें।”
उद्धृत विचारधारा से प्रेरित कुछ टिप्पणीकारों की दृष्टि (संक्षेप):
मैथ्यू हेनरी, ALBERT BARNES और ADAM CLARKE के प्रकाशनों से प्राप्त सामान्य निष्कर्ष से एकीकृत पाठ प्रस्तुत है—इनमें चेला बनाने की जिम्मेदारी, त्रिमूर्ति-आस्था का महत्व, और बपतिस्मा के संकेत स्पष्ट रहते हैं। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि उद्धृत शब्दों का सटीक अनुकरण यहाँ संक्षेप में दिया गया है; पूर्ण उद्धरण आवश्यकता होने पर पाठकों को उनके टिप्पणियों के स्रोत संदर्भित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।