Old Testament
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आमोस 2:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए मैं यहूदा में आग लगाऊँगा, और उससे यरूशलेम के भवन भस्म हो जाएँगे।”
आमोस 2:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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आमोस 2:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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होशे 8:14 (HINIRV) »
क्योंकि इस्राएल ने अपने कर्ता को भुला कर* महल बनाए, और यहूदा ने बहुत से गढ़वाले नगरों को बसाया है; परन्तु मैं उनके नगरों में आग लगाऊँगा, और उससे उनके गढ़ भस्म हो जाएँगे।

यिर्मयाह 17:27 (HINIRV) »
परन्तु यदि तुम मेरी सुनकर विश्राम के दिन को पवित्र न मानो, और उस दिन यरूशलेम के फाटकों से बोझ लिए हुए प्रवेश करते रहो, तो मैं यरूशलेम के फाटकों में आग लगाऊँगा; और उससे यरूशलेम के महल भी भस्म हो जाएँगे और वह आग फिर न बुझेगी।'”

यिर्मयाह 21:10 (HINIRV) »
क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैंने इस नगर की ओर अपना मुख भलाई के लिये नहीं, वरन् बुराई ही के लिये किया है; यह बाबेल के राजा के वश में पड़ जाएगा, और वह इसको फुंकवा देगा।
आमोस 2:5 — संदर्भ और अर्थ
पद का प्रमुख संदेश है कि परमेश्वर के अनुसार अनुचित आचरणों के कारण निश्चय ही दण्ड आता है। यही मुख्य बात यहूदा के लिए भी और यरूशलेम के संस्थानों के लिए भी है। प्रभावित क्षेत्रों में अन्वेषण करते हुए हम पाते हैं कि ईश्वर अपनी वाचा के अनुसार चरित्र-परिवर्तन की मांग करते हैं और यदि लोग पथभ्रष्ट रहते हैं तो उनका नाश अवश्य जुड़े रहता है।
कुरुदृढ़ Immediate setting
इस गीत में आमोस उन देशों के विरुद्ध परमेश्वर के क्रोध को उद्घोषित कर रहे हैं जिनके विषय में उन्होंने पहले भी न्याय की चेतावनियाँ दी थीं—याकूब के वंश, फिर-फिर से यहूदियों सहित दाऊदी साम्राज्य के भीतर के नैतिक ढेचे पर भी प्रश्न उठाते हैं। यह वाक्य विशेष रूप से यहूदियों अर्थात या तो यहूदियों पर नहीं बल्कि “यहोदा में आग लगाऊँगा” का संकेत देता है कि वे किस प्रकार के समकक्ष-धर्माधर्म के कारण दमन-यात्रा के लिए तैयार रहें।
बोध और विश्वास के बारे में
यह अध्याय स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के साथ भी एक पवित्र और न्यायपूर्ण संबद्ध संबंध बनाए रखता है। भौतिक सुरक्षा और राजसी महत्त्व के बावजूद, सामाजिक अन्याय, व्यापार-निरीक्षण में भ्रष्टाचार, और धार्मिक रीति-रिवाजों के पीछे पिशाच-लाभ के चलते वह अपनी ध्वनि के माध्यम से चेतावनी देता है। यहां आग लगना एक प्रतीकात्मक चेतावनी नहीं, बल्कि वह आक्रोश है जो पाप के परिणामस्वरूप समाज पर टूटेगा।
महत्वपूर्ण शब्दों और imagery का स्पष्टीकरण
अन्य संबंधित बाइबिल पाठ
उसी समय के अन्य भागों में आमोस और अन्य नबियों की चेतावनियाँ मिलती हैं जो यह बताती हैं कि दंड तब आता है जब समाज के निम्न-स्तर के अधिकार और धर्म के बीच असंतुलन स्थिर हो जाता है।
संदर्भ मुख्य बिंदु
यह प्रवचनों का मूल तत्व बताता है कि परमेश्वर न्याय की बात करते समय अपनी वाचा के अनुरूप क्रोध प्रकट करते हैं, और व्यवस्था-समाज के भीतर अन्याय से निपटते हैं।
आज की उपयोगिता
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से संक्षिप्त संदर्भ
कई पुरालेख-टिप्पणियों में यीशू-पूर्व नीतियों के अनुसार यह कहा गया है कि दण्ड तब आता है जब पाप और अन्याय परमेश्वर की अनुमति से बढ़ते हैं। विशेष टिप्पणीकारों के निष्कर्ष इस प्रकार मिलते हैं: - Henry: दण्ड की चेतावनी समाज के पाप-रूपों के विरुद्ध एक सूचित संकेत है, न कि निर्गम तख्त के विरुद्ध केवल एक धार्मिक अनुष्ठान।
शब्द-चयन में कभी-कभी छोटे उद्धरण मिलते हैं, परन्तु पूरा पाठ उद्धृत नहीं किया गया है।
Cross-references और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण
1) वैसे ही चेतावनियाँ अन्य नबियों के ग्रंथों में भी मिलती हैं—उद्धार के साथ न्याय का मेल।
2) पारिवारिक और सामाजिक कानूनों के विषय में बाइबल के अन्य भागों में भी यह दिखता है कि निष्कपट आचरण और सत्य-निष्ठा परमेश्वर के निकट होना है।
3) भविष्यवाणी के संदेश में न्याय की सुनिश्चितता के बारे में अन्य प्रकरणों से भी संकेत मिलता है कि विश्वास-कार्य और नैतिकता का संयोजन परमेश्वर के स्वागत का मार्ग है।