Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यहेजकेल 1 यहेजकेल 2 यहेजकेल 3 यहेजकेल 4 यहेजकेल 5 यहेजकेल 6 यहेजकेल 7 यहेजकेल 8 यहेजकेल 9 यहेजकेल 10 यहेजकेल 11 यहेजकेल 12 यहेजकेल 13 यहेजकेल 14 यहेजकेल 15 यहेजकेल 16 यहेजकेल 17 यहेजकेल 18 यहेजकेल 19 यहेजकेल 20 यहेजकेल 21 यहेजकेल 22 यहेजकेल 23 यहेजकेल 24 यहेजकेल 25 यहेजकेल 26 यहेजकेल 27 यहेजकेल 28 यहेजकेल 29 यहेजकेल 30 यहेजकेल 31 यहेजकेल 32 यहेजकेल 33 यहेजकेल 34 यहेजकेल 35 यहेजकेल 36 यहेजकेल 37 यहेजकेल 38 यहेजकेल 39 यहेजकेल 40 यहेजकेल 41 यहेजकेल 42 यहेजकेल 43 यहेजकेल 44 यहेजकेल 45 यहेजकेल 46 यहेजकेल 47 यहेजकेल 48Verse
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क्यों यह पद महत्वपूर्ण है
यहेजकेल 47:5 का यह वाक्यादृश्य न केवल भविष्यदर्शी नदी के चमत्कार को दर्शाता है, बल्कि यह यहूदी निर्वासन के समय में आशा, शुद्धि और परमेश्वर की उपस्थित शक्ति का प्रतीक बनकर उभरता है। नदी का बढ़ना और पार न किया जा सकना उस परिवर्तन की तीव्रता बताता है जो परमेश्वर के काम में मानव सीमा से ऊपर होता है।
मूल संदर्भ
यह पद यहेजकेल 47 के एक बड़े दृश्य का हिस्सा है जिसमें यहोवा ने भविष्यवाणी की कि मंदिर के दायरे से एक नदी निकलेगी जो भूमि को जीवन और समृद्धि देगी। पहले यह नदी छोटे स्तर पर शुरू होती है, फिर चरण-दर-चरण गहरी होती जाती है। यहाँ "एक हजार हाथ" मापकर बताया गया है कि नदी कितनी बढ़ी — इतना गहरा कि लेखक स्वयं पार न कर सका। यह दृश्य निर्वासन के दुख के बीच भविष्य में आने वाली पूर्ण बहाली और पवित्रता के शासन का संकेत देता है।
मुख्य संदेश
मुख्य संदेश यह है कि परमेश्वर का पुनरुद्धार और आशीर्वाद प्रगतिशील और बढ़ता हुआ होता है: वह छोटे आरंभ से बड़े व्यापक प्रभाव तक ले जाता है। नदी का इतना गहरा होना बताता है कि परमेश्वर का काम अंततः मानव शक्ति से परे, संपूर्ण और जीवन देने वाला होगा। यह आस्था को आमंत्रित करता है कि हम सीमित समझ से परे परमेश्वर की विराट कृपा पर भरोसा रखें।
समर्थक बाइबिलीय विषय
इस पद से जुड़े प्रमुख बाइबिलीय विषय हैं:
प्रासंगिक क्रॉस-रेफरेंसेज़
कुछ उपयोगी संदर्भ जो इस दृश्य को और रोशन करते हैं:
अलंकृत टिप्पणियाँ (Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke)
इन पुरातन टिप्पणीकारों ने नदी के आकार और प्रभाव पर तल्ख़ परन्तु सारगर्भित टिप्पणियाँ दी हैं। Matthew Henry का संक्षिप्त उद्धरण उपयोगी है: "The waters increase, and they are made a great river; so faith and hope grow by degrees." (Matthew Henry का संक्षेप उद्धरण)। Albert Barnes और Adam Clarke ने भी इस विस्तार में मानवता पर नदी के रूप में होने वाले प्रभाव और पवित्रता के प्रसार पर विचार व्यक्त किए हैं।
व्यावहारिक आवेदन और ध्यानार्थ
यह पद हमें प्रेरित करता है कि छोटी शुरुआतों को तुच्छ न समझा जाए; परमेश्वर की योजना धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से बढ़ती है। जब जीवन में तंगी और विरलता हो, तो यह दृश्य याद दिलाता है कि आशा का स्रोत स्थिर है और समय के साथ व्यापक रूप लेगा। आध्यात्मिक रूप से यह बुलावा है कि हम अपनी सीमित समझ के साथ परे जाकर परमेश्वर की विशालता और उपचारकारी शक्ति पर निर्भर रहें।
संक्षेप
यहेजकेल 47:5 एक जीवंत चित्र प्रस्तुत करता है — परमेश्वर की वृद्धि करती हुई कृपा जो जीवन, शुद्धि और बहाली लाती है। नदी का गहराना हमें विश्वास और आशा की उस वास्तविकता का प्रमाण देता है जो समय के साथ और अधिक प्रभावशाली होती है; इसलिए हमें धैर्य, समर्पण और परमेश्वर के काम पर भरोसा रखना चाहिए।