Old Testament
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प्रेरितों के काम 1 प्रेरितों के काम 2 प्रेरितों के काम 3 प्रेरितों के काम 4 प्रेरितों के काम 5 प्रेरितों के काम 6 प्रेरितों के काम 7 प्रेरितों के काम 8 प्रेरितों के काम 9 प्रेरितों के काम 10 प्रेरितों के काम 11 प्रेरितों के काम 12 प्रेरितों के काम 13 प्रेरितों के काम 14 प्रेरितों के काम 15 प्रेरितों के काम 16 प्रेरितों के काम 17 प्रेरितों के काम 18 प्रेरितों के काम 19 प्रेरितों के काम 20 प्रेरितों के काम 21 प्रेरितों के काम 22 प्रेरितों के काम 23 प्रेरितों के काम 24 प्रेरितों के काम 25 प्रेरितों के काम 26 प्रेरितों के काम 27 प्रेरितों के काम 28Verse
प्रेरितों के काम 1:1 प्रेरितों के काम 1:2 प्रेरितों के काम 1:3 प्रेरितों के काम 1:4 प्रेरितों के काम 1:5 प्रेरितों के काम 1:6 प्रेरितों के काम 1:7 प्रेरितों के काम 1:8 प्रेरितों के काम 1:9 प्रेरितों के काम 1:10 प्रेरितों के काम 1:11 प्रेरितों के काम 1:12 प्रेरितों के काम 1:13 प्रेरितों के काम 1:14 प्रेरितों के काम 1:15 प्रेरितों के काम 1:16 प्रेरितों के काम 1:17 प्रेरितों के काम 1:18 प्रेरितों के काम 1:19 प्रेरितों के काम 1:20 प्रेरितों के काम 1:21 प्रेरितों के काम 1:22 प्रेरितों के काम 1:23 प्रेरितों के काम 1:24 प्रेरितों के काम 1:25 प्रेरितों के काम 1:26



प्रेरितों के काम 1:13 का अर्थ
यद्यपि प्रेरितों के समूह में अनेक नामों के साथ एक सामान्य घटना बताई गई है, पर इस वचन का मूल तात्पर्य है—चेतना, संगति और समुदायित धर्मयात्रा की पुनःस्थापना। यीशु के Ascension के बाद पहली बार शिष्य अपने आयोजक-गत्यात्मक घर में आकर अपनी भूमिका और अगली दिशा पर विचार करते हैं। यहाँ स्पष्ट होता है कि वे लोग एक साथ एक आंतरिक खातेदारी-प्रेरणा से प्रेरित होकर प्रेषण के मिशन के लिए तैयार होते हैं।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह पाठ प्रेरितों के काम के आरम्भिक भाग का भाग है, जहाँ यीशु के आकाशारोहण के बाद उन पवित्र शिष्यों की एकजुटता दिखाई देती है। वे ऊपर बताए गए अटारी में एकत्र होते हैं—जहाँ पवित्र आत्मा के आगमन के पूर्व-आधारभूत तैयारी की जाती है। यह घर-परिवार-सी भाव से समुदाय की स्थिरता और धैर्य को दर्शाता है, ताकि मिशन शुरू होने से पहले वे एकसाथ प्रार्थना और प्रतीक्षा करें।
व्याख्यात्मक द observations
3 प्रमुख थीम
अन्य बाइबिल अंशों से सम्बद्ध संदर्भ
- लूका 24:49— यीशु के सतत निर्देश: पवित्र आत्मा के आगमन के लिए शहर-शांति बनाये रखना। यह वचन इस पाठ के साथ ठहराव-परक क्रिया को जोड़ता है कि शिष्य अपना आचरण आंतरिक तैयारियों के साथ बनाते हैं।
- प्रेरितों के काम 2:1-4— पवित्र आत्मा का आगमन कैसे समूह को नया दिशा देता है; यह अटारी–संलग्न एकता के रूपक को पूर्ण करता है।
- भले ही किसी संदेश के लिए प्रेरितों का चयन—यशस्वी गवाही—परस्पर सहयोग और विश्वास का अमोघ उदाहरण देता है।
संक्षिप्त अनुभागीय उद्धरण (महत्वपूर्ण विचार)
ऐतिहासिक पादरियों के विचारों से सीख—यह वचन बताता है कि समुदायिक एकता और धैर्य से बुलावे के लिए तैयार रहना परमेश्वर की योजना का हिस्सा है।
व्यावहारिक takeaway
अनुदानित टिप्पणी शीर्षक
हेन्री, Barnes, Clarke के सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणी-स्वर से प्रेरित संकेत—इनके छोटे उद्धरण निम्न वाक्यों तक सीमित हैं:
Matthew Henry (संक्षेप): एकता और प्रार्थना से शिष्य समुदाय परमेश्वर की योजना के केंद्र में आता है; बहुवचन में उद्धृत नाम समूह की एकता दिखाते हैं।
Albert Barnes (संक्षेप): इस स्थान से स्पष्ट है कि सुसमाचार का कार्य एक साथ होने पर ही गति पाता है; यह समूह प्रेरितों के लिए अस्थिर नहीं, बल्कि स्थिर आधार बनाता है।
Adam Clarke (संक्षेप): अटारी का आवास और शिष्य-समूह का एकत्र होना—यह विश्वास और प्रतीक्षा की एक सधी हुई प्रक्रिया है, जो आत्मा के आगमन के लिए आवश्यक थी।
संदर्जन: प्रेरितों के काम 1:13 के इन पहलुओं से स्पष्ट है कि पहला समूह एक साथ मिलकर प्रभु के मिशन की तैयारी कर रहा था, और यह समुदाय—आत्मा के साथ नया चाल चलेगा, यह संकेत देता है।