Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेज़केल 13:13 — संदर्भ-सार और वास्तविकार्थ
यहाहेकेल के संदर्भ में यहिवाही संदेश उन ईंधन धारियों के विरुद्ध है जो जनता के हित के बजाय अपनी कल्पित भविष्यवाणी से धोखा देते थे। अध्याय 13 ईश्वर के दोष-सिद्धांत पर व्यंग्यात्मक चेतावनी है कि सपना दिखाने वाले गलतनीयो और नदियों को न मसखरी से नहीं, बल्कि सत्यप्रभा से तौला जाएगा। यह 13:13 उन धोखेबाज़ भविष्यवक्ताओं के बारे में स्पष्ट चेतावनी है जो व्यापक विनाश और आकाशीय तूफान की आड़ लेकर अपना प्रभाव बढ़ाते थे, परन्तु परमेश्वर उनकी क्षुद्रवरताओं को नष्ट कर देगा।
मुख्य अर्थ और विचार
पंक्ति यह कहती है कि प्रभु अल्लाह व्यवस्था के विरुद्ध बोलने वालों के अभिमान को जड़ से खोद देगा—जल, प्रचण्ड आँधी, भारी वर्षा और ओलों के रूप में ऐसा प्रकोप आएगा जिससे दीवार (आस्थाओं या धोखे की दीवार) डिग जाए। यहाँ जल और प्रकोप प्रकृति के शक्तिशालीन उपद्रव के रूप में यीशु के नहीं, बल्कि दुष्ट भविष्यवक्ताओं के लिए दुष्परिणाम दर्शाते हैं। यह संदेश दीन-हीन और लज्जित होने वाले व्यक्तियों के लिए नहीं, बल्कि उन धर्म-नेताओं के लिए है जो ईश्वर की सच्ची प्रेरणा के बिना मंच पर आकर लोगों को भ्रमित करते हैं।
दो-तीन मुख्य विषय
cross-references (संक्षिप्त संदर्भ)
- निर्गमन 9:24 के संकेत: उस समय के दुष्टों के विरुद्ध प्रकोंप के रूप में वर्षा और ओलों का उल्लेख, जो चेतावनी देता है कि परमेश्वर की आपत्ति कभी भी एक सामान्य दुष्कर्मी पर नहीं रुकती।
- यिर्मयाह 23:26-28: झूठे सपने और अय्याशीभरी भविष्यवाणी पर रोक; याहा का सत्य-पथ ही ठोस मार्ग दिखाता है।
- दानिये 8:25: विनाशकारी प्रभाव जिनमें सत्य-प्रेरणा से भिन्न योजनाएँ विफल हो जाती हैं।
व्यावहारिक चिंतन
हम आत्म-परख करें: क्या हमारी शिक्षा और प्रचार ईश्वर के सत्य के अनुरूप है, या हम लोगों को आकर्षित करने के लिए sensational claims बनाते हैं? आलोचना के डर से नहीं, पर सत्य की गहराई दिखाने का प्रेम लेकर काम करें। परमेश्वर के न्याय से डरना वह आधार है जिसे कभी नहीं बदला जा सकता।
संक्षिप्त समापन
यह संदेश स्पष्ट करता है कि गलत भविष्यवाणी, भंगुर मंच-आडंबर, और दिखावे का अंत सही समय पर होता है। परमेश्वर सत्य के साथ है; He will bring down उनमें से जो भ्रम फैलाते हैं, ताकि लोग सत्य को पहचाने और उसकी पहचान करें।