Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
यहेजकेल 13:1 यहेजकेल 13:2 यहेजकेल 13:3 यहेजकेल 13:4 यहेजकेल 13:5 यहेजकेल 13:6 यहेजकेल 13:7 यहेजकेल 13:8 यहेजकेल 13:9 यहेजकेल 13:10 यहेजकेल 13:11 यहेजकेल 13:12 यहेजकेल 13:13 यहेजकेल 13:14 यहेजकेल 13:15 यहेजकेल 13:16 यहेजकेल 13:17 यहेजकेल 13:18 यहेजकेल 13:19 यहेजकेल 13:20 यहेजकेल 13:21 यहेजकेल 13:22 यहेजकेल 13:23

यहेजकेल 13:21 – बुर्के फाड़कर स्वाधीनता और दुष्प्रचार पर अधिकार
मुख्य व्याख्यात्मक बिंदु: यहेहज़्केल 13:21 में परमेश्वर के नापसंद किए गए धोखे फैलाने वालों के विरुद्ध सक्रिय कार्रवाई और ईमानदार निर्देशन का संदेश है—जो लोग झूठे अहेरों और बुरे-चालों से लोग-जीवन को भ्रमित करते हैं, वे सबके लिए नियंत्रण छोड़कर वास्तविक सुरक्षा और सत्य का मार्ग योजनाबद्ध रूप से खो देते हैं। यहाँ परमेश्वर कहता है कि वह बुर्का (छाया के आवरण) को फाड़ देगा और लोगों को उन प्रवचनकर्ताओं के प्रभाव से मुक्त करेगा, ताकि उनके दुष्प्रचार के कारण लोग न भ्रमित हों। यह संतुलन दर्शाता है कि सच्चा उद्धारक-यात्रा ईमानदार चेतावनी, पिता-रक्षा, और आत्म-स्वतंत्रता के साथ जुड़ी है।
कथात्मक-परिप्रेक्ष्य (Literary Context)
यह यशायह-युग के बाद के समय की रचना नहीं है, बल्कि यहेहज़्केल के_prophetic-प्रतिबिंब_ का भाग है जिसमें प्रवक्ताओं के झूठ और धोखे की पहचान कर उन्हें चुनौती दी जाती है। बुर्के का फटना एक दृश्यमान-चिह्न है: जो भी प्रजा के सिर पर पर्दा डालकर अहेर (धार्मिक-धर्मांधता) करता है, उसे खुल कर नेतृत्व से बाहर किया जाएगा। यहाँ ईश्वर की जाँच चाहिए कि कौन सच बोलता है और कौन झूठ का आवरण ओढ़कर लोगों को डराता है।
तीसरे शब्द—धर्मशास्त्रीय महत्त्व
इस वाक्य में यह स्पष्ट होता है कि झूठी भविष्यवाणी और गलत धार्मिक मान्यताएं लोगों की आत्माओं को नुकसान पहुँचाती हैं और स्वतंत्रता की राह को बाधित करती हैं। परमेश्वर अपने लोगों की रक्षा के लिए सत्य और न्याय के विरुद्ध चलने वालों के विरुद्ध एक स्पष्ट कदम उठाते हैं, ताकि लोग उनके अहेर से मुक्त हों और वे यहोवा को ही पहचाने।
महत्वपूर्ण क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संकेतित संक्षेप) और उनके सम्बन्ध
धर्मशास्त्रीय प्रश्न (Reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहेजकेल 13:21 हमें बताता है कि परमेश्वर झूठे प्रचारकों के अहेर से अपने लोगों को मुक्त करना चाहती है। बुर्के का फटना यह प्रतीक है कि सत्य का प्रकाश तब ही सामने आता है जब भय और धोखे को हटाया जाए। इसके साथ ही यह विचार आता है कि विश्वास वहीं दृढ़ रहता है जहां धर्म-झंडे को कड़ाई से नहीं, बल्कि सत्य और न्याय के साथ जिया जाता है।
सूक्तियों के उद्धरण (संकेतित): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के स्पष्ट पाठ-उद्धरण यहाँ आवश्यक नहीं हैं, पर यदि आप चाहें तो नीचे दिया गया संक्षेप斯ार देखिए:
– यहोवा का काम है कि झूठ और धोखे की प्रथा पर प्रभावी रोक लगे।
नोट: संगति-स्तरित उद्धरण
यदि आप चाहें, मैं Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के छोटे-छोटे स्पष्ट उद्धरणों को संक्षेप में साफ-साफ उद्धृत कर सकता हूँ—केवल वही जो 공개 डाटाबेस में सार्वजनिक-domain हैं।