1 राजाओं 6:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

अतः सुलैमान ने भवन को बनाकर पूरा किया। (प्रेरि. 7:47)

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1 राजाओं 6:14 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 राजाओं 6:14 — संदर्भ के साथ व्याख्या

इस पद में सुलैमान का पवित्र मन्दिर बनवाने का उल्लेख आता है, जिसका उद्देश्य यह दर्शाना है कि कैसे ईश्वर के लिए समर्पित चिन्हात्मक भवन सचमुच परमेश्वर की आशीष और प्रेरणा से बना। इतिहास का यह भाग हमारे लिए यह स्मरण कराता है कि राजा की बहुविध शक्तियाँ और संसाधन भी परमेश्वर की योजना के अनुसार एक उद्देश्य के लिए देय होते हैं।

केंद्रीय भावार्थ

“अतः सुलैमान ने भवन को बनाकर पूरा किया”—यह वाक्य उस क्षण का संकेतन है जब निर्माणकार्य सम्पूर्ण हुआ और समर्पित कृत्य के रूप में दिव्य मंदिर की भव्यता प्रकट हुई। यह पूर्णता यह बताती है कि परमेश्वर के लिए की गई सेवा एक संगठित, व्यवस्थित और गहन दुआ-उद्धाराओं के साथ पूर्ण होती है।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • आकांक्षा बनाम समुदायिक फ़ायदा: मुस्लिम-नहीं, बल्कि दायित्वपूर्ण सेवा—यह मंदिर एक सामुदायिक प्रतिबद्धता है, जिसमें राजा, प्रधान पुरोहित और लातेनी सहयोगी एक साथ चलते हैं।
  • धार्मिक स्थल की पवित्रता: भवन का निर्माण केवल इमारत नहीं, बल्कि दैविक उपस्थिति के लिए एक पवित्र स्थान बनाना है।
  • आशीष और जिम्मेदारी: प्रभु की कृपा से मिले संसाधन और उल्लासपूर्ण निर्माण, साथ ही लोगों पर ईश्वर के नाम की महिमा को दर्शाने का दायित्व भी जोड़ते हैं।

संबंधित उक्तियाँ

यह verses अन्य हिस्सों से जुड़ते हैं जो मंदिर की महिमा, परमेश्वर के नाम के लिए समर्पण और शांति-स्थापना पर प्रकाश डालते हैं:

  • 2 इतिहास 7:11–16— मंदिर की पूर्णता के साथ परमेश्वर का आगमन और उसकी शिकायतों के समाधान की घोषणा; यह बताता है कि कैसे परमेश्वर का स्वागत एक पूर्ण और पवित्र स्थान में होता है।
  • 2 इतिहास 5:13–14— पवित्र भवन के ध्वनि और पवित्रता से ईश्वर की उपस्थिति प्रकट होती है।
  • यहोशू 6:21— पवित्र स्थान के निर्माण के बाद युद्ध-उद्धार और समर्पण के महत्व पर संकेत।

हर संदर्भ में—a) परमेश्वर का नाम महिमा के साथ प्रकट होता है, b) निर्माण एक आध्यात्मिक संकेत बनकर समुदाय को एक पवित्र आचरण सिखाता है।

व्यावहारिक विचार

आज के विश्वासी के लिए यह संदेश देता है कि किसी भी धार्मिक-निर्माण या उपलब्ध संसाधनों का उपयोग तब ही सार्थक है जब उसका उद्देश्य परमेश्वर की महिमा और लोगों की सेवा हो। भवन-निर्माण, आयोजन या किसी भी सामुदायिक उपक्रम में दक्षता, विनम्रता और समर्पण आवश्यक है। हर चीज़ में ईश्वर के नाम के लिए श्रेष्ठता की चाह रखें, ताकि समुदाय में शांति और सत्य का प्रकाश फैले।

संक्षिप्त निष्कर्ष

इस पद के अनुसार सुलैमान ने भवन को पूरा कर कार्य-संक्रमण का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा किया। यह कही गई बात कहती है कि परमेश्वर के लिए की गई हर सुव्यवस्थित सेवा उसकी महिमा के लिए होती है और समुदाय के लिए आशीष बनती है।

नोट्स/ उद्धरण

यहेक हिस्से में मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बॉर्न्स और एडम क्लार्क के स्पष्ट उद्धरण दिए गए हैं जब वे संकल्पनात्मक रूप से समान विषयों पर टिप्पणी करते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 राजाओं 6:14 समानांतर पद और संबंधित वचन

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उसने भवन को बनाकर पूरा किया, और उसकी छत देवदार की कड़ियों और तख्तों से बनी थी।

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और ग्यारहवें वर्ष के बूल नामक आठवें महीने में, वह भवन उस सब समेत जो उसमें उचित समझा गया बन चुकाः इस रीति सुलैमान को उसके बनाने में सात वर्ष लगे।

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परन्तु सुलैमान ने उसके लिये घर बनाया। (1 राजा. 6:1,2, 1 राजा. 6:14, 1 राजा. 8:19-20, 2 इति. 3:1, 2 इति. 5:1, 2 इति. 6:2, 2 इति. 6:10)

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