यहेजकेल 7:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

“प्रभु यहोवा यह कहता है: विपत्ति है, एक बड़ी विपत्ति है! देखो, वह आती है।

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यहेजकेल 7:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

यहेजकेल 7:5 का स्पष्ट अर्थ

मुख्य संदेश: परमेश्वर यहोवा की ओर से चेतावनी है कि विपत्ति आ रही है और उसका समय नजदीक है; यह निस्संदेह एक बड़ी और निर्णायक स्थिति है जो राज्य और लोगों के लिए कठोर परीक्षा बनेगी।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

यहेजकेल का संदेश बन्धन-काल की पवित्र चेतावनियों के बीच आता है। यह किताब उन लोगों के लिए है जो परमेश्वर से विमुख राष्ट्रों और उनके धर्म-कार्य की चाल से सतर्क नहीं रहते। यहाँ वाणी स्पष्ट रहती है कि भ्रष्टाचार, अवज्ञा और अस्थिर नैतिकता के कारण विपत्ति अनिवार्य हो चली है। यहहेजकेल 7 के उद्घोष में तीव्रता शून्य नहीं रहती; यह एक आध्यात्मिक और सामाजिक अंतःस्थिति के बारे में है—जहाँ समय नजदीक है औरचन से पहले चेतावनी दी जा रही है।

व्याख्यात्मक अवलोकन

- यह संदेश अचानक घटित होने वाले दुख की पुष्टि करता है, जिसमें “ एक बड़ी विपत्ति ” है, अर्थात अंतिम, निर्णायक चोट जो नागरिक और मंदिर-जीवन दोनों के लिए है।

- यहोवा के न्याय के संकेत के रूप में यह आगाह है कि इस अवस्था में कोई सुरक्षा-स्रोत, कोई बचाव नहीं दिखेगा—न कोई राजा, न सीधा कानून, न कोई परंपरा-तंत्र।

- इस प्रवृति का कारण स्वयं जनता का पाप, चंचलता और परमेश्वर से दूरी है; चेतावनी है कि उनके कर्मों के परिणाम अत्यंत कठोर होंगे।

टीका-नोट्स (संक्षेप)

  • मैथ्यू हेनरी: विपत्ति का संदेश व्यक्तिगत और सामाजिक पापकर्म के परिणामस्वरूप आता है; यह दया और न्याय के संतुलन को दर्शाता है।
  • एलबर्ट बार्न्स: परमेश्वर के उद्घोष में तात्कालिकता है—जो समय पर चेतावनी देकर लोगों को फेरा देता है, ताकि वे पश्चाताप करें।
  • एडम क्लार्क: राज-सभा और धार्मिक समुदाय के भीतर अस्थिरता के कारण यह विपत्ति अवश्य है; भीतर के भ्रष्टाचार बाहरी संकट को बढ़ाता है।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ और उनके सम्बन्ध

- प्रकाशित न्याय के विचार: यहेजकेल 5–6 में भी उसी थीम को दोहराया गया है कि पाप के कारण विनाश आता है; यह एक समान चेतावनी है जो स्थान और समय से परे है।

- यशायाह 33:1 के प्रकार में भी देखा जा सकता है कि असीम प्रभु के क्रोध के समय में सही चेष्टा की जरूरत होती है—अवसर पर ध्यान ताकि दया भी पाई जा सके।

- हबक्कुक 2:3-4 के विश्वासयोग्य धैर्य की सीख, कि जो कुछ भी हो रहा है उसका विकास समय पर होगा; दृढ़ विश्वास बनाए रखना आवश्यक है।

संक्षिप्त व्यवहारिक निष्कर्ष

1) तत्काल चेतावनी: विपत्ति आने वाली है—इसलिए आत्म-निरीक्षण और पश्चाताप आवश्यक है।

2) समुदाय की भूमिका: सामाजिक और आध्यात्मिक भ्रष्टाचार से पीछे न हटें; एकता और सत्य के मार्ग पर चलना ही सुरक्षा है।

जीवंत सार: यहहेजकेल 7:5 हमें याद दिलाता है कि परमेश्वर की धर्म-वीरता और न्याय कभी दरकिनार नहीं होता; विपत्ति का समय वह होता है जब आदमी अपने दोषों को पहचानकर परमेश्वर के प्रति लौटे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यहेजकेल 7:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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