Old Testament
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एस्तेर 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
राज्य के सब प्रान्तों में इस आशय की चिट्ठियाँ हर डाकियों के द्वारा भेजी गई कि एक ही दिन में, अर्थात् अदार नामक बारहवें महीने के तेरहवें दिन को, क्या जवान, क्या बूढ़ा, क्या स्त्री, क्या बालक, सब यहूदी घात और नाश किए जाएँ; और उनकी धन सम्पत्ति लूट ली जाए।
एस्तेर 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एस्तेर 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एस्तेर 9:10 (HINIRV) »
अर्थात् हम्मदाता के पुत्र यहूदियों के विरोधी हामान के दसों पुत्रों को भी घात किया; परन्तु उनके धन को न लूटा।

2 इतिहास 30:6 (HINIRV) »
इसलिए हरकारे राजा और उसके हाकिमों से चिट्ठियाँ लेकर, राजा की आज्ञा के अनुसार सारे इस्राएल और यहूदा में घूमे*, और यह कहते गए, “हे इस्राएलियों! अब्राहम, इसहाक, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर फिरो, कि वह अश्शूर के राजाओं के हाथ से बचे हुए तुम लोगों की ओर फिरे।

1 शमूएल 15:3 (HINIRV) »
इसलिए अब तू जाकर अमालेकियों को मार, और जो कुछ उनका है उसे बिना कोमलता किए सत्यानाश कर*; क्या पुरुष, क्या स्त्री, क्या बच्चा, क्या दूध-पीता, क्या गाय-बैल, क्या भेड़-बकरी, क्या ऊँट, क्या गदहा, सब को मार डाल।'”
एस्तेर 3:13 का संदर्भ और संदर्भ-विवेचन
इस आयत में अशोर शासन में यहूदियों के विरुद्ध एक भयावह यंत्रणा की उद्घोषणा मिलती है। प्रांतो के सभी डाकखातों द्वारा एक एक जैसी डाक यह संदेश लेकर भेजी गई कि एक निश्चित दिन पर यहूदियों का नाश किया जाएगा और उनकी संपत्ति लूट ली जाएगी। यह आदेश एस्तेर और मर्दोख की बहादुरी के साथ यहूदियों के हितों के लिए एक बड़ी परीक्षा का संकेत है। यह विशिष्ट खतरा एक राजकीय उत्पीड़न की कठोरता है, जो धर्म, समुदाय और सुरक्षा के मोटे तख्तों के भीतर जीवन पर प्रभाव डालती है।
मुख्य अभिप्राय
वचन यह दिखाता है कि शत्रुता और शक्तिशाली आदेश कैसे एक लोकतंत्र-निष्ठ संस्कृति नहीं, बल्कि एक सत्ता-चालित नीतिगत निर्णय बन सकती है जो निर्दोष लोगों को निशाना बनाती है। यहूदियों के जीवन और समृद्धि पर एक संगठित और प्रचारित खतरा प्रकट होता है, जिससे वे गहराई से भयभीत होते हैं और उनके समुदाय की सुरक्षा-योजना का आकलन आवश्यक बन जाता है।
तीन प्रमुख विषय
पवित्र-उद्धृत पाठ से सम्बद्ध विचार
एस्तेर पुस्तक के अन्य हिस्सों में यहूदियों के लिए सुरक्षा, साहस और परमेश्वर की दृष्टि से मार्गदर्शन की आवश्यकता स्पष्ट है। उद्धृत नहीं किया गया बहुधा पाठ यह दर्शाते हैं कि कठिन समय में समुदाय एक साथ खड़ा होता है और आस्था के आधार पर निर्णय लेते हैं।
संदर्भित स्रोतों के संक्षिप्त अनुभव
यह-वचन-आशीर्वाद तीन प्रसिद्ध पवित्र-टीकाकारों के विचारों के साथ समझने में सहायक है:
क्रॉस-रेफरेंस और संक्षिप्त समझ
1) नीतिवचन 24:10-12 के संदर्भ में साहस और सुरक्षा के निर्णय—कठिन समय में आत्म-विश्वास बनाए रखना है।
2) रूत 1:21-22 जैसी घटनाओं में विपत्ति के समय भी समुदाय में एकता और विश्वास की भूमिका स्पष्ट है।
3) दानिएल 3:16-18 में अत्याचार के सामने विश्वास के साथ शांति और निर्भीकता का संयोजन दिखता है।
व्यावहारिक क्या सीखें?
- आपदा समय के बीच भी ईश्वर कीARYात्मक सुरक्षा पर विश्वास बनाए रखें; समुदाय के भीतर समझ, सेवाभाव और एकता रखना आवश्यक है।
- अन्याय के विरुद्ध सच बोलना और मदद के लिए योजना बनाना न केवल व्यक्तिगत साहस है, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व भी है।
संक्षेप
एस्तेर 3:13 यह दर्शाता है कि सत्ता-योजना कैसे पूरे समुदाय के अस्तित्व को चुनौती दे सकती है, पर यह भी दिखता है कि धैर्य, एकता और परमेश्वर की योजना के प्रति विश्वास से難ाओं पर विजय संभव है। Esther और Mordecai के आगे बढ़ने के क्रम में यह वचन एक मोड़ बनता है—जहाँ भय के बीच भी विश्वास और क्रिया की आवश्यकता स्पष्ट होती है।