Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीदानिय्येल 12:4 बाइबल पद की व्याख्या
दानिय्येल 12:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु हे दानिय्येल, तू इस पुस्तक पर मुहर करके इन वचनों को अन्त समय तक के लिये बन्द रख। और बहुत लोग पूछ-पाछ और ढूँढ़-ढाँढ करेंगे, और इससे ज्ञान बढ़ भी जाएगा।”
दानिय्येल 12:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
दानिय्येल 12:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

दानिय्येल 12:9 (HINIRV) »
उसने कहा, “हे दानिय्येल चला जा; क्योंकि ये बातें अन्त समय के लिये बन्द हैं और इन पर मुहर दी हुई है।

प्रकाशितवाक्य 22:10 (HINIRV) »
फिर उसने मुझसे कहा, “इस पुस्तक की भविष्यद्वाणी की बातों को बन्द मत कर; क्योंकि समय निकट है।

दानिय्येल 8:26 (HINIRV) »
सांझ और सवेरे के विषय में जो कुछ तूने देखा और सुना है वह सच है; परन्तु जो कुछ तूने दर्शन में देखा है उसे बन्द रख, क्योंकि वह बहुत दिनों के बाद पूरा होगा।”
दानिय्येल 12:4 का सरल अर्थ
इस पद का मुख्य संदेश है: दानिय्येल के लिए खज़ाने में बन्द रहे रहस्य अब अन्त समय तक के लिये सुरक्षित होंगे; लोग ज्ञान और समझ के लिए खोजेंगे, पर वह खुलेंगे सिर्फ समय के नियत क्रम में।
पद का संदर्भ और पृष्ठभूमि
दानिय्येल 12 अध्याय अंतिम क्लेमेटिक भाग है जिसमें यहूदियों के भविष्य के अंधकारमय समय और उद्धार की आशाओं का दर्शन है। इसके अंतरे में यह बताया गया है कि भविष्यवाणियों के शब्द कुछ समय के लिये मुंतेज और गुप्त रहेंगे, ताकि धैर्य और विश्वास बना रहे। यह पाठस्वरूप दर्शाता है कि परमेश्वर के काल-निर्धारण से ही ज्ञान का प्रकाश प्रकट होगा, और लोगों की जिज्ञासा उसे खोजने की प्रेरणा बनती है।
व्याख्यात्मक बिंदु
अन्वय/अनुवादक अवलोकन
यह पद एक भविष्यसूचक संकेत है कि पवित्र ग्रंथों की गूढ़ बातों को समय आने पर खोलना है। διακριτικός क्रम, चिरकालिक धैर्य, और परमेश्वर के नियोजन की महत्ता यहाँ प्रमुख हैं।
संबद्ध अंश – क्रॉस-रेफरेंसे
1) दानिय्येल 7:18 – परमेश्वर के राज्य का स्थायित्व और जागृति से मिलना; यह बताता है कि ज्ञान और सत्ता का प्रतिफल समय के साथ स्पष्ट होगा।
2) दानिय्येल 11:33 – बुद्धिमान लोगों द्वारा ज्ञान-सीख का प्रभाव; यह बताता है कि पढ़े-लिखे और जागरूक लोग समय के साथ ज्ञान पाते हैं।
3) प्रकाशितवाक्य 22:10 – भविष्यवाणी का खुलना और समय-निर्धारण का मान; यह दर्शाता है कि परमेश्वर के समय पर ही चलना उचित है।
वैचारिक सार
- ज्ञान और पूर्वानुमान एक नियत क्रम से प्रकट होते हैं, जिसे हमें परमेश्वर के काल-निर्धारण के अनुरूप स्वीकार करना चाहिए।
- पवित्र ग्रंथों में गूढ़ बातों को तुरंत समझना हमारी सीमा है; धैर्य और प्रार्थना के साथ विवेक विकसित करना ज़रूरी है।
व्यावहारिक takeaway
अपने जीवन में कठिन प्रश्नों के उत्तर तभी मिलेंगे जब हम परमेश्वर की योजना और समयरेखा को सम्मान दें। यदि ज्ञान अभी दिखाई नहीं देता, तो भी ईश्वर पर भरोसा बनाए रखें और अध्ययन-भक्ति को निरंतर बनाये रखें।
सार-निष्कर्ष
दानिय्येल 12:4 एक संतुलित ध्येय देता है: भविष्यवाणी का खुलना परमेश्वर के समय-निर्धारण पर निर्भर है, और लोग इसके लिए उत्तेजित होकर खोज करेंगे। परन्तु वह ज्ञान तब और तब हाथ में आएगा जब ईश्वर उचित समय पर उसे प्रकट करेगा।