2 कुरिन्थियों 1:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परमेश्‍वर विश्वासयोग्य है, कि हमारे उस वचन में जो तुम से कहा ‘हाँ’ और ‘नहीं’ दोनों पाए नहीं जाते।

2 कुरिन्थियों 1:18 पद-दर-पद बाइबल टीका

भावार्थ का सटीक सार

2 कुरिन्थियों 1:18 कहता है कि परमेश्‍वर भरोसेमंद है; जो हमने तुमसे कहा, उसका उत्तर में “हाँ” और “नहीं” एक साथ नहीं पाए जाते। इसका तात्पर्य यह है कि परमेश्वर के वचन में उसका विश्वासयोग्यता और स्थिरता है—जो कुछ भी वह कहता है, वह पूर्णतः सत्य और स्थिर रहता है, उसे जोड़-घटाकर बदला नहीं जा सकता।

प्रसंग-संदर्भ

पलESTine के मसीही काउंसिल के प्रत्युत्तर और पापुलर सिखावन के बीच, पवित्र लेखक पॉल यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि न तो वे अपने विश्वास की तरफ़ से गैर-स्थिर शब्द बोलते हैं और न ही परमेश्वर के वचन में अस्थिरता है। संदर्भ 2 कुरिन्थियों 1:18 में उन्होंने अपने शब्दों की सत्यता को परमेश्वर की सत्यता से जोड़कर प्रस्तुत किया है, ताकि विश्वासियों को उनकी घोषणा पर पूर्ण भरोसा रहे।

interpretive observations

  • विश्वासयोग्यता: परमेश्वर के निवेदन, वचनों और प्रतिज्ञाओं में पक्का और अपरिवर्तनीय संदेश होता है; मनुष्य की प्रवृत्ति से निष्कलंक है।
  • वचन की पात्रता: “हाँ” या “नहीं” का अन्तर केवल मानव शब्द-संयोजन नहीं, बल्कि परमेश्वर के चरित्री और उद्देश्य का प्रतिनिधित्व है।
  • कथन की नैतिकता: पॉल अपनी ईमानदारी और सच्चे ईश्वर के साथ संबद्धता को दर्शाते हैं—जो अपने शब्दों को पूर्णता से निभाते हैं—यह संदेश हमारी आस्थाओं के लिए प्रेरणा है।

छोटे थीमैटिक बिंदु

  1. ईश्वर की शुद्ध सत्यता बनाम मानव अस्थिरता।
  2. प्रतिज्ञाओं में निरंतरता और विश्वसनीयता की आवश्यकता।
  3. आशा और साहस के लिए परमेश्वर के वचनों का आधार।

संबंधित पाठ और संक्षिप्त व्याख्या

याकूब 1:17— प्रत्यक्ष रूप से बताता है कि हर उत्तम उपहार, हर पूर्ण देह यह परमेश्वर से आता है, जो परिवर्तन नहीं करता। यह पंक्ति 2 कुरिन्थियों 1:18 के विचार को गहराई से पुष्ट करती है कि परमेश्वर का वचन स्थिर और परिवर्तन-रहित है।

यूहन्ना 17:17— पिता के वचन सत्य हैं; आत्मा को सच्चाई में ले जाने वाला वह मार्ग है जो हमारे विश्वास को दृढ़ बनाता है।

2 कुरिन्थियों 4:18— स्थिर विश्वास की प्रेरणा: अस्थायी परिस्थितियों के पीछे न देखकर अनंत सत्य की ओर देखें।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हमारे विश्वास में स्थिरता बनाए रखें: यदि परमेश्वर ने हमें जो कहा है, उसे वह पूरा करेगा—इस विश्वास के साथ अपने दैनंदिन जीवन में ईमानदारी, सुरक्षा और धैर्य विकसित करें। जब जीवन के ऊंच-नीचे आएं, तो अपने दिल को चेतावनी दें कि परमेश्वर का वचन न बदलता है, और उसकी प्रतिज्ञा हमारे साथ है।

पूर्व-पारिभाषिक टिप्पणियाँ

यह पाठ Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से प्रेरित सहज संकलन है। नीचे उनके मौलिक उद्धरणों के स्थान पर संक्षेप मूल्यांकन दिया गया है; विस्तृत उद्धरण उपलब्ध नहीं होने पर संक्षेप संकेत है:

Matthew Henry (संक्षेप): परमेश्वर के वचन की स्थिरता मानवीय निश्चयों से ऊपर है; वह जो कहता है, वही होता है।

Albert Barnes (संक्षेप): ईश्वर की घड़ी और परिवर्तन-रहित योजना; मनुष्यों के शब्दों से नहीं, बल्कि ईश्वरीय सत्य से निर्धारित है।

Adam Clarke (संक्षेप): प्रतिज्ञाओं की शुद्धता—वचन में प्रतिबद्धता और सत्यता—परमेश्वर की स्वभावगत विशेषताएं हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 कुरिन्थियों 1:18 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 कुरिन्थियों 1:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 1:9 (HINIRV) »
परमेश्‍वर विश्वासयोग्य है*; जिस ने तुम को अपने पुत्र हमारे प्रभु यीशु मसीह की संगति में बुलाया है। (व्य. 7:9)

यूहन्ना 7:28 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 7:28 (HINIRV) »
तब यीशु ने मन्दिर में उपदेश देते हुए पुकार के कहा, “तुम मुझे जानते हो और यह भी जानते हो कि मैं कहाँ का हूँ। मैं तो आप से नहीं आया परन्तु मेरा भेजनेवाला सच्चा है, उसको तुम नहीं जानते।

यूहन्ना 8:26 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 8:26 (HINIRV) »
तुम्हारे विषय में मुझे बहुत कुछ कहना और निर्णय करना है परन्तु मेरा भेजनेवाला सच्चा है; और जो मैंने उससे सुना है, वही जगत से कहता हूँ।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें