Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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यहेजकेल 38:18 का सरल अर्थ
इस पद में कहा गया है कि गोग की चढ़ाई के दिन परमेश्वर की प्रखर क्रोध और जलजलाहट मुख से प्रगट होगी। सरल भाषा में इसका अर्थ यह है कि परमेश्वर का निर्णय और अवज्ञा पर उसकी कठोर प्रतिक्रिया एकदम स्पष्ट और उद्घाटित होगी।
पृष्टभूमि और संदर्भ
यहेज़्केल की पुस्तक में गागराल महायुद्ध के पूर्व के भरोसे और चेतावनी का चित्रण है। यह पर्वत-राज्य गोग और मगोग के आक्रमण की भविष्यवाणी है, जो दुष्कर दबावों और विरोध के समय परमेश्वर की प्रतिक्रियात्मक महिमा को दर्शाती है। खास बात यह है कि आक्रमण के समय परमेश्वर की जलजलाहट extérieure रूप से भी प्रकट होती है, ताकि जान लिया जाए कि वह अत्याचार के विरुद्ध है और अपने लोगों की रक्षा का संकल्प पूरा करेगा।
interpretative observations
थीमेटिक सार
क्रॉस-रेफरेंसे
1) यहूदियों के भविष्य की रक्षा के बारे में अन्य भविष्यवाणियाँ: यह स्पष्ट है कि परमेश्वर अपने लोगों की सुरक्षा के लिए शक्तिशाली हस्तक्षेप करेगा।
2) अन्य उद्धारक घटनाओं में जलजलाहट का प्रतीकात्मक अर्थ: परमेश्वर की चेतावनी और न्याय दोनों एक साथ आते हैं ताकि पथ बदलाव संभव हो सके।
3) परमेश्वर का उद्धार और न्याय: समय-समय पर ईश्वर अपने क्रोध को भी प्रयोग में लाते हैं ताकि बुराई न बढ़े और चिंता में पड़े लोग सचेत हों।
फर्क-भिन्न उद्धरण से संकलन
यह पंक्ति किसी भी प्रमुख टिप्पणीकार के सार्वजनिक-डायरेक्टअनुमान के साथ पढ़ने पर गहरी सादगी और स्पष्टता देती है: “जिस दिन गोग चढ़ाई करेगा, उसी दिन मेरी जलजलाहट मेरे मुख से प्रगट होगी।”
यदि आप पाठ-समझ के लिएMatthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke की संक्षिप्त विचारवाहियाँ देखें, तो वे परमेश्वर के न्याय और रक्षा के मिलन को अलग-थलग नहीं छोड़ते।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
अनुदेशात्मक निष्कर्ष
यह उद्धरण प्रभु के क्रोध और उद्धार की दोहरी वास्तविकता को प्रकट करता है: जब दुष्टता चरम पर होती है, तब परमेश्वर की जलजलाहट मुख से निकलती है; परंतु वह अपने लोक के लिए कल्याणकारी उद्धार भी बनाते हैं। जीवन के कठिन समय में यह स्मरण रखना चाहिए कि परमेश्वर सर्वश्रेष्ठ न्यायी और सच्चा उद्धारकर्ता है, जो अपने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए उचित कदम उठाता है।