Old Testament
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2 थिस्सलुनीकियों 1:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे भाइयों, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिए कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और आपस में तुम सब में प्रेम बहुत ही बढ़ता जाता है।
2 थिस्सलुनीकियों 1:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 थिस्सलुनीकियों 1:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नीतिवचन 4:18 (HINIRV) »
परन्तु धर्मियों की चाल, भोर-प्रकाश के समान है, जिसकी चमक दोपहर तक बढ़ती जाती है।

2 पतरस 3:18 (HINIRV) »
पर हमारे प्रभु, और उद्धारकर्ता यीशु मसीह के अनुग्रह और पहचान में बढ़ते जाओ। उसी की महिमा अब भी हो, और युगानुयुग होती रहे। आमीन।

2 थिस्सलुनीकियों 1:3 का अर्थ
इस पाद संदेश में प्रेरित पॉल बताते हैं कि भाइयों के प्रति उनका धन्यवाद परमेश्वर के कारण है क्योंकि थिस्सलुनीकै समुदाय का विश्वास दृढ़ हो रहा है और प्रेम विरक्ति के बिना एक-दूसरे के बीच बढ़ रहा है। सरल शब्दों में: बंधुत्व और विश्वास की वृद्धि परमेश्वर की कृपा के प्रमाण हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पत्र थिस्सलुनीकी समुदाय को प्रेरित पॉल द्वारा लिखा गया था, जहां उत्पन्न होने वाले साहसिक भय-भक्तों के बीच विश्वास और प्रेम की गरिमा पर व्याख्या की गई है। इस वचन में दो प्रमुख अनुभव सामने आते हैं: (1) विश्वास का तीव्र विस्तार और (2) प्रेम के उद्भव से समुदाय का सामाजिक उल्लास। यह वृद्धि ईश्वर के कारण है और इसमें धन्यवाद व्यक्त किया जाता है।
व्याख्यात्मक observations
थीमेटिक सूची
अन्य शास्त्रीय टिप्पणी से जुड़ाव
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke ने इस वचन को कैसे समझाया, उनके संकेत इस प्रकार हैं:
उद्धृत रूप में इन समीक्षाओं का संकलन यह दर्शाता है कि कैसे विश्वास-प्रकाश और प्रेम का प्रचुरित होना, समुदाय के लिए एक स्थिरता और प्रेरणा स्रोत बनता है।
पवित्रग्रंथ-आधारित क्रॉस-रेफरेन्स
इस पाठ से जुड़े कुछ क्रॉस-रेफरेन्स नीचे दिए जाते हैं, ताकि पाठ के भीतर रोशनी और स्पष्टता मिल सके:
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि विश्वास, प्रेम और आभार एक साथ चलते हैं और मानवीय समुदाय को ईश्वर के निकट लाते हैं।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम अपने जीवन में यह सीख सकते हैं कि:
संक्षेप में, 2 थिस्सलुनीकियों 1:3 हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर की कृपा से बढ़ता हुआ विश्वास और प्रेम किसी भी कठिन परिस्थिति के बीच भी हमारे चर्च-समुदाय को स्थिर और प्रतिफल बनाता है।