Old Testament
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एज्रा 3:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु बहुत से याजक और लेवीय और पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष, अर्थात् वे बूढ़े जिन्होंने पहला भवन देखा था, जब इस भवन की नींव उनकी आँखों के सामने पड़ी तब फूट फूटकर रोने लगे, और बहुत से आनन्द के मारे ऊँचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे।
एज्रा 3:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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एज्रा 3:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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हाग्गै 2:3 (HINIRV) »
'तुम में से कौन है, जिस ने इस भवन की पहली महिमा देखी है? अब तुम इसे कैसी दशा में देखते हो? क्या यह सच नहीं कि यह तुम्हारी दृष्टि में उस पहले की अपेक्षा कुछ भी अच्छा नहीं है?

भजन संहिता 126:6 (HINIRV) »
चाहे बोनेवाला बीज लेकर रोता हुआ चला जाए, परन्तु वह फिर पूलियाँ लिए जयजयकार करता हुआ निश्चय लौट आएगा। (लूका 6:21)

एज्रा 3:12 का संदर्भ और दृष्टि
यह पद एज्रा 3 में ईज़्राइल के पुनर्निर्माण के समय के दृश्य का भाग है। वापस लौटे हुए यहूदी लोग मंदिर की नींव डालने के अवसर पर एक साथ एकजुट थे। कुछ पुरानी पीढ़ी के सदस्य—याजक, लेवीय और पूर्वजों के घरानों के प्रमुख पुरुष—जो पहली इमारत का स्मारक देख चुके थे, वे रोने लगे; उनकी आंसुओं में पुरानी बलिदानीय समृद्धि और भंग हो चुके स्वप्न का दर्द था। वहीं दूसरी ओर युवा और संतुष्ट उन्मुख लोग आनन्दित जयजयकार कर रहे थे, नये मंदिर की नींव पर खुशियों से गाते और पुलकित हो रहे थे। इस दृश्य से एक द्वंद्व उभरता है: पुराने इतिहास के दर्द और नए आशाओं के उत्साह के बीच एक संतुलन बनना आवश्यक था।
मुख्य समझ
इस Verse में दो ध्रुव एक साथ चलते दिखते हैं—गहरी स्मृतियों वाला दुःख और नई आशाओं का उल्लास। पुराने पीढ़ी के रोने से यह स्पष्ट होता है कि पुनर्निर्माण की राह में इतिहास का बोझ मौजूद है, जबकि नए पीढ़ी का जयजयकार यह दर्शाता है कि परमेश्वर के वरदान के पुनः आरम्भ की किरण दिखाई दे रही है। हाला कि दोनों प्रतिक्रियाएं मान्य हैं, परन्तु उनकी संगति में एक संतुलन आवश्यक है: श्रद्धा के साथ स्मरण और उत्साह के साथ निर्माण।
तीन प्रमुख विषय
अनुसंगित पदों के साथ संकलन
कई अन्य ग्रंथों में भी पुरानी स्मृतियों के बोझ और नई सेवा के उत्साह की परस्परता स्पष्ट है:
यह स्पष्ट करता है कि復istoric स्मृतियाँ और नव-निर्माण एक-दूसरे के पूरक हैं, न कि एक-दूसरे के विरोधी।
व्यावहारिक विचार
आज के विश्वासियों के लिए यह पाठ प्रेरणा देता है कि धार्मिक समुदाय कैसे भविष्य के लिए तैयार रहे: समुदाय के हर भाग से मेल-जोल, पुरानी यादों का सम्मान, और नई सेवाओं के अवसरों को अपनाने का साहस। कभी-कभी दर्दनाक स्मृतियाँ आती हैं, परन्तु परमेश्वर की योजना में समन्वय बनाकर ही मंदिर-like समुदाय मजबूत बनता है—यही वास्तविक आध्यात्मिक निर्माण है।
संक्षिप्त समापन
एज्रा 3:12 में पुराने और नए के बीच चल रहा संघर्ष संतुलन और आशा का पाठ देता है। रोना और जयजयकार एकसाथ हो सकते हैं जब दोनों परमेश्वर की योजना के अनुरूप हों। इतिहास की याद और भविष्य की आशा मिलकर एक सफल पुनर्निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
क्या देखें: संदर्भ-नोट
यद्यपि इस पाठ में “याजक और लेवीय और पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष” का उल्लेख है, उनके दोहरी अनुभूतियाँ दर्शाती हैं कि परमेश्वर के घर के पुनर्निर्माण में सभी के दिल एक समान धुन पर लग जाएँ तो ही सामूहिक आराधन बढ़ता है।
उद्धरण नोट: इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सीधे पूर्ण उद्धरण आवश्यक नहीं हैं, पर उनके विचार इस समवेश में प्राकृतिक रूप से समाहित किए गए हैं।