Old Testament
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मत्ती 28:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वह यहाँ नहीं है, परन्तु अपने वचन के अनुसार* जी उठा है; आओ, यह स्थान देखो, जहाँ प्रभु रखा गया था।
मत्ती 28:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 28:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मरकुस 16:6 (HINIRV) »
उसने उनसे कहा, “चकित मत हो, तुम यीशु नासरी को, जो क्रूस पर चढ़ाया गया था, ढूँढ़ती हो। वह जी उठा है, यहाँ नहीं है; देखो, यही वह स्थान है, जहाँ उन्होंने उसे रखा था।

मत्ती 16:21 (HINIRV) »
उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने लगा, “मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊँ, और प्राचीनों और प्रधान याजकों और शास्त्रियों के हाथ से बहुत दुःख उठाऊँ; और मार डाला जाऊँ; और तीसरे दिन जी उठूँ।”

लूका 24:23 (HINIRV) »
और जब उसका शव न पाया, तो यह कहती हुई आईं, कि हमने स्वर्गदूतों का दर्शन पाया, जिन्होंने कहा कि वह जीवित है।
मत्ती 28:6 का अनुप्रेषण: प्रभु जी उठे हैं
परिस्थिति: यह पाठ उस क्षण की स्मृति देता है जब महिलाओं ने पवित्र कब्र के पास जाना चाहा और देखा कि क्रूस पर मरे हुए यीशु की कब्र खुली नहीं है; किसी ने उन्हें बतलाया कि वह यहाँ नहीं है, बल्कि जी उठे हैं। यह संदेश सूर्योदय के समय के नये आश्वासनों का उद्घाटन करता है।
कौन-सी बातें बताते हैं कि ईश्वर कौन हैं और विश्वास पर क्या सार्त है
यह वाक्य दिखाता है कि ईश्वर का उद्देश्य मानव इतिहास के सर्वोच्च उन्नयन के लिए है: मौत पर विजय और स्वर्गीय जीवितता का उद्घाटन। प्रभु का जी उठना यह संकेत है कि परमेश्वर का अध्याय एक नया आरम्भ है, जिसमें भय और निर्भरता की जगह आशा और विश्वास का अन्नधार स्वाभाविक हो उठता है। यह पृष्ठ हमें यह सीख देता है कि परमेश्वर के दायरे में जीवन की वास्तविक आशा मृत्यु के मातम से आगे है।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
जी उठना—एक ऐसी घटना जो केवल पुष्टि नहीं देती, बल्कि यह दिखाती है कि परमेश्वर ने शोक के स्थान पर विजय और प्रेम को स्थापित किया है। यह स्थान—कब्र की जगह को छोड़कर, वह नया स्थान है जहाँ विश्वासी जीवन की ऊर्जा प्रवाहित होती है; यह साक्ष्य है कि ईश्वर हमारी कमी को भी पूरा करते हैं।
संबद्ध आयतें
1) यीशु के जी उठने की घोषणा में पूर्वसूचना: अन्य चिह्नों के साथ यह संदेश कि मसीह ने मृतकों में से पुनर्जीवित होकर अपने परमेश्वरत्व को प्रमाणित किया।
2) पहले से कही गयी आगाहियाँ: मरने के बाद भी परमेश्वर का वादा निभता है, जैसे कि वह अपने मसीह के साथ नई सृष्टि की शुरुआत करता है।
3) पुनरुत्थान के प्रमाण पर विश्वास: साक्षीगणों का दौरा और उनके अनुभव इस संदेश की प्रमाणिकता को पुष्ट करते हैं।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
- कठिन परिस्थितियों में भी, ईश्वर की प्रतिज्ञा जीवित है; जी उठना विश्वास को नया केंद्र देता है।
- हमें भय के स्थान पर आशा की दृष्टि से जीवन की यात्रा जारी रखनी चाहिए—क्योंकि अस्थायी अवरोध अंततः प्रभु के उद्धार से टूट जाते हैं।
- समुदाय के लिए यह संदेश है कि वास्तविक शक्ति दुःख पर विजय पाना नहीं, बल्कि प्रेम का पुनर्जन्म बनना है।
अनुशीलन-फुटनोट: क्लासिक टिप्पणी से संक्षेप निष्कर्ष
मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क जैसी उपन्यास-युक्त-उपनिषद टिप्पणियों में से एक साझा निष्कर्ष है: यह पाठ परमेश्वर के जीवनदायी सत्ता के उद्घाटन को दर्शाता है।
उद्धरण-नोट: उपलब्ध सक्रिय उद्धरणों से तीनों में से कुछ पंक्तियाँ ऐसे हैं जिन्हें समाहित किया गया है, ताकि पाठक को पवित्र ग्रंथ के साथ सम्बद्ध सार्वजनिक-domain टिप्पणियों की दिशा मिल सके।
सीधे क्रॉस-रेफरंसेस और सार
1) क्रॉस-रेफरंसेस: मरने के बाद पुनर्जीवन पर प्रकाश डालते हैं; 2) क्रॉस-रेफरंसेस: पूर्व-सूचनाओं के साथ नया आरम्भ; 3) क्रॉस-रेफरंसेस: विश्वास की दृढ़ता के लिए साक्ष्यों का महत्त्व।
निष्कर्षतः यह पद हमें स्मरण दिलाता है कि प्रभु जी उठे—यह एक ठोस सत्य है जिसे विश्वासियों को अपने दिन-प्रतिदिन के विश्वास-यात्रा में जीना है।