2 कुरिन्थियों 6:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इसलिए प्रभु कहता है, “उनके बीच में से निकलो और अलग रहो; और अशुद्ध वस्तु को मत छूओ, तो मैं तुम्हें ग्रहण करूँगा; (यशा. 52:11, यिर्म. 51:45)

2 कुरिन्थियों 6:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

2 कुरिन्थियों 6:17—प्रभु के बुलावे पर पवित्र दूरी

यह शब्द ऐसे समय के लिए निर्देश हैं जब विश्वासियों को दुनिया की असुरक्षा और पाप से अलग रहने की आवश्यकता महसूस होती है। प्रेरित पॉल इसे एक धार्मिक और नैतिक सीमा के रूप में प्रस्तुत करते हैं—ऐसी दूरी जो परमेश्वर के निवास के योग्य बनाती है और हमारे संपर्क को उसकी पवित्र प्रकाशना के अनुरूप बनाती है। यह केवल सतही आचरण नहीं है, बल्कि हृदय की संकल्पना है कि हम किसके साथ और कैसे जुड़ते हैं।

मूल संदर्भ क्या था?

पत्र का यह अंश, 2 कुरिन्थियों 6 में, पॉल ने बहुधा चले आ रहे प्रभावों—धर्म के बाहर के दबाव, अशुद्ध धार्मिक आचार-व्यवहार, और सांसारिक क्रीड़ा—के विरुद्ध एक प्रकार की पवित्र दूरी की वकालत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए अनुबंध के साथ जीवन अपनाने का अर्थ है, “उनके बीच से निकलना और अलग रहना”—यानी मिथ्या सुरक्षा, मूर्तिपूजा या सांसारिक मूल्य-प्रणालियों से दूरी रखना, ताकि परमेश्वर की कृपा और पवित्रता हमारे बीच बनी रहे। यह वक्तव्य यशायाह और यिर्मयाह की संतप्त चेतावनियों से जुड़ा है, जहाँ पवित्रता और त्याग को ईश्वर के निवास-स्थल के लिए अनिवार्य माना गया है।

मुख्य संदेश

हर प्रकार के अशुद्ध संपर्क से दूरी बनाकर, विश्वासियों को उनके मन, विचार, और व्यवहार में पवित्र बने रहने के लिए प्रेरित किया गया है। यह दूरी कर्म-फूलों की नहीं, आत्मिक निष्ठा की है: हम “ प्रभु के साथ” रहते हैं, इसलिए हमें संसार की अशुद्धता से बचना चाहिए ताकि हम उसकी ग्रहणीय उपस्थिति को खो न दें। यह एक सुरक्षा-काल के रूप में है ताकि दरबार के निमंत्रण में हमारा प्रवेश सुरक्षित रहे।

एकीकृत संदेश: परिप्रेक्ष्य और अनुप्रयोग

पॉल एक नाजुक संतुलन रखता है—हम संसार से अलग रहते हुए भी प्रभु की करुणा में जीना चाहते हैं। यह अलगाव आत्म-नियंत्रण, नैतिकता, और धार्मिक भक्ति के माध्यम से आता है, न कि श्रेष्ठ-गर्व या বিচ्छेद-भाव से। परिणामस्वरूप, प्रार्थना, पवित्र Schrift के अध्ययन, और ईश्वर-आस्था के साथ हमारी सहभागिता मजबूत होती है।

क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप, बिना पूर्ण पद पाठ)}

  • यशायाह 52:11 — पवित्रता के लिए निकटता का आग्रह; God’s people, बाहर निकलो और अशुद्ध से दूर रहो ताकि वे ग्रहण योग्य रहें।
  • यिर्मयाह 51:45 — भविष्यवाणी में विविध अस्थिरताओं के बीच भी पवित्रता और प्रभु के साथ संबद्ध रहने की बात।
  • यहोशू 3:5 — भविष्य के लिए पवित्र जीवन का आह्वान; प्रभु अपने लोगों के लिए आदर्श दूरी और आराधना बनाते हैं।

इन संदर्भों में एक सामान्य धारा है: ईश्वर के साथ सुरक्षित और पवित्र संबंध बनाए रखने के लिए संसार की अशुद्ध वस्तुओं से दूरी आवश्यक है, ताकि हमारी आस्थागत यात्रा निर्बाध रहे और परमेश्वर की उपस्थिति का अनुभव हमारे साथ बना रहे।

चयनित विचार (पूर्व-प्रेरित टिप्पणीकारों से संक्षेप)

तारक-स्तर पर Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पवित्र पंक्तियों के संकेत इस प्रकार हैं:

“याचना और पवित्रता के बिना सहभागिता से भी जीवन दूषित होता है; इसलिए अशुद्धता से बचना परमेश्वर के साथ हमारे संबंध की रक्षा है।” — Henry

“पवित्रता की दूरी से हमारा मानवीय विश्वास सुरक्षित रहता है, ताकि ईश्वर की करुणा हमारे भीतर सही रंग दिखाए।” — Barnes

“यह दूरी ऐसी है जो विश्वासियों को संसार की राहों से हटाकर ईश्वर की राह पर सीधे ले जाती है, ताकि ग्रहणशीलता बनाए रहे।” — Clarke

देवotional विचार प्रवेश

जब जीवन की तेज़ हवाओं में हम अपने दिल को स्थिर रखना चाहते हैं, तब यह वचन एक सरल लेकिन गहरी सीख देता है: परमेश्वर के साथ निकटता बनाए रखने के लिए हमें अपनी नज़रों को साफ रखना होगा—जो कुछ हमें ईश्वर के घर से दूर कर सकता है, उसे पहचानकर उसे छोड़ देना चाहिए। यह केवल बाहर की दूरी नहीं, बल्कि मानसिकता के परिवर्तन का आह्वान है: ईश्वर की पवित्रता की ओर चलना और उसकी उपस्थिति के योग्य बनना।

संक्षिप्त निष्कर्ष

2 कुरिन्थियों 6:17 हमें याद दिलाता है कि ईश्वर के साथ रहने के लिए आंतरिक और बाहरी शुद्धता आवश्यक है। यह प्रभु की बुलाहट है कि हम सांसारिक अशुद्धताओं से अलग रहें ताकि हमारे caminar और priyog पृथ्वी पर भी आकाश की रोशनी बन सके।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 कुरिन्थियों 6:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 52:11 (HINIRV) »
दूर हो, दूर, वहाँ से निकल जाओ, कोई अशुद्ध वस्तु मत छूओ; उसके बीच से निकल जाओ; हे यहोवा के पात्रों के ढोनेवालों, अपने को शुद्ध करो। (2 कुरि. 6:17, प्रका. 18:4)

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प्रकाशितवाक्य 18:4 (HINIRV) »
फिर मैंने स्वर्ग से एक और शब्द सुना, “हे मेरे लोगों, उसमें से निकल आओ* कि तुम उसके पापों में भागी न हो, और उसकी विपत्तियों में से कोई तुम पर आ न पड़े; (यशा. 52:11, यिर्म. 50:8, यिर्म. 51:45)

2 कुरिन्थियों 7:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 कुरिन्थियों 7:1 (HINIRV) »
हे प्यारों जब कि ये प्रतिज्ञाएँ हमें मिली हैं, तो आओ, हम अपने आप को शरीर और आत्मा की सब मलिनता से शुद्ध करें, और परमेश्‍वर का भय रखते हुए पवित्रता को सिद्ध करें।

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