Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
दानिय्येल 11:1 दानिय्येल 11:2 दानिय्येल 11:3 दानिय्येल 11:4 दानिय्येल 11:5 दानिय्येल 11:6 दानिय्येल 11:7 दानिय्येल 11:8 दानिय्येल 11:9 दानिय्येल 11:10 दानिय्येल 11:11 दानिय्येल 11:12 दानिय्येल 11:13 दानिय्येल 11:14 दानिय्येल 11:15 दानिय्येल 11:16 दानिय्येल 11:17 दानिय्येल 11:18 दानिय्येल 11:19 दानिय्येल 11:20 दानिय्येल 11:21 दानिय्येल 11:22 दानिय्येल 11:23 दानिय्येल 11:24 दानिय्येल 11:25 दानिय्येल 11:26 दानिय्येल 11:27 दानिय्येल 11:28 दानिय्येल 11:29 दानिय्येल 11:30 दानिय्येल 11:31 दानिय्येल 11:32 दानिय्येल 11:33 दानिय्येल 11:34 दानिय्येल 11:35 दानिय्येल 11:36 दानिय्येल 11:37 दानिय्येल 11:38 दानिय्येल 11:39 दानिय्येल 11:40 दानिय्येल 11:41 दानिय्येल 11:42 दानिय्येल 11:43 दानिय्येल 11:44 दानिय्येल 11:45



मुख्य व्याख्या बिंदु
दानिय्येल 11:2 में भविष्यवाणी की तीन चरणबद्ध क्रमिक सत्ता-परिवर्तन का चित्रण है, जहाँ फारस साम्राज्य के भीतर तीन राजा उठेंगे और चौथा राजा विशेष धन-सम्पन्न होकर यूनान के राज्य के विरुद्ध शक्तिशाली आक्रमण करेगा। यह दृश्य इतिहास-संकेत प्रदान करता है कि परमेश्वर हर राजाओं के कदम को जानता है, और अंततः परम सत्ता वही रखता है। यह वाक्य उन आंदोलनों को पहचानने में मदद करता है जो मिस्र-फारस-यूनान की राजनीति में धैर्य और भरोसे को परखते हैं, जबकि दानिय्येल के समुदाय के लिए प्रेरणा बनते हैं कि परमेश्वर की योजनाएँ समय पर पूरा होंगी।
पाठिक संरचना (सुबोध संदर्भ)
यह पदावली दानिय्येल के आकाशगंगा-स्वप्नों के भाग के भीतर आती है जो लगातार शक्तियों के उभरने और गिरने का क्रम दिखाती है। यहाँ-पर, फारस के भीतर सत्ता-उन्नति के क्रमिक चरण स्पष्ट होते हैं—तीन राजा के बाद चौथा, जो धन के बल पर यूनान के विरुद्ध राज-युद्ध का अग्रदूत बनता है। यह क्रम यह दर्शाता है कि ऐतिहासिक परिघटना परमात्मा के नियंत्रण के अधीन है, और मानव सामर्थ्य के लिए एक चेतावनी है कि धन-संपत्ति से मिलने वाली शक्ति भी एक दिन निर्णायक मोड़ दे सकती है।
धार्मिक-तत्व की significance
इस कथन में यह विचार उभरता है कि worldly power के अस्थिर और महत्त्वाकांक्षी स्वप्न क्षणभंगुर होते हैं, और परमेश्वर ही इतिहास के सार को संचालित करता है। जब चौथा राजा धन के कारण प्रभुत्व प्राप्त करता है, तब यूनान के राज्य के विरुद्ध उभार उसे अपनी सत्ता को गतिशील बनाने के लिए प्रेरित करता है—यह एक चेतावनी है कि धन-बल से मानवता का मार्ग कितना\Extension-भ्रष्ट हो सकता है, परंतु सत्ता की अंतिम दिशा परमेश्वर की दृष्टि में है।
पवित्र शास्त्र से跨-सम्बन्ध (Cross-references)
विचार-चिन्ता के लिए प्रश्न
संक्षेप निष्कर्ष
दानिय्येल 11:2 एक चेतावनी और प्रेरणा दोनों है: विश्व-शासन के क्रम में तीन राजा के बाद आने वाला चौथा, धन के बल पर उभर कर यूनान के विरुद्ध आक्रामक होने की योजना बनाता है। यह दिखाता है कि सत्ता-परिवर्तन मानव इतिहास का स्थायी तत्व है, पर परमेश्वर की योजना और उसकी योजना की सफलता सर्वोपरि है।
प्रसंग-सम्बन्धी उद्धरण (historical-commentary tastings)
नीचे दिए गए सुधाकारी टिप्पणियाँ सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से संकलित हैं, ताकि पाठकों को ऐतिहासिक विवेक मिल सके:
Matthew Henry के अनुसार, यह भविष्यवाणी दिखाती है कि दुष्ट शक्तियाँ भी परमेश्वर की अनुमति से ही आकार लेती हैं और अंत में उनका प्रभाव सीमित है। Albert Barnes लिखते हैं कि धन की शक्ति सामाजिक-राजनीतिक उभार के लिए एक साधन है, पर वह स्वयं सत्ता का आधार नहीं बन सकती। Adam Clarke ने कहा कि यह क्रम दर्शाता है कि राजाओं के सभी निर्णय और चालें एक विश्वव्यापी योजना के भाग हैं, जिसे परमेश्वर ने पहले से निर्धारित किया है।
नोट: यदि आप इन commentators से अलग उद्धरणों को देखना चाहें, तो वे सामान्य रूप से तीनों के समान विचारों को दोहराते हैं—परंतु यहाँ कोई पूर्ण वाक्यांश नहीं पुंछे गए हैं; केवल उनके विचारों के सार संक्षेपात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।