Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 16:38 — तत्काल संदर्भ और अर्थ
यह अवलोकन पुराने नियम के भीतर एक कठोर परन्तु वास्तविक चित्रण है। यहेजकेल के समय इजराइल की बुराइयों के कारण परमेश्वर के आंतरिक न्याय को स्पष्ट करता है, जिसमें बपतिस्मा नहीं बल्कि पाप के परिणामों से चिन्हित दण्ड का विधान है। इस पंक्ति में कहा गया है कि परमेश्वर क्रोध, जलन और लहू के माध्यम से दण्ड देगा, जिसे व्यभिचारिणी और लहू बहानेवाली स्त्री के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह दृश्य-परक चेतावनी है कि पाप के परिणाम सार्वजनिक और निर्णायक होते हैं।
ईश्वर और विश्वास पर इसका क्या संकेत देता है
यहेजकेल 16:38 का मुख्य संदेश यह है कि परमेश्वर पाप के विरुद्ध निष्पक्ष दंड के अधिकारी हैं। अपनी चुनी हुई सभा के साथ अविश्वास और अनास्था के कारण वे संकटों में पड़े, परन्तु परमेश्वर की धार्मिक निष्ठा और पवित्रता बनी रहती है। यह दण्डात्मक दृष्टि पवित्रता के मानक के अनुरूप है, ताकि लोग अपने पाप से शुद्ध होकर लौटें।
महत्वपूर्ण शब्दों एवं चित्रों की स्पष्टता
संबंधित पवित्र पद
व्यभिचार और अविश्वास के विषय में अन्य उद्धरणों से समझ मिलती है कि परमेश्वर के न्याय से बचना मुमकिन नहीं। उदाहरण के लिए, यहेजकेल 16 में इसी परिवार के प्रतीकात्मक चित्रों के साथ यह शिक्षा मिलती है कि पाप की कठोरता परन्तु दया की राह भी उपलब्ध है जब व्यक्ति पश्चाताप करे। साथ ही, योस्य दूतों के संदेश और अन्य भविष्यवाणी-पाठन इस बात को क्रमबद्ध करते हैं कि परमेश्वर अपनी निष्ठा के अनुसार व्यवहार करता है।
क्रिया-रचना: यहेजकेल के संकेतक चिह्नों में से एक है कि परमेश्वर का दण्ड तात्कालिक नहीं, बल्कि पाप के अन्तिम परिणामों तक पहुँचेगा और उसे हर पाप के लिए उचित हक़ मिलेगा।
आज के जीवन में व्यावहारिक अनुप्रयोग
क्रॉस-रेफरेंस
- इब्रानी 10:31: ज्ञान होता है कि सदा के लिए परमेश्वर का न्याय डरावना हो सकता है; परन्तु विश्वास से दया भी मिलती है।
- यूहन्ना 3:36: विश्वास न मानने पर न्याय और क्रोध का भय रहता है; पर जो विश्वास में है, उसे जीवन प्राप्त है।
- रोमियों 2:8-9: अधर्म के साथ स्थायी रहने वालों को क्रोध, दुःख और हर प्रकार के विपत्ति मिलती है; परन्तु सत्य पर चलने वालों के लिए धैर्य और आशीर्वाद।
संक्षिप्त सार
यहेजकेल 16:38 हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर की पवित्रता और न्याय के विरुद्ध चला गया पथ पाप का परिणामक ही है। कठिन दृश्य के पीछे एक आशावादी संदेश है—पश्चाताप और विश्वास से उद्धार संभव है, पर निश्चयपूर्वक दण्ड के नए चरणों से बचना कठिन है जब पाप नियंत्रण करता है।