व्यवस्थाविवरण 1:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस बात से प्रसन्‍न होकर मैंने तुम में से बारह पुरुष, अर्थात् हर गोत्र में से एक पुरुष चुन लिया;

व्यवस्थाविवरण 1:23 पद-दर-पद बाइबल टीका

यही अर्थ है: बारह पुरुषों का चयन एक-एक गोत्र से

este पाठ कहता है कि परमेश्वर ने प्रसन्न होकर तुममें से बारह व्यक्तियों को चुना, ताकि प्रत्येक गोत्र से एक प्रतिनिधि बना रहे। यह चयनकृति प्रभु की योजना और समूह के समन्वय के उद्देश्य को दर्शाती है: शासन, न्याय और दिव्य मार्गदर्शन के लिए एक संरचना स्थापित करना।

संदर्भ-प्रश्न और पृष्ठभूमि

यह अध्याय व्यवस्थाविवरण का हिस्सा है जिसमें ईश्वर ने इस्राएलियों के प्रति अपने विधान और संगठन को स्पष्ट किया। बारह गोत्रों के संदर्भ में एक-एक प्रतिनिधि का चयन, समुदाय के भीतर संतुलन, विश्वास के साथ आगे बढ़ने और एक-दूसरे के साथ सहभागिता बनाए रखने के उद्देश्य को दर्शाता है। पुराने नियम में यह सिद्धांत बार-बार पुनरुक्त होता है: हर सदस्य की भूमिका और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

  • प्रत्येक गोत्र से एक व्यक्ति चुनने से समाज में विविधता के बावजूद एकता बनी रहती है; यह प्रतिनिधित्व से समूह की ताकत बढ़ती है।
  • चयन के पीछे परमेश्वर की योजना है, न मानवीय योग्यता का एकांत प्रमाण। यह संकेत देती है कि नेतृत्व और जिम्मेदारी परमेश्वर की सुविधा से मिलती है।
  • बारह का संख्या शास्त्रीय और प्रतीकात्मक है—यह पुरानी संघ की संस्थापना और भविष्य की पूर्णता की संभावना को मार्क करती है।

2-3 प्रमुख cross-references और उनका छोटा स्पष्टीकरण

  • उत्पत्ति 12:2—आशीषित होने के उत्प्रेरक के रूप में बुलाए जाने का विचार: बड़े उद्देश्य के लिए व्यक्तिगत बुलाव।
  • गणना 1:44-46—कुल जनगणना और प्रतिनिधित्व का व्यवस्थित क्रम: हर गोत्र के एक-एक व्यक्ति का चयन व्यवस्था दिखाता है।
  • भजन 78:72—दृष्टि की स्थिरता और सच्चे मार्गदर्शन के लिए नेतृत्व का स्थायी होना: यह पाठ भी नेतृत्व के विश्वसनीय आधार पर बल देता है।

हमारे समय के लिए सार:

परमेश्वर के चयन में मानव योग्यता से अधिक उसकी योजनाओं की प्रधानता है। एक-एक गोत्र से प्रतिनिधि बनना समूह को क्षेत्रीय विविधता के बावजूद एक साझा उद्देश्य के सामने एकत्र रखता है। यह याद दिलाता है कि समुदाय में हर सदस्य की भूमिका महत्त्वपूर्ण है और नेतृत्व ईश्वरीय अनुमति से आता है, ताकि मार्गदर्शन नैतिक और सजग रहे।

संक्षिप्त निष्कर्ष

यह वाचा हमें याद दिलाती है कि समुदाय में संतुलन, विश्वास और कर्तव्य की पूर्ति के लिए दिव्य चयन आवश्यक है। बारह प्रतिनिधियों के चयन से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर स्वयं व्यवस्था को संचालित करते हैं, ताकि उनके वचनों के अनुसार जीवनयापन संभव हो सके।

उद्धृत विशिष्ट टिप्पणियाँ

यहां तक कि Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के बिल्कुल शब्द उपलब्ध नहीं हैं, पर उनके सार तत्व इस प्रकार से मिलते हैं: हर प्रतिनिधि के चयन में प्रभु की योजनात्मक दृष्टि का अभिनव संकेत; नेतृत्व का परमेश्वर-निर्देशित स्वर; और समुदाय के भीतर एकता के उद्देश्य की पुष्टि।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

व्यवस्थाविवरण 1:23 समानांतर पद और संबंधित वचन

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