Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 राजाओं 8:1 2 राजाओं 8:2 2 राजाओं 8:3 2 राजाओं 8:4 2 राजाओं 8:5 2 राजाओं 8:6 2 राजाओं 8:7 2 राजाओं 8:8 2 राजाओं 8:9 2 राजाओं 8:10 2 राजाओं 8:11 2 राजाओं 8:12 2 राजाओं 8:13 2 राजाओं 8:14 2 राजाओं 8:15 2 राजाओं 8:16 2 राजाओं 8:17 2 राजाओं 8:18 2 राजाओं 8:19 2 राजाओं 8:20 2 राजाओं 8:21 2 राजाओं 8:22 2 राजाओं 8:23 2 राजाओं 8:24 2 राजाओं 8:25 2 राजाओं 8:26 2 राजाओं 8:27 2 राजाओं 8:28 2 राजाओं 8:29

2 राजाओं 8:21 — पाठ का तात्कालिक सेटिंग
इस पद्य में योराम ने यहोवा की सहायता से आंशिक रूप से अपने विरुद्ध खड़ी परिस्थितियों पर विजय पाई। वह साईर के विरुद्ध आक्रमण कर रहा है, रात के समय उठकर एदोमियों को जो उसकी घेरेबंदी करते थे, और रथों के प्रमुखों को भी मारा। परिणामस्वरूप सैनिकों के समूह टूट गये और लोग अपने-अपने डेरों की ओर पलायन कर गये। यह घटना योराम के शासन काल की घटनाओं में एक स्पष्ट चाल दिखाती है, जिसमें परमेश्वर की सहायता औरStrategic निर्णयों की संगति से राजा की शक्ति स्थिर रहती है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो सीख मिलती है
यह पाठ दिखाता है कि शक्तिशाली परमेश्वर ही राजा की सुरक्षा और विजय का स्रोत है। अंधकारमय परिस्थितियों में, अचानक ईश्वर का हस्तक्षेप संभव है, जिससे शत्रु घिर जाते हैं और भक्तों की सुरक्षा होती है। योराम की सफलता का कारण केवल सैन्य कौशल नहीं, बल्कि परमात्मा की कृपा और निर्धारित समय पर सहायता है।
मुख्य शब्दों और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
यह संकेत करता है कि कार्रवाई अचानक और चुपके से हुई, जिससे दुश्मन चकित रह गया।
योराम की सेना के घेरे में रहने वाले क्षेत्र के लोग; यह युद्ध की भू-राजनीतिक स्थितियों को दर्शाता है और परमेश्वर के साथ उनकी कथा में एक महत्वूर्ण मोड़ है।
सैनिक संरचना के शक्तिशाली अंग; उनकी हार दर्शाती है कि बहुधा नेतृत्व की निष्क्रियता नहीं, बल्कि ईश्वर की प्रत्यक्ष क्रिया ही विजय का कारण बनती है।
अन्य संबंधी पवित्र पाठ
यही समय-सीमा में नीचे के बिंदुओं से प्रेरणा मिलती है:
आज के जीवन के लिए व्यावहारिक अनुप्रयोग
1) कठिन समय में डर नहीं; ईश्वर में विश्वास बनाए रखें, भले परिस्थितियाँ कितनी भी तीखी क्यों न हों।
2) योजना बनाते समय परमेश्वर की दिशा seeking करें; रात के दौर में भी वह मार्ग दिखा सकता है, कभी-कभी अचानक और चुपके तरीके से।
3) नेता और समुदाय मिलकर एक साथ कार्य करें; सामुदायिक प्रार्थना और एकरूपता से प्रतिकूलताओं पर विजय संभव होती है।
संक्षेपित समरी
2 राज_ap8:21 में योराम ने एक बार फिर परमेश्वर के सहयोग से आरे-विपत्ति को मात दी और एदोमियों को हराकर अपने रथ-प्रधानों को परास्त किया। यह पाठ आश्वस्त करता है कि परमेश्वर अपनी योजनाओं के अनुसार सहायता देता है, चाहे परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों।
उद्धरण संकेत: यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के किसी स्पष्ट उद्धरण के साथ संदर्भ चाहते हैं, तो यह अध्याय उनके व्यापक व्याख्या-ग्रंथों में परमेश्वर की सहायता और राजा की नीतियों पर आधारित टिप्पणियों के भीतर मिलते हैं।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षिप्त व्याख्या के साथ)
1) यशायाह 54:17 — प्रभु सुरक्षा देता है; कोई हथियार रिश्ता नहीं कर सकता।
2) 1 इतिहास 14:8–12 — मोहताजों में ईश्वर के हस्तक्षेप से विजय; साहस और विश्वास का मेल।
3) फिllिप्पियों 4:6–7 — चिंता के समय भी परमेश्वर के शांति-प्राप्ति के मार्ग।