Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 कुरिन्थियों 6:1 2 कुरिन्थियों 6:2 2 कुरिन्थियों 6:3 2 कुरिन्थियों 6:4 2 कुरिन्थियों 6:5 2 कुरिन्थियों 6:6 2 कुरिन्थियों 6:7 2 कुरिन्थियों 6:8 2 कुरिन्थियों 6:9 2 कुरिन्थियों 6:10 2 कुरिन्थियों 6:11 2 कुरिन्थियों 6:12 2 कुरिन्थियों 6:13 2 कुरिन्थियों 6:14 2 कुरिन्थियों 6:15 2 कुरिन्थियों 6:16 2 कुरिन्थियों 6:17 2 कुरिन्थियों 6:18



2 तिमुथी 6:3 — तुरंत संदर्भ में दृष्टि
पश्चाताप और सेवा के भीतर, पैग़म्बर-प्रधान चुनौती के बीच प्रेरित पतरस को संबोधित करते हुए पौलुस इस verse के ज़रिये शिष्य को सतर्क रहने की नसीहत देते हैं कि हमारी सेवा पर किसी प्रकार का लांछन न लगे। इस पंक्ति में “हम किसी बात में ठोकर खाने का अवसर नहीं देते” का आशय है कि ईश्वर की सेवा का कार्य समझदारी, पारदर्शिता और पवित्रता से किया जाए ताकि दूसरों के मन पर गलत प्रभाव न पड़े और प्रभु की शुद्धता उजागर रहे।
ईश्वर या विश्वास के बारे में यह पाठ क्या दिखाता है
यह वचन यह उजागर करता है कि सेवकत्व केवल क्रियाओं का खेल नहीं है, बल्कि जीवन के हर पहलू को ईश्वर के प्रकाश में जीना है। यदि सेवक अपने आचरण में सक्षम, सुसंगत और साफ-सुथरी गवाही देता है, तो ministry के भीतर भी ठोसता बनती है। यह विश्वास-जीवन की एक सतर्कता है कि हम अपने कार्यों से Christ की उपलब्धियों को न कुचलें, बल्कि उसकी महिमा बढ़ाने के लिए निरंतर आत्म-आलोचना और सुधार को तैयार रहें।
महत्वपूर्ण शब्दों या चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
संबंधित पवित्रशास्त्री के विचार (संक्षित, स्रोत से मिलते-जुलते निष्कर्ष)
मार्थव Henry, Barnes और Clarke के पारंपरिक टिप्पणी-स्रोतों में इस प्रकार का स्वरूप मिलता है: वे सेवकत्व की नैतिकता पर बल देते हैं—यानी शब्दों और कर्मों का सामंजस्य, और किसी भी प्रकार के लाभ-लाभ के लिए कमजोरी को प्रकट न होना। विशेष रूप से वे कहते हैं कि ख्याति या प्रचार के लिए जीवन को ढाला न जाए, क्योंकि उद्धारकर्ता की परीक्षा हर समय होती है। (उद्धरण के तौर पर संक्षेप: “हम किसी बात में ठोकर खाने का अवसर नहीं देते”—यह परमेश्वर के सामने उत्तरदायित्व की स्पष्टता बताता है।)
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप, प्रत्येक के साथ तात्पर्य)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि सेवकत्व का मार्ग नैतिकता, नम्रता और स्पष्टता से भरा होना चाहिए, ताकि प्रचारित सन्देश बिना बाधा के पहुँचे।
आज के जीवन में अनुप्रयोग