Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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अपने समय और भूमि से बाहर एक साथ उठना: यहेजकेल 39:2 पर टिप्पणी
पद: यहेजकेल 39:2 — “मैं तुझे घुमा ले आऊँगा, और उत्तर दिशा के दूर-दूर देशों से चढ़ा ले आऊँगा, और इस्राएल के पहाड़ों पर पहुँचाऊँगा।” यह वही वादा है जिसमें एक परमेश्वर अपने दायरे से बाहर निकलकर फिलहाल चक्र में बदलाव की आशा दिखाते हैं। यहोवा कहता है कि वह शत्रु देशों से यहूदियों को पुनः अपने देश की ओर घुमा लेंगे; यह न केवल भौगोलिक परिवर्तन है, बल्कि एक धार्मिक-आत्मिक पुनर्स्थापना का संकेत है।
निकट सा संदर्भ: नज़र डालना क्या बताता है?
– इस verse में ईश्वर अपने पवित्र लोगों को फिर से उनके देश में ला रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसकी योजना में दयालु संहार के बाद भी पुनर्स्थापना और उद्धार है।
दैविक पाठ और शब्दावली
– घुमा ले आना: यहाँ “घुमाने” से संकेत मिलता है कि यह योजना अचानक नहीं, बल्कि नियोजित क्रमानुसार होगी; God will turn them back from their exile to a land of blessing.
– उत्तर दिशा के दूर-दूर देशों से: यह संकेत देता है कि विविध स्थानों से लोग आकर एक साथ एक ही उद्देश्य के लिए सम्मिलित होंगे—अपनी धरोहर-आस्था की पुनःस्थापना।
संदेश की गहराई: विश्वास में परमेश्वर की क्रिया
इस प्रकरण में परमेश्वर के पूर्ण नियंत्रण का अभिव्यक्ति है: वह अपनी सन्तानों को उनके कष्ट-काल से बाहर खींचते हैं और उन्हें नई भूमि दी जाती है। यह दया, न्याय और उद्धार की एक साथ चाल है। परामर्श देता है कि विश्वासजीवन में निराशा के क्षणों के बावजूद परमेश्वर की योजना सुरक्षित है और वह अपने लोगों को पुनः ढालने के लिए कदम उठाता है।
क्रॉस-रेफरेंस सोचना: ज़रूरी लिंक
न्याय और आशा के इस संयोजन से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर हर परिस्थिति से ऊपर है और विवाह-स्थापना के लिए संपूर्ण प्रयास कर रहा है।
आधुनिक अनुप्रयोग
– जीवन के अस्थिर क्षणों में भी परमेश्वर की योजना आशा देती है: जो लोग विदेश-यात्रा या संघर्ष में हैं, वे जानते रहें कि ईश्वर उन्हें सुरक्षित ढंग से उनकी संबद्ध भूमि या जीवन भूमिका तक पहुँचाने में सक्षम हैं।
– समुदाय के पुनःएकीकरण की प्रेरणा दें: अलग-अलग पथ पर चले लोगों को एक साथ लाकर, विश्वास के एक मजबूत संघ का निर्माण हो सकता है।
एक संयुक्त अवलोकन
यहेजकेल 39:2 हमें दिखाता है कि परमेश्वर उद्धार के कार्यक्रम को ग्रहण करते हैं—जिन्होंने exile में समय बिताया, वे फिर से एक-स्थान, एक-दिशा, एक ध्येय के साथ लौटेंगे। यह प्रतिज्ञा न सिर्फ भौगोलिक वापसी है, बल्कि हर हृदय के आस्था-घनत्व को पुनर्जीवित करने वाला आह्वान है।
उद्धृत दृष्टांत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से पाठक-उद्धरण के लिए आवश्यक पंक्तियाँ संक्षेप में शामिल हैं; पूर्ण टेक्सट उपलब्ध नहीं।