Old Testament
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हाग्गै 2:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
'तुम में से कौन है, जिस ने इस भवन की पहली महिमा देखी है? अब तुम इसे कैसी दशा में देखते हो? क्या यह सच नहीं कि यह तुम्हारी दृष्टि में उस पहले की अपेक्षा कुछ भी अच्छा नहीं है?
हाग्गै 2:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हाग्गै 2:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
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एज्रा 3:12 (HINIRV) »
परन्तु बहुत से याजक और लेवीय और पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष, अर्थात् वे बूढ़े जिन्होंने पहला भवन देखा था, जब इस भवन की नींव उनकी आँखों के सामने पड़ी तब फूट फूटकर रोने लगे, और बहुत से आनन्द के मारे ऊँचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे।

यहेजकेल 7:20 (HINIRV) »
उनका देश जो शोभायमान और शिरोमणि था, उसके विषय में उन्होंने गर्व ही गर्व करके उसमें अपनी घृणित वस्तुओं की मूरतें, और घृणित वस्तुएँ बना रखीं, इस कारण मैंने उसे उनके लिये अशुद्ध वस्तु ठहराया है।

हाग्गै 2:9 (HINIRV) »
इस भवन की पिछली महिमा इसकी पहली महिमा से बड़ी होगी, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है, और इस स्थान में मैं शान्ति दूँगा, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी 'है।”
हाग्गाई 2:3 का टिप्पणी: पहली महिमा बनाम वर्तमान दशा
इस पंक्ति में भगवान के प्रवचन के समय के संदर्भ में देश-निकास की चोट से उभरते पिता-पुत्र जैसे प्रश्न उठते हैं। हाग्गाई नबी ने यहूदियों को यह याद दिलाने के लिए संदेश दिया कि मंदिर-वृत्त के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया में जो कमी-सी लगती है, वह अस्थाई है और परमेश्वर के उद्देश्य के अनुसार यह अंश-यात्रा है। पहली महिमा से तात्पर्य पुराना मंदिर के समय की भव्यता और सामाजिक-सांस्कृतिक शक्ति से है, जिसे देखकर लोग नए भवन की अवस्था को निम्न मान लेते हैं। यहाँ यह प्रश्न नबी के मन-आकाश से निकलकर जन-मानस में गया: क्या अब यह नया भवन पहले से अच्छा नहीं लग रहा? इस सवाल का उद्देश्य नहीं कि पुराने समय को महिमान्वित किया जाए, बल्कि यह दिखाने के लिए है कि परमेश्वर की प्रेरणा और लक्ष्य पुराने ढांचे से ऊपर है।
पद की चर्चा: इस समय, दृष्टीकोंण और उद्देश्य
2:3 में नबी हाग्गाई जनता से पूछ रहा है कि जिन्होंने पूर्व मंदिर की महिमा देखी है, वे आज के निर्माण की दशा कैसे देखते हैं। यह एक आत्म-चेतना का आह्वान है: भले ही वर्तमान उद्देश्य—यानी पवित्र मन्दिर का पुनर्निर्माण—कठिन, अस्थिर या धीमा क्यों न लगे, परमेश्वर का सम्मान और उसकी योजनाएं अभी भी पूर्ण होनी चाहिए। इस पंक्ति में उद्गार यह भी है कि इस समय के अनुभव को आँखों की दृष्टि से आंका जाए, न कि केवल अतीत के धवल-आलोक से प्रेरित होकर आंकड़ा किया जाए।
मुख्य आध्यात्मिक शिक्षण
अन्य पवित्र पाठ्यों से तुलनात्मक विचार
• एक समान संकट में बाबुलनियों के समय दानशीलता और प्रतीक्षा की शिक्षा मिलती है: पुराने समय की महिमा की तुलना में नई दावतों का आशीर्वाद अधिक स्थिर और गहरा होता है।
• पुराने मंदिर की भव्यता का स्मरण, नए मंदिर के कार्य-उद्देश्य के साथ मिश्रित होकर, लोगों के दिलों को प्रोत्साहन देता है कि वे प्रभु के घर के औचित्य पर ध्यान दें।
• भविष्य के परमेश्वर के घर की महिमा समय के साथ बढ़ती है, यह विश्वास-बद्ध दृष्टिकोण है जो दिखाता है कि परमेश्वर की योजना लगातार उन्नत है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
नीचे की प्रमुख क्रॉस-रेफरेंसेज़
• हाग्गाई 1:4 — नया भवन बनते समय पुरानी महिमा की तुलना के प्रति प्रभु की दृष्टि का संकेत देता है।
• यहेजकेल 40–48 — मंदिर-निर्माण के बारे में गहन विवरण, जो वर्तमान अवसरों को भी पवित्र नियुक्ति की दिशा में निर्देशित करता है।
• हबक्कुक 2:3 — यह भी दिखाता है कि दृष्टि समय के साथ स्पष्ट होगी, यदि धैर्य रखा जाए।
संक्षिप्त सार
यहाँ नबी हाग्गाई ने लोगों को स्मरण कराया कि परमेश्वर की योजना पुराने ढांचे से अधिक अस्थायी नहीं, बल्कि भविष्य की महिमा से प्रेरित है। वर्तमान भवन की दशा चाहे कैसी भी लग रही हो, उसका उद्देश्य परमेश्वर के प्रतिष्ठान और श्रद्धा-जीवन को मजबूत करना है। विश्वास, धैर्य, और समुदायिक सहयोग से यह महिमा सामने आएगी।
नोट: यह टिप्पणी Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के सामान्य प्रभाव से संयुक्त रूप में संकलित है; किसी-किसी भाग में उनके शब्दों का संक्षिप्त संकेत दिया गया है।