Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 1:1 2 कुरिन्थियों 1:2 2 कुरिन्थियों 1:3 2 कुरिन्थियों 1:4 2 कुरिन्थियों 1:5 2 कुरिन्थियों 1:6 2 कुरिन्थियों 1:7 2 कुरिन्थियों 1:8 2 कुरिन्थियों 1:9 2 कुरिन्थियों 1:10 2 कुरिन्थियों 1:11 2 कुरिन्थियों 1:12 2 कुरिन्थियों 1:13 2 कुरिन्थियों 1:14 2 कुरिन्थियों 1:15 2 कुरिन्थियों 1:16 2 कुरिन्थियों 1:17 2 कुरिन्थियों 1:18 2 कुरिन्थियों 1:19 2 कुरिन्थियों 1:20 2 कुरिन्थियों 1:21 2 कुरिन्थियों 1:22 2 कुरिन्थियों 1:23 2 कुरिन्थियों 1:24



2 कुरिन्थियों 1:4 पर व्याख्या
परमेश्वर की दया से मिलने वाली सहायता और शांति हमारे जीवन की सबसे गहरी आवश्यकता है जब हम क्लेश में होते हैं। इस पद में पौलुस बताते हैं कि ईश्वर हमारे सभी क्लेशों में शान्ति देता है ताकि हम उसी शान्ति की शक्ति से दूसरों को भी शान्ति दे सकें जो कठिनाई में हैं। यह शांति व्यक्तिगत अनुभव से उपजी है और समाज-सेवा की ओर प्रेरित करती है।
पर्वछेद के भीतर उद्धेश्य और संदर्भ
यह पद 2 कुरिन्थियों के पत्र में उन कठिन समय का संदर्भ देता है जो पौलुस और विश्वासियों के बीच तनाव, चिंताओं और परीक्षणों के बीच आते हैं। शान्ति देना अलला-रूपी नहीं, बल्कि ईश्वर की कृपा से मिलने वाला स्थिर और निश्चयपूर्ण संरक्षण है। जब विश्वासी अपने क्लेश के बीच रहते हैं, तब परमेश्वर उसी परिस्थिति के माध्यम से स्थिति-संरचना बनाते हैं ताकि वे भरोसे और धैर्य को बढ़ाएं—ताकि वे दूसरों के दुखों को समझकर उन्हें भी शान्ति का संदेश दे सकें।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षा
इस Verse की केंद्रीय शिक्षा यह है कि परमेश्वर हमारे क्लेशों में शान्ति देता है ताकि हमें उन परिस्थितियों से सीखकर दूसरों को भी शान्ति दे सकें। यह दया और क्षमा का चक्र है: ईश्वर की शान्ति पहले हमारे भीतर रहती है, फिर हम उसी शान्ति के द्वारा अन्य विश्वासियों के भार हल्का करते हैं, ताकि सामूहिक जीवन में प्रेम और आत्म-समर्पण बढ़े।
अन्य बाइबिल संदर्भ से तुलना
इन उपदेशों से स्पष्ट होता है कि ईश्वर की शान्ति एक आंतरिक काम है जो बहिरंग परिस्थितियों की विपरीतता के बीच भी बनी रहती है, और यह दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनती है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
आत्म-उपसंहार
यह पद हमें सिखाता है कि शान्ति देना केवल भावनात्मक शांति नहीं, बल्कि परमेश्वर की कृपा से प्राप्त एक आध्यात्मिक स्थिति है जो हमारे क्लेशों का सही अर्थ बनाती है। जब हम यह शान्ति अपने जीवन में अनुभव करते हैं, तब हम उसी शान्ति को दूसरों के लिए बाँट पड़ते हैं और चर्चित समुदाय में प्रेम, धैर्य और आशा को बढ़ाते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (छोटे उद्धरण सहित)
महत्वपूर्ण उद्धरण: एडम क्लार्क, आर्थत-शलोचना के साथ इस प्रकार कहते हैं कि ईश्वर की शान्ति कठिनाई के बीच भी एक सुरक्षित विश्राम है जिसे अनुभव करके ही सचेत रूप से जाना जा सकता है।