Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 20:1 1 राजाओं 20:2 1 राजाओं 20:3 1 राजाओं 20:4 1 राजाओं 20:5 1 राजाओं 20:6 1 राजाओं 20:7 1 राजाओं 20:8 1 राजाओं 20:9 1 राजाओं 20:10 1 राजाओं 20:11 1 राजाओं 20:12 1 राजाओं 20:13 1 राजाओं 20:14 1 राजाओं 20:15 1 राजाओं 20:16 1 राजाओं 20:17 1 राजाओं 20:18 1 राजाओं 20:19 1 राजाओं 20:20 1 राजाओं 20:21 1 राजाओं 20:22 1 राजाओं 20:23 1 राजाओं 20:24 1 राजाओं 20:25 1 राजाओं 20:26 1 राजाओं 20:27 1 राजाओं 20:28 1 राजाओं 20:29 1 राजाओं 20:30 1 राजाओं 20:31 1 राजाओं 20:32 1 राजाओं 20:33 1 राजाओं 20:34 1 राजाओं 20:35 1 राजाओं 20:36 1 राजाओं 20:37 1 राजाओं 20:38 1 राजाओं 20:39 1 राजाओं 20:40 1 राजाओं 20:41 1 राजाओं 20:42 1 राजाओं 20:43



1 राजाओं 20:28 — संदर्भित पाठ का सार एवं व्याख्या
यह पंक्ति इतिहास के एक निर्णायक मोड़ को दर्शाती है, जब इज़राइल और अरामियों के बीच संघर्ष चल रहा होता है। यहाँ यहूदाह राज्य नहीं, बल्कि इस्राएल के राजा के पास एक संदेश आता है, जिसमें परमेश्वर का वचन है कि अरामियों की बड़ी सेना के सामने यहोवा भूमिका दिखाएगा कि उसकी वह शक्ति है जो पहाड़ी देवताओं तक सीमित नहीं है। यह संदेश यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने लोगों के साथ है, चाहे बाहरी परिस्थितियाँ कितनी भी विशाल क्यों न हों।
मुख्य अर्थ
परमेश्वर यहाँ अरामियों के दावों को उलटकर यह स्पष्ट कराते हैं कि वे पहाड़ी देवताओं पर निर्भर नहीं हैं—परमेश्वर वही है जो सब जगह राज कर सकता है। यहोवा अपने लोगों के लिए विजय के लिए मैदान-स्थल पर नहीं, बल्कि अपने नाम और परमाधिकार के द्वारा काम करता है।
मुख्य विषय
संयुक्त गूढ़ आयाम (Cross-references)
– सत्यापन और विश्वास की प्रेरणा के लिए:
इन संदर्भों का संयुक्त अर्थ यह है कि विश्वसनीयता परमेश्वर के समर्थ के आधीन है, न कि मानव-प्रयासों की सीमा के अनुसार।
सूचनात्मक टिप्पणी (चर्च-आध्याय से जोड़ी गई):
मैथ्यू हेन्री, एल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क जैसे सार्वजनिक-domain टिप्पणीकारों के संकलन से यह निष्कर्ष निकलता है कि परमेश्वर अपने उद्देश्य के लिए असंभव बाधाओं को भी मार्ग बनाते हैं। यह पाठ दर्शाता है कि परमेश्वर की योजनाएँ मानव-शक्ति से परे होती हैं और वह अपनी महिमा के लिए बड़े-से-बड़े संकटों को भी परीक्षा के रूप में उपयोग करते हैं।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षिप्त अवलोकन
1 राजाओं 20:28 में परमेश्वर यह स्पष्ट करते हैं कि उनकी शक्ति और योजना अरामियों की बड़ी सेना से भी ऊपर है। यह संदेश यहोवा की सर्वोच्च सत्ता और उसे मानने वालों के लिए आशा का स्रोत बना रहता है।