Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीदानिय्येल 12:5 बाइबल पद की व्याख्या
दानिय्येल 12:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यह सब सुन, मुझ दानिय्येल ने दृष्टि करके क्या देखा कि और दो पुरुष खड़े हैं, एक तो नदी के इस तट पर, और दूसरा नदी के उस तट पर है।
दानिय्येल 12:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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दानिय्येल 12:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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दानिय्येल 10:16 (HINIRV) »
तब मनुष्य के सन्तान के समान किसी ने मेरे होंठ छुए, और मैं मुँह खोलकर बोलने लगा। और जो मेरे सामने खड़ा था, उससे मैंने कहा, “हे मेरे प्रभु, दर्शन की बातों के कारण मुझ को पीड़ा-सी उठी, और मुझ में कुछ भी बल नहीं रहा। (यिर्म. 1:9)

दानिय्येल 10:10 (HINIRV) »
फिर किसी ने अपने हाथ से मेरी देह को छुआ, और मुझे उठाकर घुटनों और हथेलियों के बल थरथराते हुए बैठा दिया।

दानिय्येल 12:5 का immediate setting
दानिय्येल यह गीतनामा भूरि-गंभीर समय में एक दृश्य देख रहा है। पवित्र भविष्यवाणी-पत्रक दानिय्येल 12 अध्याय अनुग्रह के अंत में आने वाले काल का संकेत देता है; यहाँ वह देखता है कि दो पुरुष नदी के किनारों पर खड़े हैं—एक नदी के इस किनारे, दूसरा उस किनारे। यह दृश्य दिखाता है कि भविष्य की घटनाओं की गिनती, समय-चक्र और परमेश्वर के उद्देश्य अचल हैं और उनके सामने मानव इतिहास एक क्रम से चलता है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से प्राप्त संदेश
इस पठन से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की योजना समय के पार है और उसकी तात्कालिकता दो मानवीय भावों—न्याय और कृपा—के बीच संतुलित रहती है। दानिय्येल के सामने दो प्रतीक खड़े होते हैं: एक तरफ क्रम और उत्तरदायित्व की दिशा में एक संकेत, दूसरी तरफ अनुग्रह और संरक्षण का संकेत। यह दर्शाता है कि भविष्य के अटपटे संकेतों के बीच भी परमेश्वर की नित-नई देखरेख है।
महत्\u200dवपूर्ण शब्दों या छवियों की स्पष्ट व्याख्या
यहाँ “दो पुरुष” एक विद्यमान धारणाओं को दर्शाते हैं—एक दिव्य जागरूकता का प्रतिनिधि जो कर्म और न्याय के साथ जुड़ा है, दूसरा मुद्रा-ग्रहण के साथ जुड़ा है—परन्तु कथा में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वे कौन से विशेष प्राणी हैं। नदी का किनारा एक प्रतीक है: एक ओर से दूसरी ओर तक फैलना, यहाँ परिवर्तनशील समय और सीमा-रेखाओं के बीच एक दूरी। यह मानसिक-आध्यात्मिक यात्रा का संकेत भी है, जहाँ भविष्य के आयामों को समझना मानवीय सीमाओं के भीतर कठिन है, पर परमेश्वर के दृष्टिकोण से सब कुछ स्पष्ट है।
Related passages (संकेत-क्रॉस-रेफेरेंसेस)
इन क्रॉस-रेफरेंसेस से यह स्पष्ट होता है कि भविष्य के अधरों को खोलना परमेश्वर के हाथ में है, और उन रास्तों में विश्वास के साथ धैर्य रखना चाहिए।
आज के संदर्भ में प्रायोगिक निष्कर्ष
हम भी जीवन के कठिन समय में ऐसे दृश्यों की स्मृति रखें जब परिस्थितियाँ अस्पष्ट लगती हैं। परमेश्वर की योजना अटल है; समय-सीमा और घटनाओं की उलझन के बीच भी वह अपना उद्देश्य सिद्ध करता है। धैर्य, विश्वास और परमेश्वर के मार्गदर्शन की अपेक्षा बनाए रखें। भविष्य की अदालत और उद्धार की दिशा ईश्वर के हाथ में है, न कि मानव की बुद्धि में।
संक्षेप सार
दानिय्येल 12:5 का दृश्य दर्शाता है कि समय के बंधनों के भीतर भी परमेश्वर की योजना बनी रहती है। दो पवित्र हस्तियाँ—या प्रतीक—पानी के किनारों पर खड़े हैं, जो संसार के क्रम और परिवर्तन को संकेतित करते हैं। यह पाठ हमें विश्वास, धैर्य और ईश्वर के न्याय के प्रति आश्वासन देता है।
कथन-संदर्भ: यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसी सार्वजनिक-डायरेक्ट टिप्पणीकारों के मौलिक विचारों से प्रेरित है; नीचे उद्धृत छोटे अंश उपलब्ध रहते हैं यदि उपलब्ध हों:
“यह सब सुन, मुझ दानिय्येल ने दृष्टि करके क्या देखा…” यह उद्घाटन दानिय्येल की एकाग्रता और दिव्य दृष्टि की पुष्टि करता है कि वह वास्तविक घटनाओं की वस्तु-स्थिति से परिचित है, केवल मानव समझ से बाहर।