Old Testament
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आमोस 2:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वे कंगालों के सिर पर की धूल का भी लालच करते, और नम्र लोगों को मार्ग से हटा देते हैं; और बाप-बेटा दोनों एक ही कुमारी के पास जाते हैं, जिससे मेरे पवित्र नाम को अपवित्र ठहराएँ।
आमोस 2:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
आमोस 2:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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आमोस 5:12 (HINIRV) »
क्योंकि मैं जानता हूँ कि तुम्हारे पाप भारी हैं। तुम धर्मी को सताते और घूस लेते, और फाटक में दरिद्रों का न्याय बिगाड़ते हो।

यहेजकेल 22:11 (HINIRV) »
किसी ने तुझमें पड़ोसी की स्त्री के साथ घिनौना काम किया; और किसी ने अपनी बहू को बिगाड़कर महापाप किया है, और किसी ने अपनी बहन अर्थात् अपने पिता की बेटी को भ्रष्ट किया है।

यशायाह 10:2 (HINIRV) »
कि वे कंगालों का न्याय बिगाड़ें और मेरी प्रजा के दीन लोगों का हक़ मारें, कि वे विधवाओं को लूटें और अनाथों का माल अपना लें!
आमोस 2:7 का अर्थ और संदर्भ
इस पद में नब उजागर करते हैं कि असली ग़लत बात आर्थिक लोभ, सामाजिक उत्पीड़न और पवित्र संस्कृति के प्रति अपमान है। यह कहता है कि लोग कंगालों के ठंडी-सी धूल तक की कीमत चुका लेते हैं, गरीब और कमजोर लोगों को दबाते हैं, और बाप-बेटा एक ही कुमारी के पास जाते हैं ताकि परम पवित्र नाम को बदनाम कर सकें। सरल शब्दों में कहा जाए तो ये लोग अपने लाभ के लिए नैतिक नियमों को भी तोड़ते हैं और ईश्वर के नाम का अपमान करते हैं।
पृष्टभूमि और संदर्भ
Amos की किताब न्याय और सामाजिक निष्क्रियता के विरुद्ध एक स्पष्ट चेतावनी है। यह उन देशों के धर्म पर चोट है जो आस्था के दिखावे में सच्चे नैतिक मानदंडों की आड़ लेते हैं, पर व्यवहार में गरीबों के अधिकार से खिलवाड़ करते हैं। इस अंश में किसान, व्यापारी और परिवार— तीनों दवाब में हैं: वे कंगालों को दुरुपयोग करते हैं, और अधिकांशतः सामाजिक सत्ता को अपने पक्ष में मोड़ते हैं।
interpretive observations
छोटे थीमेटिक बिंदु
अनुशंसा संदर्भ (cross-references) और संक्षिप्त निष्कर्ष
याकूब 5:1–6 में शरीफ़ धन के दुरुपयोग और गरीबों के उत्पीड़न के विरुद्ध अधिक स्पष्ट चेतावनी मिलती है। यह अमोस के विचारों को अद्यतन करती है कि धनुष को सही दिशा में नहीं मोड़ना चाहिए।
यशायाह 1:23 धर्म के नाम पर भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय के खिलाफ एक समान चेतावनी प्रस्तुत करता है; बाहर से धर्म दिखाने वाला आंतरिक असंतुलन नहीं चलेगा।
हेब्री 13:4 विवाह और पारिवारिक नैतिकता के सम्मान की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है; नाम के लिए पवित्रता बनाए रखना ईश्वर के सामने आवश्यक है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
व्यावहारिक ढंग से, इस पाठ से हमें यह सीख मिलती है कि धार्मिक आडंबर और वास्तविक व्यवहार में फर्क नहीं होना चाहिए। समाज में कमजोरों के अधिकार का सुरक्षित रखना, धन के दबाव से उन्हें मुक्त करना, और पारिवारिक-नैतिकता को हल्के में नहीं लेना चाहिए। ईश्वर के नाम को उच्च मान देकर उसे दुर्गुणों से बचाने की आवश्यकता है।
एतिहासिक उद्धरण के लिए नोट
अगर आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के समान विचारों से कुछ उद्धरण देखने की चाह रखते हैं, तो इन दृष्टांतों में वे नैतिक दायित्व, न्याय और धर्म के आचरण के बारे में स्पष्ट कहानियाँ साझा करते हैं। (कृपया ध्यान दें कि यहां उद्धृत पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिये गये हैं, बल्कि उनके दृष्टिकोण के सार संकेत संकलित हैं।)
कृपया ध्यान दें: नीचे दी गई पंक्तियाँ मूल ब्रह्मरक्षित पाठ के अर्थ से प्रेरित हैं और सार्वजनिक-डायरेक्सन टिप्पणियों से संगत माने जाते हैं।