Old Testament
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मत्ती 28:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब यीशु ने उनसे कहा, “मत डरो; मेरे भाइयों से जाकर कहो, कि गलील को चलें जाएँ वहाँ मुझे देखेंगे।”
मत्ती 28:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मत्ती 28:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 8:29 (HINIRV) »
क्योंकि जिन्हें उसने पहले से जान लिया है उन्हें पहले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहलौठा ठहरे।

यूहन्ना 20:17 (HINIRV) »
यीशु ने उससे कहा, “मुझे मत छू क्योंकि मैं अब तक पिता के पास ऊपर नहीं गया, परन्तु मेरे भाइयों के पास जाकर उनसे कह दे, कि मैं अपने पिता, और तुम्हारे पिता, और अपने परमेश्वर और तुम्हारे परमेश्वर के पास ऊपर जाता हूँ।”

मत्ती 28:5 (HINIRV) »
स्वर्गदूत ने स्त्रियों से कहा, “मत डरो, मैं जानता हूँ कि तुम यीशु को जो क्रूस पर चढ़ाया गया था ढूँढ़ती हो।
पाठ संदर्भ और समूचा सारांश
मत्ती 28:10 में यीशु के पुनरुत्थान के बाद उनके छह विश्वासी महिला अनुयायियों से मिलने और उन्हें संदेश देने की अनुमति दी गई है। इस वचन में प्रभु यीशु चैंपियन के रूप में सीधे कह रहे हैं कि वे डरें नहीं, क्योंकि वे अपने भाइयों से मिलें और गलील जाकर वहाँ उन्हें दिखाई देंगे। यह वचन परम प्रेरित उपस्थिति का संकेतन है: यीशु ने अपनी शिष्यों के लिए एक स्पष्ट क्रम और आश्वस्ति दी कि उनके लिए मैदान पर चलकर आगे बढ़ना है, और उनका पहला संदेश उनके संपर्क रखने वालों तक पहुँचे।
सूत्र-गृह पर ध्यान: अध्याय के समूचे घटनाक्रम में क्या संकेत मिलता है
यह verse सकारात्मक हिम्मत और प्रेरणा का केंद्र बनता है। स्त्रियों को पहले गश्ती और गवाही का भाग देकर, प्रभु ने दिखाया कि उन्होंने स्त्री-गवाही को भी धार्मिक इतिहास में मान्यता दी। यही प्रसंग बताता है कि उद्धार का संदेश दायरे के बाहर किसी जेंडर-सीमा में नहीं फंसेगा; सभी को उद्घोषण में भाग लेना है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुरूप प्रेरित विचार: प्रसिद्ध टिप्पणीकारों के संक्षिप्त योगदान
Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke की पाठ-व्याख्या से संक्षेप:
Henry कहते हैं कि उद्धारकर्ता का संदेश उनके कमरों से बाहर निकलकर संसार तक जाएगा, और यह विश्वासियों के लिए एक सशक्त प्रेरणा है कि वे शिंशिलों में भाग लें।
Barnes का दृष्टिकोण बताता है कि उद्धारकर्ता ने डर को मिटाने और शोक-युक्त वातावरण को छोड़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, ताकि विश्वास के नए कदम उठें।
Clarke इस वचन को यह समझते हैं कि यीशु ने गलील की ओर जाने के लिए कहा, जो संदेश के प्रसार का प्राथमिक मैदान रहा है, और यह धार्मिक समुदाय के भीतर निर्भयता और विश्वास की आवश्यकताओं को दर्शाता है।
क्रॉस-रेफरेंसेज (संकेत और संक्षिप्त वाक्यों के साथ)
यूहन्ना 20:19-20: पहली पुनःप्राप्ति और शिष्यों को भय से मुक्त करने के लिए यीशु की उपस्थिति। यह स्पष्ट करता है कि डर के बावजूद यीशु उनके साथ है।
मरकुस 16:7: प्रभु का संदेश दोबारा बताने के अवसर और शिष्यों के साथ मिलने की योजना का उल्लेख।
लूका 24:39-40: "मेरे हाथ-पैर देखो... पहचान लो कि मैं वही हूँ"—पुनरुत्थान के समय यीशु की दृश्य उपस्थिति और पुष्टि देता है।
लगभग-उपयोगी अनुप्रयोग
1) जब भी जीवन में डर उभरता है, प्रभु का निवेदन याद रखें: डर मत। वे आपके साथ हैं और मार्गदर्शन कर रहे हैं।
2) संदेश को निष्कर्ष में नहीं, बल्कि यात्रा के हर चरण में साझा करें—छोटे समूहों से बड़े समुदाय तक।
3) चिह्नित स्थानों को छोड़कर भी विश्वास के कदम उठाएं; जैसे केवल गलील नहीं, बल्कि हर स्थान पर प्रभु के साथ सहभागिता संभव है।
छोटा लागू-चरण
संक्षेप निष्कर्ष
मत्ती 28:10 एक सरल लेकिन गहरी सीख देता है: डर के बावजूद प्रभु ने अपने अनुयायियों को बुलाकर संदेश को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी दी है। गलील के बाद भी विश्वव्यापी मिशन की तैयारी एक साथ होती है—जहाँ विश्वास के साथ यात्रा करना और कभी-कभी भय को चकमा दे कर आगे बढ़ना आवश्यक है। इस verse में उद्धारकर्ता की उपस्थिति और प्रचार-प्रसार की योजना एक साथ जुड़ी है, ताकि प्रकाश हर जगह फैले।