Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीमत्ती 28:16 बाइबल पद की व्याख्या
मत्ती 28:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और ग्यारह चेले गलील में उस पहाड़ पर गए, जिसे यीशु ने उन्हें बताया था।
मत्ती 28:16 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 28:16 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 28:7 (HINIRV) »
और शीघ्र जाकर उसके चेलों से कहो, कि वह मृतकों में से जी उठा है; और देखो वह तुम से पहले गलील को जाता है, वहाँ उसका दर्शन पाओगे, देखो, मैंने तुम से कह दिया।”

मत्ती 28:10 (HINIRV) »
तब यीशु ने उनसे कहा, “मत डरो; मेरे भाइयों से जाकर कहो, कि गलील को चलें जाएँ वहाँ मुझे देखेंगे।”

मत्ती 28:16 — संदर्भ का प्रत्यक्ष दृश्य
ग्यारह शिष्यों ने जंगली-सी यात्रा कर गलील के पहाड़ पर यीशु के निर्देशानुसार मिलने का निर्णय किया। यह जगह किसी विशेष आदेश या संकेत के अनुसार चुनी गई पहाड़ी थी, जिसे यीशु ने उनसे कहा था ताकि वे एकत्रित होकर उसकाiane निष्ठा से अनुसरण कर सकें।
धर्मसार और विश्वास पर इसका संकेत
यह पाठ यह बताता है कि विश्वास का जीवन दिशा-निर्देशित और आश्वस्त है। यीशु के निर्देश पर शिष्यों का गलील जाना—एक विवेकपूर्ण, विश्वास-आधारित कदम है जिसमें वे एक साथ एक लक्ष्य के लिए एकत्र होते हैं। यह चित्रण यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ रहते हैं और वे विश्वास के समाज में एक दूसरे के साथ एकजुट रहते हैं ताकि वह उच्च उद्देश्य प्राप्त कर सकें।
महत्त्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की खोज
- गलील: यह क्षेत्र यीशु के ministry का प्रमुख केंद्र रहा; यहाँ से उनके संदेश का प्रसार शुरू हुआ। यह जगह गिरावट और पुनरुत्थान के बीच के मध्य को दर्शाती है—दयालुता और न्याय के साथ।
- पहाड़: भागीद थकान, परीक्षा और परमेश्वर के निकट आने की प्रतीक है। पहाड़ पर मिलने से शांति, स्पष्टता और समर्पण की भावना जुड़ती है।
अन्य संबंधित पाठ
1) मत्ती 26:32 और दृश्य-आख्यान: शिष्यों को फिर भी यीशु के साथ जाने की प्रेरणा मिलती है, भले ही वे अस्थिर क्यों न हों।
2) मरकूस 16:14: यीशु का प्रकट होना और शिष्यों को प्रेरणा देना; विश्वास और बुलावे की पुष्टि।
3) लूका 24:50-53: यीशु के आरोहण से पूर्व शिष्यों के साथ संवाद और आशीर्वाद।
युग-समकालीन अनुप्रयोग
- एक साथ चलना: आज के ईश्वरीय बुलावे में एकजुटता आवश्यक है—परिवार, चर्च-वृण, और साथियों के बीच सहयोग से मिशन पूरा होता है।
- निर्देश का पालन: दैनिक जीवन में उन पथों पर चलना जो परमेश्वर ने दिखाए हैं, ताकि हमें शांति और स्पष्टता मिले।
- विश्वास की तैयारी: पहाड़ी स्थल जैसे अवसर हमें आत्म-परख और प्रार्थना के लिए बुलाते हैं—जितना अधिक हम परमेश्वर के प्रति समर्पित रहते हैं, उतना ही अधिक दिशा मिलती है।
संयुक्त निष्कर्ष
इस वेदय परिप्रेक्ष्य में, गलील का पहाड़ शिष्य समुदाय के लिए एक जगह है जहाँ वे परमेश्वर के मिशन के लिए एक साथ बैठते हैं। यह पाठ यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने लोगों को एकता, आज्ञापालन और साहस से भरोसेमय बनाते हैं, ताकि वे संसार के सामने उसकी महिमा को प्रकट कर सकें।
आधार उद्धरण (संक्षेप):
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त):
- भविष्य की बुलाहट के लिए शिष्यों का एकजुट होना (कथन-आदेश; निष्कर्ष के लिए प्रेरणा).
- प्रभु के आदेशों की आज्ञा-पालन और समुदाय की भागीदारी (वीक-उद्धारण में प्रोत्साहन).