1 राजाओं 6:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और भवन के मन्दिर के सामने के ओसारे की लम्बाई बीस हाथ की थी, अर्थात् भवन की चौड़ाई के बराबर थी, और ओसारे की चौड़ाई जो भवन के सामने थी, वह दस हाथ की थी।

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1 राजाओं 6:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य विचार: ओसारे की आयाम बनाम मंदिर के समग्र विन्यास

यह पद हरयूर 1 राजाओं 6:3 के भीतर एक विशेष विवरण देता है: भवन के मन्दिर के सामने का ओसारा (या बाहरी आंगन) लम्बाई में बीस हाथ और चौड़ाई में दस हाथ—यानी ओसारा भवन की चौड़ाई के बराबर ही है और इसकी गहराई भवन के सामने है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ध्यान-योग्य संरचना कैसे क्रमबद्ध रूप से मंदिर के परिसर के भीतर स्थित है, और इससे मंदिर के आंतरिक-गृह से बाहर की गतिविधियाँ और भक्तिरचेना का क्रम स्पष्ट होता है।

साहित्यिक संदर्भ के संदर्भ में

यह विवरण भवन और ओसारे के विन्यास को एक क्रमबद्ध योजना के रूप में प्रस्तुत करता है।Biblical लेखक मंदिर के भीतर की पवित्रता और बाहर की प्रार्थना-गतिविधि के बीच स्पष्ट विभाजन को बनाए रखना चाहते थे। ओसारा, जो भवन के सामने है, का विन्यास यह संकेत देता है कि पूजा-कार्य का कक्ष, छप्पर और प्रवेश मार्ग एक संगठित ढांचे में व्यवस्थित है, ताकि पूजा में शिथिलता या अव्यवस्था न रहे।

आध्यात्मिक महत्व

ओसारे के आकार का स्पष्ट उल्लेख यह संकेत देता है कि परमेश्वर का साक्षात्कार और भक्तिनिष्ठ क्रिया क्रमबद्ध ढंग से सामने आती है। मंदिर के अंदर के पवित्र स्थान और बाहर के आंगन के बीच एक संतुलन बना रहता है—जहाँ बाहरी लोगों के लिए भी कुछ अवसर रहते हैं, परन्तु पूजा की पवित्रता भीतर तक सीमित रहती है। यह क्रम दर्शाता है कि साधना-यात्रा धीरे-धीरे आगे बढ़ती है, पहले मैदान-आयाम में, फिर भवन-आयाम में, और अंततः परमेश्वर के समक्ष मन-वचन-कार्य में पहुँचना।

आगामी अनुशीलन के लिए क्रॉस-रेफरेंसे

- मिस्र-नियमों के मंदिर-आयोजन की तुलना: पवित्रता के क्रम और प्रवेश के सीमाओं पर विचार।

- हव्वा-युग के मंदिर-आयाम और पवित्रता के विधान: आन्तरिक आध्यात्मिक प्रवेश का संकेत।

- प्रेरित-युग के चर्च-संरचना में प्रार्थना-स्थल और सभागार के बीच संतुलन के अर्थ पर विचार।

reflection प्रश्न

  • मंदिर की संरचना में क्रमबद्धता हमारे व्यक्तिगत पूजा-व्यवहार में कैसे प्रतिबिंबित होती है?
  • बाहरी आंगन के रूप में ओसारा क्या बताता है कि कौन-सी बातें प्रार्थना के लिए खुली और कौन-सी बातें पवित्रता में संचित रहें?

निष्कर्ष

1 राजाओं 6:3 में ओसारे की लम्बाई और चौड़ाई का स्पष्ट उल्लेख हमें मंदिर के स्थापत्य और पूजा-व्यवस्था के संतुलन की एक ठोस तस्वीर देता है। यह न केवल वास्तुशास्त्र का विवरण है, बल्कि प्रार्थना और पवित्रता के क्रम की सीमा-रेखा और प्रवेश के अधिकार का संकेत भी है। इस संरचना के पीछे का उद्देश्य यह है कि परमेश्वर के सामने एक व्यवस्थित, पवित्र और श्रद्धापूर्ण सभा बनी रहे, जहाँ बाहरी लोग भी किन्तु-नियत क्रम के अनुसार भाग ले सकें, परन्तु भीतर के पूजा-स्थल की पवित्रता बनी रहे।

पूर्व-लेखन उद्धरण (महत्वपूर्ण निष्कर्ष)

यदि उपयोग हो तो नीचे दिए गए सार्वजनिक डोमेन टीका-लेखकों के संक्षिप्त उद्धरण आवश्यकतानुसार सम्मिलित करें:

Matthew Henry: “...यह बताते हैं कि पवित्रता और व्यवस्था के बिना पूजा न पूर्ण होती है और न लोगों का विश्वास गहरा होता है।”

Albert Barnes: “ओसारे की चौड़ाई-लम्बाई का संयोजन मंदिर के उद्देश्य को दर्शाता है: बाहरी प्रार्थना का क्षेत्र और आंतरिक पूजा का अवकाश एक साथ चलते हैं।”

Adam Clarke: “भवन के सामने का आंगन मानों मंदिर के मुख्य द्वार से मिलने वाला प्रार्थना-हस्तांतरण है; यह पवित्र स्थान के भीतर से बाहर की दुनिया तक एक मार्ग बनाता है।”

नोट: उपर्युक्त उद्धरण हैं यदि उपलब्ध हों तो संक्षेप में सुझाव के रूप में प्रस्तुत किये गये हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 राजाओं 6:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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तब दाऊद ने अपने पुत्र सुलैमान को मन्दिर के ओसारे, कोठरियों, भण्डारों अटारियों, भीतरी कोठरियों, और प्रायश्चित के ढकने के स्थान का नमूना,

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परमेश्‍वर का जो भवन सुलैमान ने बनाया, उसकी यह नींव है, अर्थात् उसकी लम्बाई तो प्राचीनकाल के नाप के अनुसार साठ हाथ, और उसकी चौड़ाई बीस हाथ की थी।

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यहेजकेल 41:15 (HINIRV) »
फिर उसने पीछे के आँगन के सामने की दीवार की लम्बाई जिसके दोनों ओर छज्जे थे, मापकर सौ हाथ की पाई; और भीतरी भवन और आँगन के ओसारों को भी मापा।

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