Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी2 थिस्सलुनीकियों 1:9 बाइबल पद की व्याख्या
2 थिस्सलुनीकियों 1:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे प्रभु के सामने से, और उसकी शक्ति के तेज से दूर होकर* अनन्त विनाश का दण्ड पाएँगे। (प्रका. 21:8, मत्ती 25:41,46, यशा. 2:19,21)
2 थिस्सलुनीकियों 1:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
2 थिस्सलुनीकियों 1:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 25:41 (HINIRV) »
“तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, ‘हे श्रापित लोगों, मेरे सामने से उस अनन्त आग* में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है।

2 थिस्सलुनीकियों 2:8 (HINIRV) »
तब वह अधर्मी प्रगट होगा, जिसे प्रभु यीशु अपने मुँह की फूँक से मार डालेगा*, और अपने आगमन के तेज से भस्म करेगा। (अय्यू. 4:9, यशा. 11:4)

प्रकाशितवाक्य 21:8 (HINIRV) »
परन्तु डरपोकों, अविश्वासियों, घिनौनों, हत्यारों, व्यभिचारियों, टोन्हों, मूर्तिपूजकों, और सब झूठों का भाग उस झील में मिलेगा, जो आग और गन्धक से जलती रहती है: यह दूसरी मृत्यु है।” (इफि. 5:5, 1 कुरि. 6:9-10)
2 थिस्सलुनीकियों 1:9 का साधारण अर्थ
इस पद में कहा गया दण्ड एक स्थाई, अविनाशी प्रकृति का दंड है—वे प्रभु के सामने से, और उसकी शक्ति के तेज से दूर होकर अनन्त विनाश पाएँगे। सरल भाषा में यह उन लोगों के लिए है जो ईश्वर के प्रकाश और न्याय से विरुद्ध रहते हैं; उनका भाग अंततः पूर्ण विनाश है, निष्ठुरता से नहीं, बल्कि दृढ़ निर्णय के साथ जो परमेश्वर के पवित्र न्याय के अनुसार होता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ थिस्सलुनीकियों के पहले पत्र में है, जहां पौलुस ने विश्वासी समुदाय को प्रेरित किया है कि वे धैर्य रखें और प्रभु के दिन के भीतर होने वाले न्याय के प्रति स्थिर रहें। इस भाग में दुष्टों के दण्ड का वर्णन करते हुए प्रेरक रूप से विश्वासियों को आशा दी गई है कि ईश्वर अपने समय पर न्याय करेंगे।
व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ
संक्षिप्त विषयगत बिंदु
अन्य आयतों के सह-संदर्भ
प्रकाशन की दृष्टि से तीन संदर्भ जो याद दिलाते हैं—
इन आयतों के संयोजन से स्पष्ट होता है कि अंतिम न्याय में गैर-विश्वासियों के लिए एक निश्चित परिणाम है, जो ईश्वर के प्रकाश और करुणा से इनकार के कारण आता है।
मुख्य संदेश का व्यावहारिक takeaway
विश्वासी के लिए यह एक चेतावनी नहीं, बल्कि विश्वास की सुरक्षा और धैर्य का कारण है: भले ही दुष्ट संचालित दिखाई दें, पर परमेश्वर की सिद्ध न्याय शीघ्र या बाद में फलीभूत होगी। अपने जीवन को पवित्रता और ईश्वर के प्रकाश में बनाए रखें, ताकि उस दिन के डर से नहीं, व बल्कि आशा के साथ खड़े रहें।
ऐतिहासिक-उद्धरण के बारे में नोट
नीचे उद्धृत टिप्पणीकारों के विचार संदर्भित हैं, परन्तु मूल शब्दों के संक्षिप्त संकेत ही दिए जा रहे हैं; कोई पूरा वाक्य नहीं दिया गया है।
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सार्वजनिक-डॉमेन टिप्पणी में दण्ड, न्याय और अनन्त परिणाम पर समान भाव प्रकट होते हैं—यही प्रेरणा इस पाठ के केन्द्र में है। अगर किसी जगह उनके खुले उद्धरण मिलें, तो ध्यान रहे कि वे संकेतन में छोटे हिस्से ही उद्धृत रहते हैं।
संक्षेपित निष्कर्ष
2 थिस्सलुनीकियों 1:9 में दुष्टों के दण्ड की तस्वीर स्पष्ट है: प्रभु के सामने से, और उसकी शक्ति के तेज से दूर होकर अनन्त दण्ड पाएँगे। यह इस बात की याद दिलाती है कि ईश्वर का न्याय सदा पूर्ण और स्थिर है; हमें अपने जीवन को पवित्र बनाकर उसके प्रकाश में जीना चाहिए और आशा से भरपूर नम्रता बनाए रखनी चाहिए।