Old Testament
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एस्तेर 3:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जब हामान ने देखा, कि मोर्दकै नहीं झुकता, और न मुझ को दण्डवत् करता है, तब हामान बहुत ही क्रोधित हुआ।
एस्तेर 3:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
एस्तेर 3:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एस्तेर 5:9 (HINIRV) »
उस दिन हामान आनन्दित और मन में प्रसन्न होकर बाहर गया। परन्तु जब उसने मोर्दकै को राजभवन के फाटक में देखा, कि वह उसके सामने न तो खड़ा हुआ, और न हटा*, तब वह मोर्दकै के विरुद्ध क्रोध से भर गया।

दानिय्येल 3:19 (HINIRV) »
तब नबूकदनेस्सर झुँझला उठा, और उसके चेहरे का रंग शद्रक, मेशक और अबेदनगो की ओर बदल गया। और उसने आज्ञा दी कि भट्ठे को सातगुणा अधिक धधका दो।

एस्तेर 3:2 (HINIRV) »
राजा के सब कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, वे हामान के सामने झुककर दण्डवत् किया करते थे क्योंकि राजा ने उसके विषय ऐसी ही आज्ञा दी थी; परन्तु मोर्दकै न तो झुकता था और न उसको दण्डवत् करता था*।
एस्तेर 3:5 का संक्षिप्त परिचय और संदर्भ
एस्तेर पत्र में यदिस्तू है कि मर्दों के राज्य-आदेश के अनुसार मोर्दकै ने अकथितता से न झुकना और नहीं दण्डवत् करना हामान की निंदा का कारण बना। इस पद में हामान की क्रोध-स्थिति का परिचय है जो अंततः यहूदियों के विरोध में पूरा योजनाबद्ध दमन तैयार करने की दिशा में बढ़ता है। यह यहूदियों के प्रति विद्वेष और सत्ता के दुष्प्रयोग की एक स्पष्ट किस्सा है, जिसमें एक व्यक्ति के निर्णय और एक आदेश के साथ समुदाय के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
केंद्रीय अर्थ
यह पद दर्शाता है कि मोर्दकै ने प्रेरित किया गया सम्मान या दण्डवत् से इनकार किया, जो एहसान और पालन-पोषण के भीतर पवित्र श्रद्धा का प्रतीक था, न कि एक व्यक्तिगत अड़ियलता। हामान का क्रोध तब उभरा जब उसे लगा कि मोर्दकै ने उसकी सत्ता-धारणा को चुनौती दी है। इस क्रोध के परिणामस्वरूप एक बड़े योजनाबद्ध अत्याचार की राह खुलती है, जो आगे पुस्तक में यहूदियों के लिए खतरा बन जाती है।
मुख्य विषय
पढ़ने के लिए क्रॉस-रेफरेंसे
व्यावहारिक विचार
हम भी ऐसी स्थितियों का सामना कर सकते हैं जहाँ मानक और धर्मनिष्ठा दबाव के कारण चुनौती दी जाती है। इस पद से सीख मिलती है कि दबाव के समय भी सत्य के प्रति ईमानदारी रखना चाहिये, और परिणाम चाहे जो भी हों, परमेश्वर की योजना पर विश्वास बनाए रखें। साथ ही, सत्ता के दमन के बावजूद समुदाय की एकता और प्रार्थना से उन्नति की राह खुलती है।
संक्षेपित निष्कर्ष
एस्तेर 3:5 यह दिखाता है कि एक व्यक्ति की अवज्ञा से शुरू होकर एक बड़े दमन-योजना की पृष्ठभूमि बनती है, और हामान के क्रोध से यहूदियों के जीवन पर खतरे मंडराने लगते हैं। यह संदेश देता है कि विश्वास जहाँ भी हो, प्रभु की योजना की दिशा में टिके रहें, भले ही सत्ता-नियम कितना भी कठिन क्यों न हो।
दो प्रमुख उद्धरण (स्वतंत्र उद्धृत लेखक)
मथ्यू हेनरी (Matthew Henry) और अल्बर्ट बार्न्स (Albert Barnes) तथा एडम क्लार्क (Adam Clarke) जैसे सार्वजनिक डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों से प्रेरित समेकित विश्लेषण नीचे संयुक्त रूप से प्रस्तुत है। उपलब्ध संक्षिप्त उद्धरणों के हिस्से केवल संदर्भ हेतु नीचे दिखाए गए हैं:
“क्रोध तब पैदा होता है जब बुद्धि और इच्छा ईमानदारी से टकराती है; पर यह क्रोध, यदि परमेश्वर के नियंत्रण में हो, तो न्यायपूर्ण परिणाम देता है।”
“निष्ठा की परीक्षा तब होती है जब सत्ता आपको दबाव दे; ऐसी स्थिति में ईश्वर के उद्देश्य सर्वोपरि रहते हैं।”
“यहूदियों के लिए संकट के बीच भीद्धर्म का सच्चा मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए; क्योंकि परमेश्वर उनके साथ है।”