Old Testament
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हाग्गै 2:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, उस दिन, हे शालतीएल के पुत्र मेरे दास जरुब्बाबेल, मैं तुझे लेकर अँगूठी के समान रखूँगा, यहोवा की यही वाणी है; क्योंकि मैंने तुझी को चुन लिया है, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।”
हाग्गै 2:23 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हाग्गै 2:23 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 43:10 (HINIRV) »
यहोवा की वाणी है, “तुम मेरे साक्षी हो और मेरे दास हो, जिन्हें मैंने इसलिए चुना है कि समझकर मेरा विश्वास करो और यह जान लो कि मैं वही हूँ। मुझसे पहले कोई परमेश्वर न हुआ और न मेरे बाद कोई होगा। (यूह. 1:7-8, यशा. 45:6)

यिर्मयाह 22:24 (HINIRV) »
“यहोवा की यह वाणी है: मेरे जीवन की सौगन्ध, चाहे यहोयाकीम का पुत्र यहूदा का राजा कोन्याह, मेरे दाहिने हाथ की अँगूठी भी होता, तो भी मैं उसे उतार फेंकता।

यशायाह 42:1 (HINIRV) »
मेरे दास को देखो जिसे मैं सम्भाले हूँ, मेरे चुने हुए को, जिससे मेरा जी प्रसन्न है; मैंने उस पर अपना आत्मा रखा है, वह जाति-जाति के लिये न्याय प्रगट करेगा। (मत्ती 3:17, लूका 9:35,2 पत. 1:17)
संदर्भ और संक्षिप्त व्याख्या
हाग्गै 2:23 नीचे के संदर्भ में पोस्ट-एक्सिलिक पुनर्निर्माण के समय की भविष्यवाणी है। यह पद जरुब्बाबेल को प्रतिज्ञा और सार्वजनिक मान्यता देता है — वह शासक और परमेश्वर की चुनी हुई हस्ती के रूप में प्रस्तुत है। पुश्तैनी और राजनैतिक कठिनाइयों के बीच यह वचन आश्वासन और भविष्य की नियुक्ति का सूचक है।
मुख्य अर्थ
परमेश्वर यहाँ जरुब्बाबेल को "अँगूठी के समान" रखने का वादा करता है। पुरानी रीति में अंगूठी राजा की प्रमाणिकता और अधिकार का चिह्न होती थी; किसी को अंगूठी देना राजा की ओर से आधिकारिक नियुक्ति और प्रतिनिधित्व माना जाता था। इसलिए पद का मूल अर्थ यह है कि जरुब्बाबेल को परमेश्वर ने विशेष दायित्व और संरक्षण देकर चुना है; वह दैवीय सत्ता के तहत कार्य करेगा और उसकी नियुक्ति परमेश्वर के फैसले से सुरक्षित रहेगी।
कुंजी विषय
संबंधित पद और उनके सम्बन्ध
- नहेमायाह 2 तथा 6 में पुनर्निर्माण और नेतृत्व के संघर्ष दर्शते हैं; यहाँ का वचन बताता है कि असली अधिकार परमेश्वर से आता है, न कि विरोधियों की चालों से। - यिर्मयाह 29 और समान आश्वासनों में परमेश्वर अपने चुने हुए लोगों के भविष्य और कल्याण का वचन देता है—यहाँ भी जरुब्बाबेल के लिए भविष्य-आश्रय है। - मत्ती 16:18-19 में चर्च को दिए अधिकार की नुमाइश भी देखी जा सकती है; दोनों स्थानों पर प्रभु की नियुक्ति और प्रतिनिधित्व का विचार मौजूद है।
व्यावहारिक चिंतन
इस पद से आज के पाठक हेतु तीन व्यवहारिक संकेत मिलते हैं: सबसे पहले, नेतृत्व और जिम्मेदारी केवल मानवीय मान्यता पर निर्भर नहीं होती; परमेश्वर की प्रेरणा और अनुमोदन सर्वोपरि है। दूसरे, कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर की नियुक्ति समस्या के पार खड़ी शक्ति है—यह प्रेरणा और धैर्य देती है। तीसरा, जिस प्रकार अंगूठी अधिकार का चिह्न थी, उसी प्रकार हमारे लिए भी प्रभु का आह्वान धार्मिक व नैतिक जवाबदेही का कारण बनता है; चुने जाना संरक्षण के साथ उत्तरदायित्व भी लाता है।
पुरानी टीकाकारों से संक्षेपित अन्तदृष्टि
अल्बर्ट बर्न्स इस पद में परमेश्वर की प्रतिज्ञा पर बल देते हैं कि चुना हुआ व्यक्ति इतिहास में भगवान के उद्देश्य में प्रतिबद्ध होता है। मैथ्यू हेनरी लिखते हैं कि यह संकेत है कि परमेश्वर न केवल अधिकार देता है बल्कि अपनी ओर से उस व्यक्ति को संभाले रखता है। (उपरोक्त लेखकगण के अंशों की सटीक उद्धरण-शैली यहाँ संक्षेप में समाहित की गयी है।)
निष्कर्ष
हाग्गै 2:23 एक आश्वस्त करने वाला वचन है: परमेश्वर अपने लोगों के नेताओं को सार्वजनिक रूप से नियुक्त कर देता है और उन्हें संरक्षित रखेगा। चाहे विरोध और हतोत्साह हों, परमेश्वर का चयन और अधिकार अटल है। यह पद हमें यह भी सिखाता है कि चुना जाना वरदान के साथ जिम्मेदारी लाता है—जो प्रभु द्वारा नियुक्त है, उसे विश्वास के साथ काम करना और ईमानदारी से जिम्मेदारी निभानी चाहिए।