2 शमूएल 2:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उस दिन बड़ा घोर युद्ध हुआ; और अब्नेर और इस्राएल के पुरुष दाऊद के जनों से हार गए।

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2 शमूएल 2:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

पद का तात्पर्य और संदर्भ

2 शमूएल 2:17 उस दिन बड़े घोर युद्ध का वर्णन करता है जब अब्नेर और इस्राएली सेना डाऊद के जनों पर परास्त हुए। यह युद्ध इब्राहीम के वंश के भीतर सत्ता-झगड़े का परिणाम था, जब दाऊद अभी राजा बना नहीं था और इस्राइल के कुछ हिस्से अदल-बदल कर बढ़त पाने की कोशिश कर रहे थे। यह उद्घोषणा बताती है कि परमेश्वर की योजनाएं कभी भी मानवीय चालों से ऊपर नहीं जातीं, और प्रसिद्ध युद्ध-पराक्रम के बीच भी परमेश्वर की इच्छा के अनुसार ही घटनाएं घटती हैं।

ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो स्पष्ट होता है

यह वाक्य दिखाता है कि युद्ध और पराजय परमेश्वर की अनुमति से होते हैं। दाऊद के समय में दाऊद स्वयं जब तक सत्ता में नहीं आ गए थे, तब भी परमेश्वर के संरक्षण और न्याय की योजना चल रही थी। इस पाठ से हमारा विश्वास यही सिखाता है कि परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, परमेश्वर की सत्ता और उसकी योजना चालू रहती है, और वह अपने चुनाव-ग्राही लोगों के साथ रहती है—भले ही अस्थाई हार क्यों न हो जाए।

महत्त्वपूर्ण शब्दों/छवियाँ स्पष्ट करना

  • ": एक तीखा प्रदर्शन है कि मानव-यात्रा में संघर्ष कैसे तेज और निर्णायक हो सकता है; यह अस्थायी विजय के बावजूद परमेश्वर के सामने हमारी निर्भरता की मांग है।
  • : दबाव और सत्ता की लड़ाई में एक प्रतिद्वंद्वी शक्ति का प्रतीक, जो नतीजों को बताने वाला है—परमेश्वर के निर्णयों के सामने समय पर सत्य का प्रकाश देता है।

संबंधित बाइबिल पाठ

यह पाठ डाऊद के राजत्व के आरम्भिक चरणों से जुड़ता है; साथ ही यह दिखाता है कि परमेश्वर दाऊद के साथ है जब वह राजा के रूप में स्थापित होता है। संदर्भ: 2 शमूएल 3:1 (युद्ध की निरंतरता के संकेत), 1 शमűएल 16:1-13 (ईश्वर की पंक्ति-चयन के साथ दाऊद की शुरुआत), और भजन-ग्रंथों में विश्वास की कठिनाइयों के बीच ईश्वर की सहायता का स्मरण (भजन 18 आदि)।

आज के लिए उपयोगी अनुप्रयोग

हमारे जीवन में भी कई बार बड़े-घोर संघर्ष आते हैं—व्यवसाय, परिवार, या नैतिक प्रश्नों के बीच। इस पाठ से प्रेरणा मिलती है कि मजबूत शील, धैर्य और परमेश्वर की योजना पर विश्वास रखने से ही कठिन समय पार होता है। पराजय के क्षणों में भी परमेश्वर की रोशनी संभव रहती है; वह हमारी दिशा and मार्गदर्शन देता है, जब हम उससे हाथ बढ़ाते हैं।

समापन संकलन

इस छोटे से दृश्य में युद्ध-पराजय के बीच भी परमेश्वर की योजना का संकेत मिलता है। यह न केवल इतिहास का एक क्षण है, बल्कि हर साथी विश्वास के लिए एक स्मरण-그래 है कि हम भी कठिन समय में विश्वास बनाए रखें।

संदर्भ-धारणा (Cross-references)

1) 2 शमूएल 3:1 — दाऊद के विरुद्ध संघर्षों के बीच सत्ता-संरचना की गति।

2) 1 शमूएल 16:1-13 — ईश्वर के चुनाव और दाऊद की पहचान का आरम्भ।

3) भजन 18 — विपत्ति के समय परमेश्वर की सहायता और उद्धार का स्मरण।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

2 शमूएल 2:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

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शाऊल के घराने और दाऊद के घराने के मध्य बहुत दिन तक लड़ाई होती रही; परन्तु दाऊद प्रबल होता गया, और शाऊल का घराना निर्बल पड़ता गया।

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