Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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यहेजकेल 30:24 — पाठ का तत्काल संदर्भ और उसकी गूंज
यह अवलीकन बाबेल के राजा के विरुद्ध ईश्वर के अदम्य न्याय की प्रत्यक्ष दीप्ति है। यहाँ यह कहा गया है कि बाबेल के राजा की भुजाओं को बलवन्त किया जाएगा ताकि तलवार उसके हाथ में लगे, जबकि फ़रआउन् (फिरौन) की भुजाओं को तोड़ा जाएगा ताकि वह नुकसान उठा न सके। यह दृश्य ईश्वर की पूर्ण प्रभुता और सब राष्ट्रों पर उनका निर्णय निर्धारित करने की निश्चयता दर्शाता है।
ईश्वर या विश्वास के बारे में पाठ से जो सीख मिलती है
1) प्रभुत्व और न्याय: परमेश्वर अपने अनुशासन के समय क्षेत्र-विशेष नहीं मानते—राजाओं की भुजाओं को उचाटना और घायल करना उसका काम है। वह दोनो पक्षों को स्थापित या विखंडित कर सकता है, ताकि उसकी योजना पूरी हो।
2) सुरक्षा की गारंटी: यदि कोई शक्तिशाली सत्ता उसे चुनौती दे, तब भी ईश्वर अपने वचन के अनुसार रक्षा और न्याय करते हैं। उसकी भुजाओं की ताकत मानव-शक्ति से बढ़कर है।
3) दुष्टों पर परिणाम की सुसंगतता: यहाँ दिखता है कि उद्धार के कार्य के साथ-साथ दुष्ट शासन के नियंत्रण में भी परिवर्तन आता है, ताकि इतिहास के अंत में परमेश्वर की महिमा उजागर हो।
महत्वपूर्ण शब्द और चित्र स्पष्ट करना
संबंधित बाइबिली संदर्भ
• नीति 9:7— परमेश्वर सभी राष्ट्रों के लिए न्याय का न्यायी है; उनके शासन भी उसकी अनुमति से चलते हैं।
• दानिएल 2:20–21— परमेश्वर सत्ता और युवाओं के परिवर्तन के स्रोत हैं; वह सांसारिक कड़वाहट में भी विजय देता है।
• स्मरण-योग्य उद्धरण: “परमेश्वर राजा है, और उसकी शक्ति सब पर है”—यह चित्र उसे याद दिलाता है कि राजनीतिक परिस्थितियाँ अंततः उसके नियंत्रण में हैं।
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
- कठिन साम्राज्यों के विरुद्ध भी विश्वास बनाए रखें; भगवान की न्याय-योजना कभी रुकती नहीं है।
- विपरीत परिस्थितियों में भी परमेश्वर की सुरक्षा और मार्गदर्शन पर निर्भर रहें; वह अपने समय पर सच्चे परिणाम लाते हैं।
श्रेष्ठ-निष्कर्ष
यह टेक्स्ट हमें याद दिलाता है कि शक्तिशाली शक्तियों के बीच भी परमेश्वर की इंद्रिय-योजना सर्वोपरि है। उसकी न्याय के मार्ग में डर नहीं, भरोसा और प्रार्थना चाहिए।
उद्धरण नोट: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की सामान्य टिप्पणी से संगत सार एकीकृत किया गया है; उनके समान विचार केवल संक्षिप्त संदर्भ के तौर पर उद्धृत हैं।