Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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यहोवा के विरुद्ध घृणित पाप का परिणाम और दया की आवश्यकता
मुख्य अर्थ: रमल्याह के पुत्र पेकह ने यहूदा में एक ही दिन में एक लाख बीस हजार वीर नागरिकों को घात कर डाला, क्योंकि वे सब के सब परमेश्वर यहोवा को त्याग चुके थे। यह घटना इसका ठोस उदाहरण है कि परमेश्वर के साथ असंयम और विरोध क्यों महान विनाश को आमंत्रित कर सकता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
2 इतिहास के संदर्भ में यह दक्षिणी राज्य वहुदा का समय बतलाता है जब इस्राएल के राजा अहाज का शासन चल रहा था। पेकह एक राहत नहीं, पर बदला लेने के लिए प्रेरित एक ऐसा नेता था जिसने आक्रामक रूप से यहूदियों के बीच हिंसा को बढ़ावा दिया। यहूदा के नागरिकों ने परमेश्वर से दूरी बना ली थी, और परिणामस्वरूप आंतरिक अंधकार एवं सामाजिक अशांति ने जगह पाई।
व्याख्यात्मक बिंदु
जोश-समय के उद्देश्यों के साथ छोटे निष्कर्ष
संदर्भित आयतें और उनके संक्षिप्त संबंध
यद्यपि नीचे पूर्ण ग्रंथ नहीं दिए जाते, किन्तु ये संदर्भ इस घटनाक्रम से संबंधित हैं:
व्यावहारिक निष्कर्ष
1) व्यक्तिगत विश्वास और सामाजिक नैतिकता का संतुलन बनाए रखना चाहिए; 2) किसी भी हिंसा को धार्मिक कारणों के साथ ज्यों का त्यों स्वीकार करना गलत है; 3) परमेश्वर के साथ अपने रिश्ते की पुनःस्थापना के लिए प्रार्थना और सत्य-कर्म आवश्यक हैं।
संक्षेपित सार
इस पाठ से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के विरुद्ध उद्धार-योजनाओं और पूजा-आचार में त्रुटि भयंकर विनाश को बुलाती है। परन्तु यदि लोग पलटकर सच्ची वफादारी अपनाते हैं, तो परमेश्वर दया दिखाते हैं।
सीधे उद्धृत स्रोतों के संकेत
यहाँ मैरी के समय के चर्चित टिप्पणीकारों—मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स, एडम क्लार्क—के निर्धारित शब्द सीधे उद्धृत नहीं दिए गए हैं, पर इन उत्तरदायित्वों के अनुरूप उनके ऐतिहासिक-धार्मिक प्रवचनों से संजोए गए निष्कर्ष सीधे संदर्भित हैं।