Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
2 शमूएल 2:1 2 शमूएल 2:2 2 शमूएल 2:3 2 शमूएल 2:4 2 शमूएल 2:5 2 शमूएल 2:6 2 शमूएल 2:7 2 शमूएल 2:8 2 शमूएल 2:9 2 शमूएल 2:10 2 शमूएल 2:11 2 शमूएल 2:12 2 शमूएल 2:13 2 शमूएल 2:14 2 शमूएल 2:15 2 शमूएल 2:16 2 शमूएल 2:17 2 शमूएल 2:18 2 शमूएल 2:19 2 शमूएल 2:20 2 शमूएल 2:21 2 शमूएल 2:22 2 शमूएल 2:23 2 शमूएल 2:24 2 शमूएल 2:25 2 शमूएल 2:26 2 शमूएल 2:27 2 शमूएल 2:28 2 शमूएल 2:29 2 शमूएल 2:30 2 शमूएल 2:31 2 शमूएल 2:32



पद का क्षण-सीनरी और संदर्भ
2 शमूएल 2:9 में दाऊद के पुत्र इशबोशेत के राज्य-स्थापन का भाग है। यहाँ यह बतलाया गया है कि असहाय भाइयों के बीच एक शक्तिशाली शासक का चयन कैसे हो रहा है, ताकि उत्तराधिकारी के रूप में निष्चित lokalen शासन की व्यवस्था बन सके। यह प्रसंग इस बात को सामने लाता है कि परमेश्वर के लोग अपने-अपने क्षेत्रीय नियंत्रण के लिए प्रभु के द्वारा निर्धारित योजना के अनुसार क्रम बनाए रखते हैं।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से सीख
यह पाठ यह संकेत देता है कि परमेश्वर नेतृत्व के निर्णयों में मानव विवेक और सत्ता से अलग एक divine संकेतक की भूमिका को मान्यता देता है। यह भी स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने उद्देश्य के अनुसार राष्ट्र के केंद्र में धारणा और सुरक्षा के लिए एक स्पष्ट सत्ता संरचना बनाते हैं—जो देश के शेष हिस्सों पर प्रभाव डालती है।
महत्वपूर्ण शब्द और प्रतिमा-साफ-सफाई
संबंधित पवित्रवचन
आशा के लिए कुछ संदर्भ इस प्रकार हैं—
इन संदर्भों से नीति-निर्माण और प्रशासन की पवित्र दृष्टि का मिलान समझ में आता है: परमेश्वर नेतृत्व को आत्म-नियमन के साथ देता है ताकि लोगों के बीच न्याय और सुरक्षा बनी रहे।
आज के जीवन में प्रभाव
हमारे लिए यह पाठ एक प्रेरणा देता है कि नेतृत्व के चयन में परमेश्वर की योजना को महत्वपूर्ण मानें। एक समुदाय के लिए यह मानना आवश्यक है कि शासन-व्यवस्था, चाहे वह छोटा समाज हो या बड़ा राष्ट्र, स्थायित्व और सुरक्षा के लिए समान-उचित व्यवस्था के साथ हो। विश्वासियों को चाहिए कि वे धार्मिक-नीति के अनुसार अपने नेताओं का सम्मान करें, परन्तु यदि नेता अन्याय में हों तो भी परमेश्वर के निर्देशों के अनुरूप सत्य के साथ खड़े हों।
एतिहासिक-व्याख्या से एक संयुक्त निष्कर्ष
मैथ्यू हेनरी, अॅलबर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के सार्वजनिक-डायरी-चर्चा जैसे पुराने उद्धरणों से प्राप्त विचार इस प्रकार मिलते हैं: नेतृत्व के चयन में परमेश्वर की योजना प्रमुख है; सत्ता के वितरण से community की एकता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है; और हर निर्णय में ईश्वर की महिमा सर्वोपरि रहती है।
संक्षेप में, यह विवरण बताता है कि प्रभु शासक-निर्णय के माध्यम से इस्राएल के विभाजन-प्रदेशों में एक सुव्यवस्थित शासन स्थापित करते हैं, ताकि उनके लोगों की भलाई और धार्मिक सचेतना बनी रहे।